मीडिया एवं संचार अधिकारियों की भूमिका चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाने में अहम : मुख्य चुनाव आयुक्त
भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को मीडिया एवं संचार अधिकारियों के लिए एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन में देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मीडिया नोडल अधिकारी एवं सोशल मीडिया नोडल अधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जिला मीडिया नोडल अधिकारी तथा जिला जनसंपर्क अधिकारियों ने भी भागीदारी की, जहां मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का तीसरा चरण चल रहा है अथवा निकट भविष्य में चुनाव प्रस्तावित हैं।
सम्मेलन में देशभर से 350 से अधिक मीडिया एवं संचार अधिकारियों ने हिस्सा लिया। झारखंड की ओर से मीडिया नोडल सह अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार के नेतृत्व में कुल 16 अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें राज्य स्तरीय अधिकारियों के साथ 15 जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी शामिल थे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि हाल ही में पांच राज्यों में संपन्न चुनावों में स्वतंत्रता के बाद से अब तक की सबसे व्यापक जनभागीदारी देखने को मिली है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि चुनाव संबंधी संचार समयबद्ध, सरल, तथ्यपरक तथा कानून आधारित होना चाहिए, ताकि मतदाताओं तक सही जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू ने कहा कि संचार का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि उसके प्रभाव को सुनिश्चित करना भी होना चाहिए। वहीं चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने आयोग के नियमों, निर्देशों और दिशानिर्देशों को आम जनता तक सरल और सहज भाषा में पहुंचाने में मीडिया एवं संचार अधिकारियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। सम्मेलन की शुरुआत नामांकन से लेकर मतदान तक की पूरी चुनावी प्रक्रिया के दौरान अपनाई जाने वाली संचार रणनीतियों, ईसीआईनेट (ECINET), संवैधानिक प्रावधानों, चुनावी कानूनों तथा मीडिया समन्वय से जुड़े विषयों पर विस्तृत प्रस्तुति के साथ हुई।
दिनभर चले तकनीकी एवं व्यावहारिक सत्रों में प्रेस नोट की योजना और उसका मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से प्रभावी प्रसार, भ्रामक सूचनाओं और झूठे नैरेटिव से निपटने की रणनीतियां, चुनावी साक्षरता क्लबों (ईएलसी) के माध्यम से युवा मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के उपाय तथा हाल में चुनाव संपन्न कराने वाले राज्यों के अधिकारियों द्वारा जमीनी अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों ने चुनावी संचार और जनजागरूकता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी जिज्ञासाएं रखीं तथा विशेषज्ञों से उनका समाधान प्राप्त किया। सम्मेलन का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और मतदाता सहभागिता को और सुदृढ़ बनाने के लिए मीडिया एवं संचार तंत्र को अधिक प्रभावी बनाना था।
