रांची में आंदोलनरत छात्रों ने निकाली तिरंगा यात्रा, देवेन्द्र नाथ महतो को तिरंगा यात्रा में शामिल होने से पुलिस प्रशासन ने रोका
रांची में अपनी मांगों को लेकर जयपाल सिंह स्टेडियम में पिछले चार अगस्त से भूख हड़ताल तथा अनशन पर बैठे छात्रों ने आज तिरंगा यात्रा निकाली। जो यहां चर्चा का विषय बना हुआ है। छात्रों द्वारा निकाली गई तिरंगा यात्रा जयपाल सिंह स्टेडियम से निकली और रांची के विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई अलबर्ट एक्का चौक तक पहुंची। जहां जाम की स्थिति हो गई।
सारे छात्र भारत माता की जय, वंदे मातरम्, जय हिन्द आदि के नारे लगा रहे थे। यहीं नहीं, इन सारे छात्र-छात्राओं के हाथ में तिरंगा झंडा था। कई स्थानों पर इस तिरंगा यात्रा के उपर पुष्पवृष्टि भी की गई। कई छात्र तो व्हील चेयर के माध्यम से भी तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। उधर देवेन्द्र नाथ महतो भी तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहते थे।
लेकिन स्थानीय पुलिस ने उन्हें अस्पताल से बाहर जाने नहीं दिया। देवेन्द्र नाथ महतो के तिरंगा यात्रा में शामिल नहीं होने देने पर छात्रों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। छात्रों का कहना था कि पूरे प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अनुशासन बनाये रखा है। छात्रों का कहना था कि जेपीएससी व जेएसएससी में धांधली हुई हैं, अब तो इसे सरकार भी स्वीकार कर चुकी है।
ऐसे में सारे परीक्षाओं को रद्द करने और इसकी सीबीआई जांच कराने में सरकार को दिक्कत कहां आ रही है। छात्रों ने यह भी कहा कि अब तो उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की ओर से बुलावे का इंतजार है कि वे अब कब हमें बुला रहे हैं। ताकि समस्या का निदान निकले। छात्रों द्वारा निकाली गई आज की तिरंगा यात्रा तथा उनके द्वारा किये जा रहे आंदोलन तथा जनता का उन्हें मिल रहा सहयोग पूरे प्रदेश में इन दिनों चर्चा का विषय है।
आज मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान अपने भाषण में छात्र आंदोलन की चर्चा करते हुए छात्रों से अपील की कि वे उन पर विश्वास करें। उन सारे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी, जिन्होंने गलत किया है।
