लो इस विदेशी बीबीसी न्यूज चैनल को देखों, हिन्दी दिवस पर इसने भी पूरे भारतीयों की क्लास ले ली, अपमानित कर डाला

ये विदेशी न्यूज चैनल जिसका नाम बीबीसी न्यूज़ हिन्दी है। यह हमें कार्टून के माध्यम से मेरी मातृभाषा हिन्दी का मजाक उड़ा रहा है और हम सब उसकी आरती उतार रहे हैं। वाह-वाह कर रहे हैं। इस पोस्ट को शेयर कर रहे हैं। सचमुच हम कितने मासूम हैं। आखिर ये मासूमियत कब तक रहेगी भाई। कहीं ऐसा तो नहीं है कि हम भारतवासियों ने कसम खा ली है कि हम विदेशियों के हाथों अपमानित होते रहेंगे।

जरा स्वयं देखों, इसने लिखा क्या है? साइड में हिन्दी दिवस लिखा, नीचे एक नेता और उसके पीछे सुरक्षाकर्मियों का चित्र बनाया और फिर दुसरी ओर हमारा मजाक बना दिया, यह कहकर कि “हिन्दी का विकास आखिर हो कैसे? यहां सिक्योरिटी तक तो अंग्रेजी में मिलती है। X, Y, Z…” अब इससे ये पूछों कि तुम तो ये लिखकर हमें उल्लू बना दिया, संदेश दे दिया, मजाक उड़ा दिया।

पर तुम जो भारत में रहकर, भारत की भाषाओं व भाषियों की भावनाओं के साथ मजाक उड़ाते रहते हो, क्या तुमने कभी अपना नाम भी हिन्दी में बीबीसी लिखा है, अगर लिखा हैं तो इस पोस्ट के माध्यम से ही हमें बता दो। आखिर तुम इस प्रकार के कार्टून बनाकर क्या सिद्ध करना चाहते हो, यही न कि तुम जो चाहे वो लिख दो, वो बना दो, हम तुम्हें झेल जायेंगे।

अरे भाई ये भारत है, इसलिए तुम्हारी ये गुंडागर्दी भी हम सह लेते हैं, नहीं तो अन्य देशों में तुम्हारी क्या हाल है? क्या हमें पता नहीं? तुम तो तीन बॉक्स वो भी काले रंग का बना कर BBC लिखकर घमंड करते हो तथा मेरी ही छाती पर मूंग दलते हो, और मुझे ही अपमानित भी करते हो, अरे ऐसा करने का या लिखने का अधिकार तब तुम्हें होता, जब तुम अपना नाम भी कम से कम हिन्दी में लिखते या परोसते, मतलब समझे या और समझाऊँ।

हमारे यहां तो ऐसे लोगों के लिए लोकोक्ति है – अंडा सिखाएं, बच्चे को कि चींचीं मत कर। पर बीबीसीवालों तुम चींची कर, क्योंकि भारत देश ही ऐसा है कि तुम हमारे ही देश में रहकर भारत प्रशासित शब्द का भी प्रयोग कर लेते हो, नहीं तो…

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