राजनीति

झारखंड की समृद्ध कला-संस्कृति विरासत को संरक्षित करना प्राथमिकता, प्रतिभा की कमी नहीं, इस राज्य के बच्चे एवं युवा हमें कर रहे गौरवान्वित: हेमन्त सोरेन

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार एवं मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज ऑड्रे हाउस परिसर, रांची में आयोजित तीन दिवसीय स्वदेशी मेला के उद्घाटन समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए स्वदेशी उत्पादों के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में अनेक विविधताएं हैं। देश के भीतर कई विभिन्न समाज एवं वर्ग के लोग रहते हैं जिनकी अलग-अलग खूबी और पहचान है। यही खूबी और पहचान देश का एक मजबूत स्तंभ भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी का मतलब स्वयं उत्पादित वस्तुएं होती है। देश के भीतर उत्पादित वस्तुओं को अधिक से अधिक बढ़ावा मिले यह हम सभी की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार निरंतर इस दिशा में बेहतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी स्वदेशी को अपनाया तथा स्वदेशी अपनाने के प्रति देशवासियों को प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी मेला न केवल स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों को एक सशक्त मंच प्रदान करता है बल्कि यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने का भी सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा आज सरकार द्वारा गांव तथा शहरों में कई कार्यक्रमों अथवा आयोजनों के माध्यम से स्वदेशी उत्पादों को प्रमोट किया जा रहा है। आज इस ऐतिहासिक ऑड्रे हाउस परिसर में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य भी स्वदेशी वस्तुओं के साथ-साथ राज्य की कला-संस्कृति को बढ़ावा देना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड प्रदेश खनिज संपदाओं से पहचाना जाता है। ईश्वर ने इस राज्य में जमीन के अंदर के साथ-साथ जमीन के ऊपर भी काफी आकर्षक और खूबसूरत संपदाएं दी है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज स्वदेशी खान-पान के साथ जिस प्रकार जीवनयापन करना सिखा था वह काफी प्रभावित करने वाली चीजें हैं। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं आज के वर्तमान दौर में मनुष्य कई ऐसी चीजों से प्रभावित हैं जिससे शरीर के आंतरिक तथा बाह्य अवस्थाओं में भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड के लोगों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हमारे राज्य के युवा शिक्षा, संस्कृति तथा खेलकूद सहित विभिन्न क्षेत्रों में बहुत आगे हैं। हमारे बच्चे सीमित संसाधनों के बीच हर मंच पर राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं। इस राज्य की कला-संस्कृति की देश-दुनिया में अलग पहचान है। यहां के कलाकार कोई परिचय के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इस राज्य के सरकारी स्कूलों में अध्यनरत बच्चे नेशनल लेवल पर आयोजित प्रतियोगिता-परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर अपने प्रतिभा को लोहा मनवा रहे हैं, यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है।

इस अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार एवं मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने स्वदेशी मेले में लगे विभिन्न प्रदर्शनी एवं स्टॉल का अवलोकन किया तथा कारीगरों से बातचीत कर उनके कार्य की सराहना की। मेले में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिल्पकारों द्वारा लगाए गए स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे, जहां हस्तनिर्मित वस्त्र, आभूषण, घरेलू सजावटी सामग्री एवं मिट्टी तथा बांस इत्यादि से उत्पादित स्वदेशी वस्तुएं प्रदर्शित किए गए हैं। राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के आगमन पर लोक कलाकारों द्वारा पारंपरिक नृत्य एवं गीतों के साथ हार्दिक स्वागत किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *