राजनीति

बजट में गांव के विकास का खास ख्याल, सामाजिक व आर्थिक विकास को मिली प्राथमिकताः दीपिका पांडेय

राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा सदन में पेश किये गये बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झारखंड विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026 – 27 के पेश बजट में गांव के विकास का खास ख्याल रखा गया है। महात्मा गांधी के कथन को धरातल पर साकार करने के उद्देश्य से गांव और गांव में रहने वाले लोगों के सामाजिक – आर्थिक विकास को प्राथमिकता दी गई है। ये बजट ना सिर्फ राज्य के गांव को सरकार की योजना से जोड़ने का काम करेगी, बल्कि रोजगार के लिए गांव से होने वाले पलायन को रोकने और महिलाओं को स्वावलंबन से जोड़ने में भी मददगार साबित होगी। 

उन्होंने कहा कि गांव के संपूर्ण विकास का सपना साकार करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग और पंचायती राज विभाग की योजनाएं धरातल पर उतारना ही सरकार का उदेश्य है। सरकार की सोच समाज में हाशिए पर खड़े लोगों, बेरोजगार युवाओं, गांव की महिलाओं, आम लोगों की आय में बढ़ोत्तरी करना है। पेसा नियमावली के लागू होने के बाद से राज्य के ग्राम सभाओं को पहले के मुकाबले ज्यादा अधिकार प्राप्त हुए है। अनुसूचित क्षेत्रों की ग्राम सभाओं को बालू घाटों का प्रबंधन, विभिन्न योजनाओं में लाभुकों का चयन, हाट बाजार का प्रबंधन का अधिकार प्रदान किए गए है।

श्रीमती पांडेय ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026 – 27 के बजट में ग्रामीण विकास विभाग का बजट 12 हजार 346 करोड़ 90 लाख रुपए है। ग्रामीण क्षेत्रों में आय को बढ़ाते हुए रोजगार सृजन के साथ जीवन स्तर में सुधार ही विभाग का लक्ष्य है। महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत 2025 – 26 में 12 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजन का लक्ष्य के विरुद्ध फरवरी 2026 तक 10 करोड़ से अधिक का मानव दिवस सृजन किया गया है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना के लिए निर्धारित लक्ष्य 6 लाख 50 हजार के विरुद्ध 6 लाख 33 हजार 106 आवास निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें से एक लाख 88 हजार 849 आवास पूर्ण हो चुके है। शेष आवास को पूर्ण करने के लिए चार हजार 100 करोड़ का प्रावधान 2026 – 27 के बजट में किया गया है।

उन्होंने कहा कि सखी मंडलों के उत्पादों को उचित मूल्य एवं आर्थिक सहायता देने के साथ बाजार उपलब्ध कराने के लिए पलाश ब्रांड के तहत विपणन कराया जा रहा है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026 – 27 में पलाश मार्ट पर 66 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव है। वित्तीय वर्ष 2025 – 26 में दो हजार सखी मंडलों को चक्रीय निधि की राशि और 35 हजार स्वयं सहायता समूहों को कैश क्रेडिट हेतु बैंक लिंकेज के तहत चार हजार से अधिक सखी मंडलों को राशि उपलब्ध कराया गया है। एक लाख 97 हजार स्वयं सहायता समूहों को कैश क्रेडिट की सुविधा मिल चुकी है। आगामी वित्तीय वर्ष में महिला किसानों सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं पर 70 करोड़ रुपए का बजटीय उपबंध किया गया है।

श्रीमती पांडेय ने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026 – 27 में पांच हजार 81 करोड़ 74 लाख का बजट प्रस्तावित किया गया है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025 – 26 में अब तक एक हजार 644 किमी पथ का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2026 – 27 में नए पथों के निर्माण के लिए एक हजार करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत पांच वर्ष एवं उससे पूर्व निर्मित क्षतिग्रस्त लगभग 15 हजार किमी ग्रामीण सुदृढ़ीकरण करते हुए सरकारी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज, स्वास्थ्य केंद्र, अस्पताल, बाजार तक आवागमन सुगम बनाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025 – 26 में अबतक पांच हजार 400 किमी पथों का सुदृढ़ीकरण कार्य पूर्ण किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026 – 27 में पथों के सुदृढ़ीकरण मद में एक हजार 600 करोड़ का बजटीय उपबंध किया गया है। इसी तरह मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025 – 26 में 122 अदद पुल का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया। आगामी वित्तीय वर्ष 2026 -27 में पुलों के निर्माण कार्य पर 730 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क एवं पुलों के निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2026 – 27 न 620 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि पंचायती राज विभाग में वित्तीय वर्ष 2026 – 27 में 2 हजार 283 करोड़ 25 लाख का बजट प्रस्तावित किया गया है। इसके तहत शत प्रतिशत राज्य योजना मद अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026 – 27 में पंचायत सचिवालय का सुदृढ़ीकरण योजना, विभिन्न भवन परिसंपत्तियों के निर्माण / मरम्मती / जीर्णोद्धार / सामुदायिक सेवा केंद्र एवं पंचायत ज्ञान केंद्र के निर्माण पर 209 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसी तरह 15 वें वित्त आयोग द्वारा अनुदानित मद में एक हजार 340 करोड़ की राशि वित्तीय वर्ष 2026 – 27 में प्राप्त होने का अनुमान है। उक्त राशि से संबंधित संस्था 30 प्रतिशत जलापूर्ति पर, 30 प्रतिशत स्वच्छता पर और शेष 40 प्रतिशत का व्यय स्थानीय आवश्यकताओं पर हो सकेगा। वहीं वित्तीय वर्ष 2026 – 27 में पंचम राज्य वित्त आयोग द्वारा अनुशंसा के आलोक में राज्य सरकार के द्वारा अनुदान मद में अनुमोदित राशि के विरुद्ध 216 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त करने का प्रस्ताव है।