एसआईआर 2026 : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कमजोर एवं वंचित वर्गों के साथ-साथ निराश्रित महिला, वृद्धाश्रम व अनाथालय में रह रहे लोगों को विशेष सहायता देने का दिया निर्देश
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखण्ड के. रवि कुमार ने एसआईआर-2026 के तहत मतदाताओं को जारी नोटिस की सुनवाई के क्रम में कमजोर एवं वंचित वर्गों के पात्र भारतीय नागरिकों को विशेष सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, ईआरओ एवं एईआरओ को दिए हैं।
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों में वृद्ध, बीमार, दिव्यांग, गरीब एवं अन्य कमजोर वर्गों के मतदाताओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित नहीं रहना चाहिए तथा ऐसे मतदाताओं को दस्तावेज उपलब्ध कराने और सत्यापन की प्रक्रिया में हर संभव सहयोग दिया जाए।
उन्होंने कहा कि नोटिस के सुनवाई के दौरान मुख्य रूप से यह सुनिश्चित किया जाना है कि संबंधित व्यक्ति—
- भारत का नागरिक है अथवा नहीं,
- 1 अक्टूबर 2026 को उसकी आयु 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है अथवा नहीं, तथा
- संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र का सामान्य निवासी है अथवा नहीं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि एसआईआर के दौरान ऐसे पात्र नागरिकों के लिए, जिन्हें सामान्य परिस्थितियों में दस्तावेज उपलब्ध कराने में कठिनाई हो सकती है, अलग-अलग मामलों के अनुरूप प्रारूप, घोषणा-पत्र एवं दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सत्यापन की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 326 एवं लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के अनुरूप की जाए।
आश्रयगृह में रहने वाले व्यक्तियों/अनाथों के मामले में, उपलब्ध दस्तावेजों के अभाव में संबंधित आश्रयगृह या संस्था से प्राप्त प्रमाण-पत्र, एवं संबंधित जिले के सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा द्वारा अभिप्रमाणित घोषणा पत्र के आधार पर आवश्यक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। ऐसे मामलों में संस्था में निवास, माता-पिता/अभिभावक से संबंधित उपलब्ध जानकारी तथा नागरिकता आदि की घोषणा के लिए निर्धारित प्रारूप का उपयोग किया जा सकता है।
सेक्स वर्कर्स के मामले में यदि उनके पास सामान्य निवास का दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, तो केवल इसी आधार पर उन्हें कठिनाई न हो। संबंधित बीएलओ स्थल पर जाकर यह सत्यापित कर सकते हैं कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में उस पते पर निवास करता/करती है, जो फॉर्म-6 में दिया गया है। संबंधित विभाग एवं संस्थाओं के सहयोग से ऐसे पात्र व्यक्तियों का नामांकन में सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
वृद्धाश्रम में निवास करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के मामले में उन्हें उस निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में शामिल किया जा सकता है, जहां वे वृद्धाश्रम में सामान्य रूप से निवास कर रहे हैं, बशर्ते वे अन्य निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करते हों। 60 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे वरिष्ठ नागरिक, जिनके पास स्वयं के नाम से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 12 दस्तावेजों में से एक भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनके मामलों के लिए भी विशेष प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
उपलब्ध परिस्थितियों में उनके वयस्क पुत्र/पुत्री के दस्तावेज एवं संबंधित प्रमाण के आधार पर आवश्यक सत्यापन की कार्रवाई की जा सकती है। बशर्ते उनके पुत्र पुत्री के दस्तावेजों में संबंधित वरिष्ठ पात्र भारतीय नागरिक का नाम हो एवं उनके पुत्र-पुत्री पात्र मतदाता हों। बीएलओ को संबंधित व्यक्ति के निवास एवं भारत में जन्म स्थान से संबंधित जानकारी का भी सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है।
ट्रांसजेंडर मतदाताओं के मामलों में उनके सत्यापन एवं नए नामांकन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जन्म तिथि, सामान्य निवास एवं घोषणा-पत्र से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध होने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन किया जाएगा। दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में Transgender Persons (Protection of Rights) Rules, 2020 के तहत जारी प्रमाण-पत्र/पहचान पत्र तथा निर्धारित घोषणा-पत्र के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ऐसे पात्र व्यक्तियों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे, ताकि कोई भी पात्र ट्रांसजेंडर नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे।
शक्ति सदन में निवासरत निराश्रित महिलाओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। बीएलओ को संबंधित महिला के निवास स्थान पर जाकर सत्यापन करने तथा उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में संबंधित संस्था/जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के माध्यम से प्रमाण-पत्र एवं आवश्यक कागजात उपलब्ध कराने में सहायता की जाएगी।
मेगा हेल्प डेस्क के माध्यम से भी मिलेगी सहायता
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि 10 अक्टूबर 2026 को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर मेगा हेल्प डेस्क कैंप आयोजित किए जाएं। इन कैंपों का उद्देश्य एसआईआर-2026 से संबंधित लंबित कार्यों को पूरा करने के साथ-साथ पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।
इस दौरान बीएलओ, बीएलए-2 एवं अन्य संबंधित कर्मियों की बैठक कर ऐसे पात्र भारतीय नागरिकों को चिन्हित किया जाए, जिन्हें No Mapping अथवा Anomalies के कारण नोटिस जारी हुआ है और जिन्होंने अभी तक दस्तावेज जमा नहीं किए हैं। उन्हें आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने तथा सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के संबंध में मार्गदर्शन दिया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे 18 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के पात्र युवाओं, जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है अथवा जिन्होंने अभी तक प्रपत्र-6 जमा नहीं किया है, तथा पात्र प्रवासी मतदाताओं (Migrants) को भी चिन्हित कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई जाए। साथ ही मतदाता सूची में त्रुटियों वाले मतदाताओं को भी फॉर्म 8 के माध्यम से आवश्यक सुधार सुनिश्चित किया जाए।
के. रवि कुमार ने कहा कि जनजातीय समूहों, पिछड़े वर्गों, दिव्यांगजनों, वृद्ध मतदाताओं, निराश्रितों तथा अन्य कमजोर एवं वंचित वर्गों के पात्र भारतीय नागरिकों तक विशेष रूप से पहुंच बनाई जाए। आवश्यकता पड़ने पर स्वयंसेवकों एवं संबंधित विभागों/संस्थाओं का सहयोग लिया जाए, ताकि वास्तविक मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि जानकारी की कमी किसी पात्र भारतीय नागरिक को मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित करने का कारण नहीं बननी चाहिए। जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ, एईआरओ एवं बीएलओ स्थानीय स्तर पर ऐसे मामलों की पहचान कर संबंधित व्यक्ति को उपयुक्त प्रक्रिया, प्रपत्र एवं उपलब्ध विकल्पों के संबंध में सहायता प्रदान करें। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र/विदेशी व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।
