परमहंस योगानन्द के बताये ध्यान व क्रिया योग के माध्यम से स्वयं को बेहतर करेंगे योगदा कॉलेज के छात्र

396

इन दिनों श्री परमहंस योगानन्द का जन्मोत्सव सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में जगन्नाथपुर स्थित योगदा सत्संग महाविद्यालय में परमहंस योगानन्द जी का 127वां जन्मोत्सव बड़े ही धुमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी शुद्धानन्द ने छात्र-छात्राओं को बताया कि उनके लिए परमहंस योगानन्द कितने महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अगर आपने ध्यान व क्रिया योग के महत्व को समझ लिया तो समझिये आपका बेड़ा पार होना सुनिश्चित है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में आपके सामने कब, कौन सी परिस्थितियां सुरसा की मुख की तरह आपके सामने उपस्थित हो जाये, ये आप कह नहीं सकते। ऐसे में इन परिस्थितियों से लड़ने और उस पर विजय प्राप्त करने के लिए परमहंस योगानन्द जी का बताया गया मार्ग आज भी प्रासंगिक है, इसे समझने की जरुरत है।

परमहंस योगानन्द जी के जन्मोत्सव मनाने के लिए जुटे छात्र-छात्राओं ने भी स्वीकार किया कि वर्तमान में स्वयं को तनावमुक्त करने एवं एकाग्रता को बनाये रखने के लिए परमहंस योगानन्द जी का बताया गया मार्ग ही सही हैं, और इस मार्ग पर चलकर ही वे अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकते है, जिसका फायदा परिवार, समाज और देश सभी को मिलना तय है।

इस अवसर पर स्वामी धैर्यानन्द ने अपने भजनों से पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया, जो देखनेलायक था। इसी बीच अनन्या व नन्दिनी ने आकर्षक नृत्य व स्नेहा सिंह और अंशुल पांडेय ने अपने विचार प्रस्तुत किये। इस दौरान महाविद्यालय के फाईन आर्ट्स सोसाईटी के बच्चों ने गुरुजी के जीवन और शिक्षा से संबंधित एक प्रदर्शनी भी लगाई।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के सचिव डॉ.बैकुंठ पांडेय, अतिरिक्त सचिव सह प्राचार्य ब्रिगेडियर डॉ.अनिल शर्मा, डॉ. डी.आर.सिंह, विद्यालय सचिव ए.के. सक्सेना, वेद पारीक, शासी निकाय सदस्य रामचंद्र नायक के अलावे विद्यालय एवं महाविद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षकेत्तरकर्मी एवं बड़ी संख्या में छात्र एवं छात्राओं ने भी भाग लिया।

Comments are closed.