मतदाताओं की सुविधा के लिए दावा-आपत्ति दाखिल करने की अवधि 15 सितंबर तक बढ़ी
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि राज्य के प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करने तथा मतदाता सूची में दर्ज उनके विवरणों को त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा झारखण्ड में 311 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इन पदाधिकारियों की नियुक्ति से दावा-आपत्तियों, नोटिसों एवं मतदाता सूची से संबंधित आवेदनों का समयबद्ध और प्रभावी निष्पादन एवं मतदाताओं को सुविधा प्रदान किया जा सकेगा।
के रवि कुमार ने बताया कि राज्य के विभिन्न जिला निर्वाचन पदाधिकारियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दावा-आपत्ति की अवधि तथा नोटिस एवं दावा-आपत्तियों के निष्पादन के लिए अतिरिक्त समय प्रदान करने का अनुरोध भारत निर्वाचन आयोग से किया गया था। राज्य में मानसून के आगमन, देवघर एवं दुमका में आयोजित श्रावणी मेले तथा कृषि कार्यों में व्यस्त मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए अवधि विस्तार की मांग की गई थी। भारत निर्वाचन आयोग ने इस अनुरोध पर सहमति प्रदान करते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्यक्रम में संशोधन किया है।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, दावे एवं आपत्तियां दाखिल करने की अवधि अब 15 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। नोटिस चरण तथा दावे एवं आपत्तियों के निष्पादन की प्रक्रिया 14 अक्टूबर 2026 तक पूरी की जाएगी। इसके उपरांत मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 19 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि झारखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 5 अगस्त 2026 को किया गया था तथा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दावा-आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तिथि 4 सितंबर 2026, नोटिस चरण तथा दावे एवं आपत्तियों के निष्पादन की प्रक्रिया 3 अक्टूबर 2026 एवं अंतिम प्रकाशन 07 अक्टूबर 2026 था ।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राज्य के सभी पात्र भारतीय नागरिकों से अपील की है कि जिनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे विस्तारित अवधि का लाभ उठाते हुए निर्धारित प्रपत्र में अपना आवेदन अवश्य जमा करें। विशेष रूप से युवा पात्र भारतीय नागरिक इस बढ़ी हुई अवधि का सदुपयोग करते हुए ECINET के माध्यम से अपना फॉर्म-6 भरें तथा अपने आस-पास के पात्र नागरिकों, दोस्तों एवं परिजनों को भी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें। मतदाता सूची में दर्ज नाम, पता, आयु अथवा अन्य विवरणों में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर फॉर्म 8 के माध्यम से सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है।
के रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों एवं बूथ लेवल पदाधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा मतदाताओं को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से न छूटे और एक भी विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल न हो।
