राजनीति

रांची सिटीजन फोरम का नगर निगम के वार्ड आयुक्तों से संपर्क का कार्यक्रम प्रारंभ, जनता से जुड़ी समस्याओं के निदान पर सभी का फोकस

दिनांक 16 जून से रांची सिटीजन फोरम अध्यक्ष दीपेश निराला की अध्यक्षता में अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ रांची नगर निगम के कुल 53 वार्ड क्षेत्र अंतर्गत सभी 53 नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों में अब तक वार्ड एक के नकुल तिर्की, वार्ड दो की सविता कच्छप, वार्ड तीन की बसंती लकड़ा, वार्ड पांच के अवधेश बैठा, वार्ड सात की मीनू देवी, वार्ड 10 की संगीता देवी, वार्ड 11 की आलिया नाज, वार्ड 15 की गजाला परवीन, वार्ड 16 के मोहम्मद सलाहुद्दीन असलम, वार्ड 17 की फातमा शमीम, वार्ड 20 के सुनील कुमार यादव, वार्ड 21 के मोहम्मद एहतेशाम, वार्ड 22 के मोहम्मद असलम, वार्ड 25 की सुषमा राज और वार्ड 29 के सुनील यादव से मुलाकात की।

रांची सिटीजन फोरम ने इन सभा वार्ड पार्षदों से मिलकर उन्हें अंगवस्त्र दे, उनके निर्वाचन पर बधाई देते हुए उनको उनके वार्ड से जुड़े विभिन्न समस्याओं पर एक ज्ञापन दिया। जिसमें मुख्य रूप से अभी बरसात के मौसम में रांची शहरी क्षेत्र में होने वाले जल जमाव पर विस्तृत चर्चा की गई और उनसे आग्रह किया गया कि ये लोग अपने-अपने वार्ड में जल निकासी के स्रोतों को चिन्हित करवाते हुए उन्हें क्लियर करवायें।औ

जहां अतिक्रमण है तो उस अतिक्रमण को कम से कम इतना हटवा दें कि जल निकास आसानी से हो सके, क्योंकि आज से 15-20 वर्ष पहले रांची में जल जमाव नहीं होता था। जबकि वर्षा आज की तुलना में अधिक होती थी तथा करीब-करीब प्रतिदिन ही वर्षा हो जाया करती थी। गर्मी और बरसात के मौसम में, लोगों को अपने साथ छाता लेकर निकलना पड़ता था।

रांची शहरी क्षेत्र में कहीं पर भी कोई जल जमाव नहीं होता था, लेकिन अब जब बरसात कम हो गई है तो उसके बाद भी इधर 15-20 वर्षों में जल जमाव की स्थिति प्रचंड होती जा रही है, क्योंकि जल निकासी के पुराने मार्ग अवरुद्ध हैं और कई जगह अतिक्रमण के कारण निकासी मार्ग बंद हो चुके हैं, जिससे वर्तमान समय में जल जमाव हो रहा है।

यदि इन पुराने जल निकास के मार्गों को पूर्व की भांति खोल दिया जाय तो फिर वर्तमान में जिस प्रकार से जल जमाव की समस्या सामने आ रही है। वैसा समस्या देखने को नहीं मिलेगा। इसके अलावा बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट, खुले हुए व जाम नाले, आधी-अधूरी या क्षतिग्रस्त सड़क, पार्कों की दुर्दशा, बच्चों के लिए खेल मैदान का अभाव, अनियमित साफ-सफाई और अपर्याप्त जलापूर्ति तथा कानून व्यवस्था जैसी चुनौतियों पर भी उनका ध्यान आकृष्ट कराया गया।

फोरम ने आग्रह किया कि सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने वार्डों में जल निकासी तंत्र की समीक्षा कर आवश्यक अतिक्रमण हटाने एवं नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित कराने की दिशा में पहल करें, जिससे नागरिकों को राहत मिल सके। अधिकतर वार्ड पार्षदों का कहना था कि वे लोग भी अपने वार्ड में अधिक से अधिक काम करवाना चाहते हैं और इन समस्याओं से वार्ड के नागरिकों को निजात दिलवाना चाहते हैं, लेकिन रांची नगर निगम प्रशासन फंड का रोना रो रहा है, जिसके वजह से उनके वार्ड में कार्य प्रभावित हो रहा है।

रांची नगर निगम का ध्यान बड़े-बड़े योजनाओं पर अधिक है, जबकि वार्ड में छोटे-छोटे विकास योजनाओं की सबसे अधिक जरूरत है, जिसे सर्वप्रथम वरीयता के आधार पर पहले निष्पादन करने की जरूरत है। फोरम ने सभी पार्षदों को यह आश्वासन दिया कि राँची सिटीजन फोरम चर्चा, संवाद, जागरूकता एवं रचनात्मक सहयोग के माध्यम से उनके साथ सकारात्मक सहभागिता स्थापित करेगा, ताकि नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय विकसित हो तथा इसका लाभ नगर निगम के सभी 53 वार्डों की आम जनता को प्राप्त हो सके।

दिनांक 16 जून से शुरू हुए इस कार्यक्रम में रांची सिटीजन फोरम से जुड़े लोग लगातार सभी 53 नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों से संपर्क करेंगे। अब तक बीते दो दिनों में 15 वार्ड पार्षदों से मुलाकात हो चुकी है। रांची सिटीजन फोरम के प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष दीपेश निराला, उपाध्यक्ष उमाशंकर सिंह, सचिव रेणुका तिवारी, संयुक्त सचिव मनीष बक्शी और संतोष मृदुला, सदस्य सुजीत कुमार पांडेय, कुमार अभिषेक दुबे, राजेश कुमार, इत्यादि मौजूद थे।

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