रांची में झोलाछाप डाक्टरों के सम्मान में जुटे ग्रामीण, किया सम्मान समारोह आयोजित, जमकर की झोलाछाप डाक्टरों की प्रशंसा

रांची में इन दिनों एक समाचार की खुब चर्चा है। ये चर्चा रांची के नेवरी गांव की है, जहां ग्रामीणों ने झोला छाप डाक्टरों को सम्मानित किया है। ग्रामीणों का कहना है कि इन झोला छाप डाक्टरों ने ही ग्रामीणों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, अगर ये नहीं होते तो कोरोना से लड़ रहे ग्रामीणों को बचाना मुश्किल होता। इन ग्रामीणों की यह भी मांग है कि इन झोला छाप डाक्टरों का मनोबल बढ़ाया जाय, उन्हें प्रशिक्षित किया जाय।

रांची में इन दिनों एक समाचार की खुब चर्चा है। ये चर्चा रांची के नेवरी गांव की है, जहां ग्रामीणों ने झोला छाप डाक्टरों को सम्मानित किया है। ग्रामीणों का कहना है कि इन झोला छाप डाक्टरों ने ही ग्रामीणों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, अगर ये नहीं होते तो कोरोना से लड़ रहे ग्रामीणों को बचाना मुश्किल होता। इन ग्रामीणों की यह भी मांग है कि इन झोला छाप डाक्टरों का मनोबल बढ़ाया जाय, उन्हें प्रशिक्षित किया जाय।

ताकि ग्रामीणों को बेहतर लाभ मिल सकें, क्योंकि जो स्थितियां-परिस्थितियां हैं, जो सिस्टम हैं, उस सिस्टम से सभी का इलाज हो पाना असंभव है। इन ग्रामीणों ने इन झोला छाप डाक्टरों को सम्मानित ही नहीं किया, बल्कि एक समाचार ड्राफ्ट कर राज्य के सभी प्रमुख अखबारों को भेजा, कुछ अखबारों ने संक्षेप में इस खबर को छापा, तो कई ने झोला छाप डाक्टर का मामला आते ही स्वयं को दूर कर लिया, सूत्रों का कहना है कि ये सम्मान समारोह की बात कोई ज्यादा दिनों की नहीं हैं।

जरा देखिये नीचे झोला छाप डाक्टरों के सम्मान में ग्रामीणों ने कितनी सुंदर समाचार की ड्राफ्टिंग की है। इतनी सुंदर ड्राफ्टिंग की आप दांतों तले अंगूली दबा लें। मतलब झोला छाप डाक्टरों के सम्मान में अब समाचार भी ग्रामीण खुद लिखने लगे हैं, और उसे वायरल भी करा रहे हैं। वह भी ऐसे समय में जब इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), योगगुरु बाबा रामदेव से हर प्रकार से युद्ध लड़ने के लिए सड़क पर उतर चुका है।

ऐसे में ये समाचार आपको जरुर सुकुन ही नहीं देगा, बल्कि गुदगुदाने पर मजबूर कर देगा। मतलब अभी तक किसी ने भले ही योग्य व अनुभवी डाक्टरों को सम्मानित न किया हो, पर झोलाछाप डाक्टरों का तो अभिनन्दन समारोह हो ही गया। नीचे वह प्रेस विज्ञप्ति हैं, जो कुछ दिन पहले समाचार पत्रों को संप्रेषित किया गया,  हालांकि ये समाचार अब सोशल साइट पर भी वायरल हो रहा है।

“कोरोना के इस दुखद दूसरी लहर के कारण देश में चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। इस कहर की चपेट में आए लोगों को दुआ के साथ-साथ दवा और समुचित इलाज की जरूरत है, देश के लगभग सभी गांव कस्बों शहरों में ग्रामीण डॉक्टर (झोलाछाप डॉक्टर) मरीजों का इलाज कर रहे हैं। नेवरी के ग्रामीणों ने शुक्रवार को कोरोना काल मे बेहतर चिकित्सा सेवा देने वाले तीन ग्रामीण डॉक्टरों को सम्मानित किया।

कोरोना काल के दूसरी लहर में भयावहता के समय जब सभी छोटे बड़े अस्पताल मरीजों की भर्ती नहीं ले रहे थे, उस समय ग्रामीण डॉक्टर ही मरीजों के लिए मसीहा बने थे, जिनके बेहतर चिकित्सा सेवा के चलते नेवरी पंचायत आसपास के 500 से अधिक मरीज आज स्वस्थ हैं। जिसको देखते हुए नेवरी अंजुमन के सदर जाकिर अंसारी के नेतृत्व में नेवरी गांव के तीन ग्रामीण डॉक्टर को शॉल ओढ़ाकर व माला पहनाकर सम्मानित किया गया।

सम्मानित किए जाने वाले में डॉक्टर में अमान अंसारी, डॉ सगीउद्दीन अंसारी और डॉक्टर समून अंसारी शामिल है। मौके पर सम्मानित कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे जाकिर अंसारी ने बताया कि ग्रामीण का इलाज में किसी तरह की कोई कमी इन ग्रामीण डॉक्टरों द्वारा कोई कमी नहीं हुआ। आज उनके बेहतर चिकित्सा सेवा से कई लोग स्वस्थ होकर बेहतर जीवन गुजार रहे हैं।

कोरोना की दूसरी लहर की भयावहता को देखते हुए देश के अधिकतर हिस्से में लॉकडाउन लगाया जा चुका है, अस्पतालों में मरीजों को भर्ती नहीं कराया जा रहा है, ऐसे समय में ग्रामीण क्षेत्र के डॉक्टर ही लोगों के लिए मसीहा बने हुए हैं। शासन प्रशासन को कोरोना के इस गंभीर व विकट समय में इन झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई करने के बजाय इन्हें कोरोना विशेषज्ञों और जानकार डॉक्टरों के माध्यम से प्रशिक्षित करना चाहिए ताकि दूरदराज के इलाकों में बीमार मरीजों को इनकी सेवा दे सकें।

इस नाजुक वक्त में ऐसे डॉक्टरों की सेवा लेने में कोई बुराई नहीं है, तंत्र की कमजोरी के कारण गांव में डॉक्टरों का अभाव है जबकि हजारों लोग इन ग्रामीण डॉक्टर से इलाज कराकर आज स्वस्थ हो चुके हैं और प्रतिदिन ग्रामीण डॉक्टरों से आज भी लोगों का इलाज हो रहा है। इस अवसर पर मुख्य रूप से नेवरी पंचायत के उप मुखिया नसीम अंसारी, हाफिज अतहर इमाम, सदर मुस्ताक अंसारी, जहांगीर अंसारी, क्यामुद्दीन अंसारी, सेक्रेटरी आबिद अंसारी, हाफिज जियाउल्लाह अंसारी, इमरान अंसारी, दानिश अंसारी, हाफिज शिबली, माज अली, हाफिज अशफाक, सहित अन्य लोग शामिल थे।”

Krishna Bihari Mishra

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