भयाक्रांत व्यापारियों को अपराध से निजात दिलाने के लिए 30 नवम्बर से गांधी सेवा सदन में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन पर बैठेंगे वरीय समाजसेवी कृष्णा अग्रवाल

धनबाद के वरिष्ठ समाजसेवी और कभी भाजपा के बड़े नेता में शुमार कृष्णा अग्रवाल, इन दिनों धनबाद में बढ़ रहे अपराध, बढ़ती गुंडागर्दी, रंगदारी व वसूली से दुखी है। वे इतने दुखी है कि वे स्वयं को भाजपा से पहले ही अलग कर चुके हैं और अब धनबाद की जनता व व्यापारियों के हित में आंदोलन करने का मूड बना चुके हैं। वर्तमान में वे अनिश्चितकालीन सत्याग्रह करने की घोषणा कर चुके हैं। यह अनिश्चितकालीन सत्याग्रह धनबाद के रणधीर वर्मा चौक के पास स्थित गांधी सेवा सदन में प्रारंभ होगा।

संभव है कि उनके इस सत्याग्रह आंदोलन को कई बुद्धिजीवियों का समर्थन भी प्राप्त हो जायेगा, क्योंकि इसमें कोई दो मत नहीं कि धनबाद में अपराधी बेख़ौफ़ नंगा नाच कर रहे हैं। पुलिसिंग पूरी तरह ध्वस्त हो गयी है। कोयलांचल में आम और खास सभी लोग भयाक्रांत हैं। रंगदारी वसूली से त्रस्त कई ऐसे व्यापारी-कारोबारी हैं, जो रंगदारी दे भी रहे हैं और दहशत का ऐसा आलम है कि मुँह खोलने की हिमाकत भी नही कर पा रहे हैं।

कृष्णा अग्रवाल कहते है कि आज धनबाद की स्थिति इतनी भयावह है कि प्रतिदिन कई लोगो को कॉल या संदेश के माध्यम से डराया या धमकाया जा रहा है। शहर के हृदयस्थली बैंकमोड़ में ऐसे कई दुकानदार है जो दुकान में बैठने से डरते हैं या परहेज कर रहे हैं। रात 10 बजे तक गुलजार रहने वाला धनबाद का बैंक मोड़ मार्केट आज संध्या 08 बजे के बाद ही बंद होने लगता है।

भय के कारण ऐसी अराजक स्थिति बनी हुई है कि लोग कह रहे है कि पुलिसिया विफलता न भूतो न भविष्यति के पैटर्न पर चल दी है। विडम्बना यह है कि जो जनता के नुमाइंदे है उनका विरोध सिर्फ और सिर्फ बयान देने तक ही रह गया। जिस तेवर ओर संघर्ष की अपेक्षा विपक्षी राजनीति दलों (भाजपा) से थी वो रहस्यमय रूप सिर्फ प्रतीकात्मक विरोध तक ही सिमट कर रह गया।

विपक्षी पार्टी (भाजपा) के लिए धनबाद का यह ज्वलंत मुद्दा एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने का एक स्वर्णिम अवसर था। पर उनकी रहस्यमय चुप्पी उनके जैसे संवेदनशील कार्यकर्ता के हृदय को कचोटती है इसीलिए वे सत्याग्रह आंदोलन करने को विवश हुए। कृष्णा अग्रवाल ने विद्रोही24 को बताया कि वे आगामी 30 नवम्बर दिन गुरुवार को गाँधी सेवा सदन स्थित महात्मा गाँधी जी की मूर्ति के समीप अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन पर बैठ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार एवं स्थानीय प्रशासन धनबाद की शांतिप्रिय अमन चैन पसंद व्यापारी, कारोबारी एवं जनता को सुरक्षा की पूर्ण गारन्टी सुनिश्चित न कर दें। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि धनबाद के इस ज्वलन्त मुद्दे पर सत्याग्रह आंदोलन को लोग अपना समर्थन दें। जिससे की धनबाद में विधि व्यवस्था एवं कानून का राज पुनः स्थापित हो सके और व्यापारी एवं कारोबारी वर्ग भयमुक्त वातावरण में निडर होकर अपना अपना व्यवसाय कर सकें।