झारखण्ड विधानसभा से पूरे दिन संपूर्ण विपक्ष गायब, भाजपा सीएम आवास पर धरने पर बैठी थी, इधर छात्र आंदोलन का मुद्दा सदन में गूंजा, मंत्री सुदिव्य ने कहा छात्र आंदोलन को भाजपा दे रही हवा
झारखण्ड विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन पांच मिनट विलम्ब से शुरु हुआ। स्पीकर 11.05 मिनट पर सदन में पहुंचे और अपने आसन पर विराजमान हुए। आज सदन की स्थिति यह रही कि संपूर्ण विपक्ष सदन से गायब रहा। पता चला कि भाजपा के विधायक अपने नेता यानी नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में सुबह से ही कांके स्थित मुख्यमंत्री आवास पर जमे हुए हैं। वहां मुख्यमंत्री आवास पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
चूंकि आज संपूर्ण विपक्ष ही सदन में नहीं था तो ऐसे में आज विधानसभा में हो-हंगामे की स्थिति नहीं रही। प्रश्नकाल आराम से चला। स्पीकर नागेन्द्र महतो, चन्द्रेश्वर प्रसाद सिंह, राज सिन्हा, सुरेश कुमार बैठा का नाम पुकारे। लेकिन ये सारे सदस्य सदन में अनुपस्थित थे। इसके बाद नमन विक्सल कोनगाड़ी का नाम पुकारा गया। नमन विक्सल कोनगाड़ी सदन में अपने प्रश्नों को रखें और अपना जवाब पाया।
इसके बाद स्पीकर ने अमित कुमार यादव, जयराम कुमार महतो, देवेन्द्र कुँवर, सरयू राय, प्रदीप यादव का नाम पुकारा, ये सभी अनुपस्थित थे। इसके बाद उन्होंने अरुप चटर्जी का नाम पुकारा। अरुप चटर्जी ने अपने प्रश्न सदन में रखे। इसके बाद प्रदीप यादव और जयराम कुमार महतो की सदन में उपस्थिति हुई। प्रदीप यादव ने स्पीकर से गुहार लगाई। स्पीकर ने प्रदीप यादव और जयराम महतो को अपना प्रश्न रखने का मौका दे दिया।
पहले अनुपस्थित और फिर बाद में उपस्थित होने के बाद प्रदीप यादव और जयराम कुमार महतो को अपना प्रश्न रखने का मौका देने पर कई लोगों ने चर्चा करनी शुरु कर दी। कभी बजट सत्र के दौरान पूर्णिमा साहू और रागिनी सिंह भी प्रश्नकाल के दौरान अनुपस्थित थी और बाद में उपस्थित हो गई थी। बाद में पूर्णिमा साहू और रागिनी सिंह ने अपना प्रश्न रखने का स्पीकर से गुहार लगाया था। लेकिन आज की तरह प्रदीप यादव और जयराम कुमार महतो को जैसा सौभाग्य मिला, वैसा इन दोनों महिलाओं को उस वक्त नहीं मिला था।
इधर भाकपा माले विधायक दल के नेता अरुप चटर्जी ने छात्र आंदोलन का मुद्दा शून्य काल के दौरान उठाया। अरुप चटर्जी का कहना था कि रांची में छात्रों का इतना बड़ा आंदोलन चल रहा है और सरकार का इस पर सदन में कोई जवाब नहीं मिल रहा, सरकार का इस पर वक्तव्य आना चाहिए। जिस पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने विस्तार से अपनी बातें रखी। सुदिव्य कुमार ने कहा कि छात्र आंदोलन को देखते हुए सरकार ने कई लोगों को गिरफ्तार किया।
सीएम के निर्देश पर एक कमेटी गठित हुई। जिसमें वे और कई मंत्री भी शामिल थे। इस कमेटी ने छात्रों से बातचीत भी की। छात्र तीन मुद्दे पर मुखर थे। पहला- जांच, दूसरा- परीक्षाओं का रद्दीकरण और तीसरा – परीक्षा पद्धति का रिफॉर्म। हम सभी इस दिशा में आगे बढ़े थे। लेकिन भाजपा ने राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए इस हवा दी। सीआईडी जांच चल रही है। ईडी आर्थिक मामलों को देखेंगी। हम सभी छात्रों द्वारा दी गये सुझावों पर काम भी कर रहे हैं। सीजीएल परीक्षा रद्द करना सरकार के क्षेत्राधिकार के बाहर है, क्योंकि यह न्यायालय के क्षेत्राधिकार से जुड़ा मामला है।
दुर्भाग्यवश छात्र नहीं मान रहे हैं। छात्र तो मान रहे हैं, लेकिन भाजपा वाले उन्हें मानने नहीं दे रहे। रिफॉर्म पर सरकार पूरी प्रक्रिया पूरी करने को तैयार है। फिलहाल आंदोलन छात्रों का कम और भाजपा का ज्यादा लग रहा है। छात्र अगर संवैधानिक अधिकारों के तहत आंदोलन करते हैं तो ठीक है, अगर हिंसक गतिविधियां हुई तो सरकार उन पर कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।
