नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल, क्या अजिता भट्टाचार्य इतनी ताक़तवर और भ्रष्ट थीं कि CDPO पद पर सामान्य वर्ग की सीटें बगैर किसी राजनीतिक संरक्षण के बेच दी?
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल साइट के माध्यम से कुछ सवाल पूछे हैं। उनका सवाल इस प्रकार है – क्या अजिता भट्टाचार्य इतनी ताक़तवर और भ्रष्ट थीं कि CDPO पद पर सामान्य वर्ग की सीटें बगैर किसी राजनीतिक संरक्षण के बेच दी? उनके PA के माध्यम से वसूले गए पैसे आखिर कहाँ निवेश किए गए और किन लोगों के जरिए निवेश किए गए? क्या मुख्यमंत्री इन पूरे घटनाक्रम से अनजान थे? अगर मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी थी, तो वे इतने दिनों से चुप क्यों हैं?
नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि सीआईडी जानबूझकर जांच का दायरा सीमित रख रही है। इतने खुलासों के बाद भी अब तक अजिता भट्टाचार्य की गिरफ्तारी नहीं हुई, मुख्यमंत्री के करीबी मित्र विनोद सिंह से पूछताछ नहीं हुई, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से पूछताछ नहीं हुई, संदिग्ध झामुमो नेताओं से भी पूछताछ नहीं हुई। जब तक जांच इन सभी कड़ियों तक नहीं पहुंचेगी, तब तक पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आ सकती। सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक स्वयं इंटरव्यू पैनल में शामिल रहे हैं, ऐसे में सीआईडी से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
नेता प्रतिपक्ष ने सोशल साइट के माध्यम से कहा है कि भाजपा ऐसे ही नहीं इस पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच की मांग कर रही हैं। चूंकि सीआईडी इस पूरे मामले की जांच के साथ कभी न्याय नहीं कर पायेगी। इसलिए भाजपा सीबीआई जांच के लिए हर लड़ाई लड़ेगी और झारखंड के युवाओं को हक़ और न्याय दिलाकर रहेगी। इसमें कोई किन्तु-परन्तु नहीं हैं।
