राजनीति

रांची DC द्वारा शुल्क संबंधी निर्गत आदेश को विद्यालय संघ ने अंसवैधानिक करार दिया, स्कूल बंद करने की दी धमकी

झारखंड वित्त रहित निजी विद्यालय संघ Jharkhand Un-aided Private School Association (JUPSA) की आपात बैठक Zoom  App के माध्यम से आज 28 जून को अध्यक्ष, अभय मिश्रा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में राज्य के  कई CBSE affiliated Private Schools  एवं Unaffiliated  Private Schools और Play  Schools ने भाग लिया। बैठक का मुद्दा राँची के उपायुक्त द्वारा शुल्क संबंधी निर्गत आदेश था।

इस आपात बैठक में दिनांक 03/06/2021  को रांची के उपायुक्त द्वारा शुल्क संबंधी निर्गत आदेश पर सभी सदस्यों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे असंवैधानिक करार दिया, क्योंकि एक तो उपायुक्त इस प्रकार के आदेश निर्गत करने के लिए सक्षम अधिकारी नहीं हैं और दूसरा की यह मामला झारखण्ड उच्च न्यायालय में लंबित व sub judice है।

हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार के द्वारा पारित आदेश जिसके आलोक में  विभागीय आदेश संख्या 1006 दिनांक 25/06/2021 माध्यमिक शिक्षा निदेशक के द्वारा निकाला गया था उसे खारिज कर दिया गया है जब मूल आदेश जिसके आधार पर राज्य सरकार ने शुल्क ना लेने का आदेश निकाला था खारिज है और उसे सविंधान के विपरीत बताया गया है। इस  निर्णय को देखते हुए तथा दिए गए न्याय निर्णय के आलोक में उपायुक्त के द्वारा निकाला गया आदेश कानून सम्मत नहीं है एवं उनके क्षेत्राधिकार में भी नहीं है।

सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सबसे महत्त्वपूर्ण योगदान देने वाले निजी विद्यालयों का अस्तित्व और प्रतिष्ठा खत्म किया जा रहा है। कथित अभिभावक मंच चलाने वाले लोग जिनका शिक्षा के विकास से कोई लेना देना नहीं है और यह उनका केवल व्यवसाय है । उनके अनुचित प्रभाव में आकर उपायुक्त द्वारा इस प्रकार के असंवैधानिक आदेश देना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।

इस बैठक के विशिष्ट अतिथि विधायक व ऑक्सफोर्ड स्कूल समूह के निदेशक डॉ. एस. बी. पी. मेहता ने कहा कि राज्य के सभी निजी विद्यालय अत्यंत सराहनीय कार्य कर रहे हैं। पूरे देश की शिक्षा में झारखण्ड के विद्यालयों ने अपना परचम  लहराया है। कोरोना काल में निजी विद्यालयों की अथक मेहनत ने यह सुनिश्चित किया कि शिक्षा पटरी पर बनी रहे।

उन्होंने ये भी कहा कि तथाकथित अभिभावक मंच के दुष्प्रचार में आकर उपायुक्त ने जो शुल्क वृद्धि को लेकर आदेश निकाला हैं, वो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने JUPSA को शिक्षा जगत में कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा ये आश्वासन दिया वे सड़क से लेकर सदन तक निजी विद्यालयों के साथ खड़े हैं। 

बैठक में मुकेश नंदन, सचिव, विद्या विकास समिति, झारखण्ड जिनके अधीन 700 से अधिक विद्यालय चलते हैं, कहा कि अभिभावक मंच पूरे राज्य में शिक्षा का माहौल बिगाड़ने का काम करता रहा है। एकजुट होकर विधि सम्मत तरीके से इसका प्रतिकार करना जरुरी है। उन्होंने कहा कि हमारा पक्ष न्यायसंगत है, इसलिए हमें संगठित होकर अभिभावक मंच के कृत्यों का प्रतिकार करना चाहिए। 

Jharkhand Un-aided Private Schools  Association   के सचिव अमरेश कुमार श्रीवास्तव ने सदस्यों को ये जानकारी दी कि अध्यक्ष के तरफ से विभिन्न पदाधिकारियों को अभ्यावेदन भेजा जा चूका है।  उन्होंने यह भी कहा तथाकथित अभिभावक मंच के विरुद्ध विधिसम्मत  सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए।

JUPSA  के अध्यक्ष अभय मिश्रा ने सभी सदस्यों को झारखण्ड उच्च न्यायालय में दायर याचिका W. P. C. 2426/2020 की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने ये भी आश्वासन दिया की JUPSA Private school  और शिक्षा को बचाने के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा। उन्होंने सदस्यों को ये बताया कि JUPSA का प्रतिनिधिमंडल सभी पदाधिकारियों से इस विषय में मिल चुका है और आने वाले दिनों में मुख्य मंत्री एवं शिक्षा मंत्री से भी मिलेगा।

उन्होंने कहा की उन्हें पूर्ण विश्वास है की सरकार जल्द से जल्द अपना आदेश वापस ले लेगी। उन्होंने इस बात की प्रसन्नता व्यक्त की कि JUPSA  संगठनों का संगठन बनता जा रहा है, जिसमे झारखण्ड के कई शिक्षण संगठन इसके सदस्य हैं। इस बैठक में सर्वसम्मति से निम्नलिखित निर्णय लिये गये –

  1. निजी विद्यालयों की प्रतिष्ठा और अस्तित्व को बचाने के लिए राज्य स्तर पर जागरूकता आंदोलन-“जागृति-शिक्षा को बचाने के लिए आंदोलन”  प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया।
  2. सभी अभिभावकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, एवं विद्यालय से जुड़े सभी लोगों को निजी विद्यालय के बारे में हो रहे दुष्प्रचार के बारे में सत्य व वस्तुस्थिति की जानकारी दी जाएगी एवं कानून के बारे में जानकारी देकर जन जागरण अभियान चलाया जाएगा ताकि अभिभावकों में फैल रहे भ्रम को दूर किया जा सके।
  3. सात दिनों के अंदर यदि इस सन्दर्भ में सरकार के द्वारा उचित कदम नहीं उठाये जाते हैं तो JUPSA अन्य गैर सरकारी शिक्षण  संगठनों से समन्वय करके स्कूलों का संचालन पूर्णतः बंद करने की प्रक्रिया शुरू करेगी।
  4. JUPSA का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्य मंत्री, शिक्षा मंत्री एवं मुख्य सचिव, झारखण्ड सरकार से मिलेगा।
  5. यथाशीघ्र JUPSA के द्वारा इस विषय पर एक प्रेस वार्ता आयोजित किया जायगा।