झारखण्ड हाई कोर्ट ने जेपीएससी की 11वीं-13वीं परीक्षा और फूड सेफ्टी परीक्षा को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर लगाई रोक, सरकार से मांगा जवाब
झारखण्ड हाई कोर्ट ने झारखण्ड लोक सेवा आयोग द्वारा ली गई 11वी-13वीं परीक्षाओं को राज्य सरकार द्वारा रद्द कर दिये जाने के फैसले पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने इस संबंध में सरकार से जवाब मांगा है। ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार के इस फैसले से लगभग 200 उप-समाहर्ताओं की ट्रेनिंग पर बीच में ही रोक लग चुकी है। आज ही हाई कोर्ट में सौरभ सिंह और सोनम कुमारी की ओर से हाई कोर्ट में जो राज्य सरकार के फैसले के विरोध में याचिका दायर की गई थी, उस पर सुनवाई हुई।
जस्टिस दीपक रोशन की बेंच ने सुनवाई के दौरान 11वीं और 13वीं तथा फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा को रद्द करने के आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी और इस मुद्दे पर राज्य सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा। हाई कोर्ट का कहना था कि अगर परीक्षा के बाद अगर 70 प्रतिशत लोग भी गलत तरीके से आते हैं, तो उन्हें सरकार इस तरह से नहीं बाहर कर सकती। हाई कोर्ट ने इस मुद्दे पर फास्ट ट्रेक कोर्ट का भी गठन करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई की डेट 15 सितम्बर मुकर्रर की गई है।
बताया जा रहा है कि याचिकाकर्ता सोनम कुमारी हजारीबाग में डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदस्थापित थी। जो सरकार के फैसले के बाद सेवामुक्त हो गई। सोनम कुमारी ने सरकार के अधिसूचना को चुनौती देते हुए झारखण्ड हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। याचिका में इस बात का जिक्र है कि राज्य सरकार ने कैसे अधिसूचना निकालकर सारे नियुक्तियों को रद्द कर दिया। सोनम कुमारी पूर्व बिहार के गयाजी में शिक्षक के पद पर नियुक्त थी। बाद में जेपीएससी के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर के पद पर नियुक्त हुई। सोनम कुमारी ने न्यायालय से राज्य सरकार द्वारा हाल ही में जारी की गई अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की है।
