राजनीति

रांची के मेन रोड में जो दंगा हुआ, उस दंगे की फाइल किसके दबाव में और क्यों बंद कर दी गई हेमन्त सरकार जवाब दे – संजय सेठ

झारखंड की बदहाली की जिम्मेदार झूठी, मक्कार और भ्रष्ट सरकार के तीन वर्ष पूरे होने वाले हैं। इस झूठी सरकार ने इन तीन सालों में झारखंड की जनता को खूब सब्जबाग दिखाए परंतु हकीकत हम आए दिन अखबारों में पढ़ रहे हैं। टीवी चैनलों में देख रहे हैं। महीने में कई बार तो उच्च न्यायालय की टिप्पणी आ जाती है। जनता त्राहि-त्राहि कर रही है परंतु सरकार भ्रष्टाचार में ही मस्त है। राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, बिजली, रोजगार मतलब हर मुद्दे पर यह सरकार पूरी तरह से विफल है। यह वक्तव्य है सांसद संजय सेठ के, जिन्होंने रांची की लगातार खराब होती स्थिति पर अपने केंद्रीय कार्यालय में कैंडल लाइट प्रेस कांफ्रेंस कर संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि बिजली का आलम यह है कि राजधानी रांची में 6 से 7 घंटे बिजली की कटौती हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो सिर्फ 4 घंटे बिजली मिल रही है। कई उद्योग धंधे बंद होने के कगार पर हैं। लोगों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है, परंतु इन सब से सरकार को कोई मतलब नहीं है। झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स की बात करें, तो वहां की स्थिति पर आए दिन उच्च न्यायालय की टिप्पणी आती है परंतु सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता। संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है कि लाइट काटने से एक नवजात की मौत हो जाती है। आखिर उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? यह सरकार संवेदनहीन हो चुकी है। इसे अब जनता के सरोकार से कोई मतलब नहीं है।

सांसद ने कहा कि रांची की ट्रैफिक व्यवस्था का आलम यह है कि आधे से अधिक ट्रैफिक वाले स्थानों पर टाइमर नहीं चलता है। जाम बेतहाशा है। बार-बार सलाह देने के बाद भी सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंगा, परिणाम है कि आज हर तरफ जाम लग रहा है। जिससे रांची का हर नागरिक परेशान है। श्री सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना एक ऐसी योजना है, जिसके तहत केंद्र सरकार गरीबों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध करा रही है परंतु राज्य सरकार को यहां भी नागवार गुजर रहा है और वह अनाज भी कालाबाजार में बेचा जा रहा है। अभी कुछ दिन पूर्व अखबारों में खबर आई कि ट्रक के ट्रक अनाज गायब कर दिए गए और सरकार चुपचाप बैठी रही।

सांसद ने कहा कि भ्रष्टाचार की कहानी तो पूछिए मत। ईडी अब संपत्तियां जप्त करने में लगी है। झारखंड में कोई एक पूजा सिंघल या अभिषेक झा नहीं हैं। यहां कई पूजा सिंघल कुंडली मारे बैठे हैं। मेरा आग्रह राज्य सरकार से थोड़ी सी भी लोक लज्जा और मर्यादा बची हो तो इन सभी भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई करें। उनकी संपत्ति जप्त करें और इनकी संपत्ति का उपयोग जनकल्याण के काम में किए जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल, स्कूल कॉलेज खोले जाएं। पल्स अस्पताल को भी ईडी के द्वारा जप्त करने की बात सामने आई है। श्री संजय सेठ ने कहा कि राज्य सरकार से मेरा आग्रह है कि ईडी से बात करके उक्त अस्पताल को रिम्स के हाथों दे दिया जाए। इससे और अधिक गरीबों का इलाज हो सकेगा।

सांसद ने कहा कि सबसे दुखद यह है कि मेन रोड में जो दंगा हुआ, उस दंगे की फाइल बंद कर दी गई। आखिर किसके दबाव में इसे बंद किया गया, सरकार को इसका जवाब जनता को देना चाहिए। तीन दिनों तक रांची की जनता बंधक बनी रही। कर्फ्यू का नजारा रहा, इंटरनेट बंद कर दिए। इतना भीषण दंगा हुआ और उसकी फाइल बंद कर दी गई। यह सरकार तुष्टीकरण में डूबी हुई है।

कुल मिलाकर यह सरकार भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण के एजेंडे पर काम कर रही है यह सरकार और कोई एजेंडा बचा नहीं है। कुछ दिन बाद यह सरकार तीन साल का कार्यकाल पूरा करेगी तो झूठ की उपलब्धियां गिनाई जाएंगी। मेरा मानना है कि इस राज्य को इससे निकम्मी और भ्रष्ट सरकार आजतक नहीं मिली। मैं फिर से आग्रह करता हूं कि मान मर्यादा बची है तो या तो पूरी की पूरी सरकार इस्तीफा दे नहीं तो जनता की जो बुनियादी जरूरत है, उन्हें दुरुस्त करने की दिशा में कठोर कदम उठाएं।