नहीं थम रहा धनबाद के व्यापारी की पिटाई व मारवाड़ी समुदाय के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी का मामला, व्यापारियों के संगठन ने CM हेमन्त सोरेन से लगाई गुहार, पूजा समिति की हालत खराब

धनबाद जिला मारवाड़ी सम्मेलन के जिलाध्यक्ष कृष्णा अग्रवाल ने 11 अक्टूबर की सुबह धनबाद के धनसार स्थित सुशील पोद्दार के घर पर चंदा मांगने गये असामाजिक तत्वों द्वारा सुशील पोद्दार की, की गई पिटाई, उन पर किये गये जानलेवा हमले को लेकर धनबाद के प्रबुद्ध वर्गों से मार्मिक अपील कर डाली है, जबकि दूसरी ओर फेडरेशन ऑफ ऑल व्यापार संगठन ने मुख्यमंत्री सचिवालय को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने का मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से अनुरोध किया है। बताया यह भी जा रहा है कि 11 अक्टूबर की घटना को लेकर जिन पूजा समिति के लोगों पर अपराध करने का आरोप है, उन पूजा समिति के लोगों ने आज प्रेस कांफ्रेस कर अपना पक्ष रखा है।

कृष्णा अग्रवाल ने लोगों से पूछा है कि एक अति चिंतनीय प्रश्न सामने आ खड़ा हुआ है। क्या धनबाद जिला में अमन पसंद, कानून प्रिय नागरिक, विशेषत: व्यवसायी वर्ग, आत्म सम्मानपूर्वक अपना जीवन यापन कर सकते हैं या नहीं? उनका कहना है कि वे जिस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का उल्लेख कर रहे हैं, वह किसी एक व्यक्ति या समुदाय विशेष मात्र से संबंधित नहीं है, बल्कि पूरे धनबाद जिला की छवि पर एक प्रश्न चिन्ह है, साथ ही साथ धनबाद जिला के वर्तमान एवं भविष्य के लिये एक बड़ी चुनौती भी है।

उनका कहना है कि संदर्भित घटना को मीडिया के सम्मानित बंधुओं ने प्रमुखता के साथ प्रचारित व प्रसारित किया है, अत‌एव विश्वास है कि आप सभी इस घटना से अवगत होंगे। फिर भी वे संक्षिप्त में इसका उल्लेख कर रहे हैं। 11 अक्टूबर की सुबह लगभग 09 बजे धनबाद के धनसार स्थित अनुग्रह नगर निवासी वस्त्र व्यवसायी सुशील कुमार पोद्दार के आवास पर स्थानीय तीन युवकों ने जिस तरह पोद्दार जी को उनके ही घर आँगन में लोहे के डंडे से निर्ममता पूर्वक पिटाई की एवं जूता से जिस तरह उनके चेहरे पर लगातार प्रहार किया वो हर एक संवेदनशील व्यक्ति को मर्माहत करेगा।

उसके बाद जिस तरह तीनो युवकों ने जान बचाकर भागे पोद्दार जी के दरवाजे को तोड़ने का प्रयास किया। एक जाति विशेष को भद्दी भद्दी गालियां देते हुए पुलिस बल को बुलाने की धमकी दी। यह उनकी ऐसी घातक मनोवृत्ति है जो पूरे जनमानस को उद्देलित करता है। इस तरह की दुस्साहसिक आपराधिक कुकृत्य सीधे पुलिस प्रशासन के लिए भी खुली चुनौती है एवं किसी भी सभ्य समाज के लिए न मिटने वाला कलंक भी।

अब आगे की कार्यवाही के लिए स्थानीय पुलिस के अनुसंधान एवं न्यायपालिका के निर्णय पर हैं लेकिन यक्ष प्रश्न यह है कि हम सभी आत्म चिंतन एवं आत्म अवलोकन करें कि हमारा धनबाद एवं हमारी युवा पीढ़ी किस दिशा की ओर जा रही है। कृष्णा अग्रवाल का कहना है कि सबसे अधिक ताकत समाज में ही निहित है। इस तरह की घटना एक घातक प्रवृत्ति है।

ऐसी घटनाओं पर अंकुश नहीं लगाया गया तो किसी के साथ भी घट सकती है। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हैं। जो पूरे घटना की पुष्टि करता है। कल्पना करें की उक्त पीड़ित परिवार के आवास के बाहर सीसीटीवी कैमरा न लगा होता तो इस घटना को प्रमाणित नही किया जा सकता था एवं इस घटना को झूठा भी साबित कर दबा दिया जाता।

कृष्णा अग्रवाल कहते हैं कि जिला मारवाड़ी सम्मेलन अन्य सभी सामाजिक संगठनों, सभी जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से अपील करता है कि इस घटना की भर्त्सना खुले और कड़े शब्दों में सार्वजनिक तौर पर करें और हम सभी मिलकर आपराधिक/रंगदारी प्रवृत्ति को समूल नष्ट करें। घटना में लिप्त आरोपियों को सख्त सजा मिले। इसे सुनिश्चित करें।

इधर फेडरेशन ऑफ ऑल व्यापार संगठन के अध्यक्ष दीपेश कुमार निराला व महासचिव सत्येन्द्र प्रसाद सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सरकार को पत्र लिखकर उन असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। दूसरी ओर पूजा समिति के लोगों ने इस मामले को लेकर प्रेस कांफ्रेस किया और उलटे सुशील पोद्दार को दोषी ठहराया कि उन्होंने बिहारियों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग किया था, तब जाकर उनके पूजा समिति के लोगों ने ऐसी हरकतें की।

मतलब साफ है कि पूजा समिति के लोग इस मामले को मारवाड़ी वर्सेज बिहारी का रंग देने का पुरजोर कोशिश कर रहे हैं, पर शायद वे जानते हैं कि ऐसा होनेवाला नहीं हैं। तभी उन्होंने इस मामले को एक इलाके का मामला बताते हुए, माफीनामा के साथ पूरे मामले को निबटाने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। इधर यह मामला शांत होता नहीं दिख रहा। धनबाद का मारवाड़ी समाज ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का मारवाड़ी समाज इस घटना से उद्वेलित है। चूंकि पूरा मामला भाजपा सांसद पीएन सिंह के रिश्तेदार से जुड़ा है, तो स्थानीय पुलिस भी फूंक-फूंककर कदम उठा रही है।