राजनीति

SIR-2026: राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने साझा की नोटिस, सुनवाई एवं मामलों के निष्पादन की अद्यतन स्थिति

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड,  के. रवि कुमार ने सोमवार को सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के तहत नोटिस जारी करने, दावा-आपत्ति प्राप्त करने, सुनवाई तथा मामलों के निष्पादन की अद्यतन स्थिति साझा की। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा मतदाता सूची को शुद्ध, समावेशी एवं त्रुटिरहित बनाना निर्वाचन प्रक्रिया की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों का सक्रिय सहयोग अपेक्षित है।

के रवि कुमार ने बताया कि 26 अक्टूबर 2026 तक ईआरओ एवं एईआरओ द्वारा नोटिस की सुनवाई के उपरांत ECINET में अपलोड एवं अद्यतन किए गए मामलों के अनुसार, नो मैपिंग श्रेणी में कुल 14,04,033 मामलों में से 3,89,248 मामलों का निष्पादित करते हुए ECINET पर अपलोड कर लिया गया है। इस प्रकार इस श्रेणी में निष्पादन के अपडेशन की प्रगति 27.72 प्रतिशत है, जबकि 10,14,785 मामले अभी शेष हैं।

लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी श्रेणी में कुल 45,49,961 मामलों में से 20,35,968 मामलों का निष्पादन एवं ECINET पर अपडेशन किया गया है। इस श्रेणी में निष्पादन के अपडेशन की प्रगति 44.75 प्रतिशत है तथा 25,13,993 मामले शेष हैं। वहीं, अन्य श्रेणी में कुल 1,61,65,853 मामलों में से 1,38,80,904 मामलों का निष्पादन एवं ECINET ऐप पर अपडेशन किया गया है। इस श्रेणी में निष्पादन के अपडेशन की प्रगति 85.87 प्रतिशत है, जबकि 22,84,949 मामले अभी शेष हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को राज्य में लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी, नो मैपिंग और अन्य श्रेणी के मामलों के निस्तारण की जिलावार एवं विधानसभावार प्रदर्शन का रिपोर्ट भी साझा किया। तीनों श्रेणियों में लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम का प्रदर्शन बेहतर रहा है, जबकि अलग-अलग श्रेणियों में गोड्डा, कोडरमा और धनबाद सबसे पीछे रहे हैं।

लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी श्रेणी: जिलों में लोहरदगा (98.57%), पश्चिमी सिंहभूम (94.78%), गुमला (80.57%), सिमडेगा (70.02%) और देवघर (65.64%) शीर्ष पांच में हैं। वहीं, गोड्डा (19.46%), पाकुड़ (20.69%), गढ़वा (23.51%), रांची (23.81%) और साहिबगंज (24.37%) का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। विधानसभा स्तर पर लोहरदगा (98.57%), चक्रधरपुर (98.48%), जगन्नाथपुर (95.20%), मझगांव (94.45%) और चाईबासा (93.76%) आगे रहे, जबकि गोड्डा (9.21%), रांची (10.07%), पाकुड़ (10.12%), महागामा (12.41%) और हटिया (14.41%) सबसे पीछे रहे।

नो मैपिंग श्रेणी: जिलों में लोहरदगा (67.92%), पश्चिमी सिंहभूम (60.12%), गढ़वा (48.98%), सिमडेगा (47.97%) और बोकारो (39.90%) का प्रदर्शन बेहतर रहा। वहीं, कोडरमा (4.49%), पलामू (5.28%), गिरिडीह (11.21%), साहिबगंज (13.12%) और रांची (14.37%) सबसे पीछे रहे। विधानसभा स्तर पर चक्रधरपुर (85.47%), जगन्नाथपुर (73.68%), लोहरदगा (67.92%), भवनाथपुर (58.09%) और मझगांव (54.41%) शीर्ष पर रहे। छतरपुर (1.91%), हुसैनाबाद (2.26%), पांकी (2.56%), कोडरमा (4.49%) और राजमहल (7.04%) का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा।

अन्य श्रेणी: जिलों में लोहरदगा (100%), पश्चिमी सिंहभूम (99.91%), पूर्वी सिंहभूम (99.19%), लातेहार (98.81%) और खूंटी (98.80%) शीर्ष पर रहे। वहीं, धनबाद (65.06%), चतरा (69.47%), साहिबगंज (70.70%), बोकारो (72.63%) और गोड्डा (73.94%) सबसे पीछे रहे। विधानसभा स्तर पर सिल्ली, चाईबासा, लोहरदगा, बरही और खूंटी में निस्तारण 100 प्रतिशत दर्ज किया गया। दूसरी ओर झरिया (42.65%), पोड़ैयाहाट (42.98%), राजमहल (43.38%), धनबाद (52.58%) और मांडर (55.35%) का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा।

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