लाल कृष्ण आडवाणी को भारत रत्न मिलने की घोषणामात्र से ही रांची के भाजपा विधायक सीपी सिंह हुए गदगद, आडवाणी के चरित्र की मुक्तकंठ से की प्रशंसा

भारतीय राजनीति के शिखर पुरूष, वरिष्ठतम नेता, प्रखर राष्ट्रवादी एवं करोड़ों लोगों के प्रेरणास्त्रोत, जिनके उत्तम मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण जीवन मेरे जैसे करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा है। ऐसे पूर्व उप-प्रधानमंत्री परम श्रद्धेय श्री लालकृष्ण आडवाणी जी को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा अत्यंत सुखद और आनंददायी है।

आठ नवंबर, 1927 को जन्मे श्री लालकृष्ण आडवाणी जी संघर्ष और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण की यात्रा पर निकल पड़े। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर.एस.एस) के साथ उनका जुड़ाव 1942 से है, जो राष्ट्रप्रथम के प्रति उनकी प्रारंभिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। जनसंघ के साथ श्री आडवाणी जी का जुड़ाव 1951 में शुरू हुआ और पार्टी के लिए उनके अथक प्रयासों ने 1980 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नींव रखी।

उनकी पहली चुनावी जीत 1970 में हुई जब वह राज्यसभा के लिए चुने गए। उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण क्षण 1990 में अयोध्या में श्री राम मंदिर के निर्माण हेतु ऐतिहासिक रथ यात्रा थी। इस आंदोलन ने न केवल उनके नेतृत्व कौशल को प्रदर्शित किया, बल्कि हमारे सांस्कृतिक लोकाचार में गहराई से निहित सिद्धांतों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया।

श्री आडवाणी जी ने पहली बार 1986 में भाजपा अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया, इसके बाद वे वर्ष 1993 और 2004 में भी पार्टी के प्रमुख बने। श्री आडवाणी जी पांच बार लोकसभा और चार बार राज्यसभा सांसद रहे, अपने इस व्यापक सार्वजनिक जीवन के दौरान उन्होंने भारत की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और राष्ट्र निर्माण के लिए विभिन्न क्षमताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नेता के रूप में, उन्होंने अपनी विद्वता, संसदीय और प्रशासनिक कौशल से देश और लोकतंत्र को तो मजबूत किया ही है, साथ ही भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने में भी उनके प्रयास सराहनीय रहे हैं। उनके सशक्त नेतृत्व ने भाजपा को एक अलग पहचान, पार्टी के दृष्टिकोण को आकार और भाजपा को मजबूत राजनीतिक ताकत बनने में विशेष भूमिका निभाई।

1991 में वे पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए, 2002 से 2004 तक उपप्रधानमंत्री के रूप में भी श्री आडवाणी जी का कार्यकाल महत्वपूर्ण आर्थिक और ढांचागत विकास का काल था। राजनीति में शुचिता के जीवंत उदाहरण परम आदरणीय आडवाणी जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना करोड़ों भारतीयों के लिए गौरव करने वाला क्षण है।

मैं इस फैसले के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का कोटि-कोटि आभार व्यक्त करता हूं और आडवाणी जी को हार्दिक बधाई देता हूं। ईश्वर सदैव आपको स्वस्थ्य रखें एवं आप दीर्घायु हों, ईश्वर से यही प्रार्थना है।

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