रघुवर सरकार ने शराबियों का रखा ध्यान, आज से शराब बेचने का धंधा किया प्रारम्भ

राज्य के समस्त शराब प्रेमियों को रघुवर सरकार का अभिनन्दन करना चाहिए, क्योंकि इस सरकार ने आज से शराब बेचने का काम अपने हाथों में ले लिया है। राज्य सरकार द्वारा यह नेक काम अपने हाथों में ले लिये जाने से इतना तो तय हो गया कि राज्य में शराब प्रेमियों का मान-सम्मान बढ़ेगा, वे गर्व से शराब लेकर अपने घर जायेंगे और इसका सेवन आनन्दित होकर करेंगे

राज्य के समस्त शराब प्रेमियों को रघुवर सरकार का अभिनन्दन करना चाहिए, क्योंकि इस सरकार ने आज से शराब बेचने का काम अपने हाथों में ले लिया है। राज्य सरकार द्वारा यह नेक काम अपने हाथों में ले लिये जाने से इतना तो तय हो गया कि राज्य में शराब प्रेमियों का मान-सम्मान बढ़ेगा, वे गर्व से शराब लेकर अपने घर जायेंगे और इसका सेवन आनन्दित होकर करेंगे तथा अन्य राज्यों के निवासियों को कहेंगे कि हम उस राज्य में रहते है, जहां सरकार स्वयं शराब बेचती है। ये तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महामूर्ख है, जिन्होंने पूरे राज्य में शराब की बिक्री पर रोक लगा दिया, जरा देखिये हमारे मुख्यमंत्री रघुवर दास को जो शराब पिलाने के लिए इतना बेकरार है कि शराब बेचने का काम ही अपने हाथों में ले लिया। हमारे मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शराब की निर्बाधित बिक्री सुनिश्चित करने के लिए अनेक ठोस प्रयास किये है, जैसे –

  • पूरे राज्य में 210 दुकानों पर शराब बेचने का प्रबंध किया है।
  • हर शराब की दुकान पर तीन लोग रहेंगे, वे शराब की बिक्री का ब्यौरा कम्प्यूटर पर अपडेट करेंगे।
  • शराब की बिक्री से प्राप्त हुई राशि पुलिस की मदद से बैंक में जमा करायी जायेगी, अर्थात् पुलिस भी शराब की बिक्री में अप्रत्यक्ष रुप से सहयोग करेगी।
  • विबरेज कार्पोरेशन के माध्यम से शराब खुदरा दुकानों तक पहुंचाई जायेगी।
  • राज्य सरकार शराब की मांग पूरी करने के लिए 450 और शराब दुकान खोलेंगी ताकि शराब प्रेमियों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो।
  • शराब की बिकी के लिए मैन पावर आउटसोर्सिंग के तहत लिया जायेगा।

अर्थात् अब जब सरकार ही शराब पिलायें तो फिर शराब प्रेमी इसका आनन्द क्यों न उठाएं…….. हम तो कहेंगे कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी इस पर विचार करना चाहिए, जब भाजपा से गठबंधन कर ही लिया तो शराब का भी गठबंधन होने में क्या दिक्कत है, झारखण्डी शराब पिये और बिहारी शराब से दूर रहे, ये तो बड़े ही दुख की बात है। कम से कम इस मामले में भी गलबहियां हो जाती तो कम से कम बिहार के शराबप्रेमी भी नीतीश कुमार को दिल से दुआ देते, जैसे झारखण्ड के शराबप्रेमी अतिप्रसन्न है और उनके घर की महिलाएं किस्मत पर हाथ धरकर रो रही है, कि कहां से उसने भाजपा को वोट दे डाला… अब तो जब भी चुनाव होंगे तो भाजपा और इस मुख्यमंत्री को वोट से ही यहां की महिलाएं जवाब देंगी, तब रघुवर सरकार को पता चलेगा कि सरकार को शराब पिलाना, शराब की दुकान खुलवाना कितना महंगा पड़ा…

Krishna Bihari Mishra

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