अपनी बात

प्रभात खबर ने दिवंगत सुदिव्य सोनू को दिये जा रहे श्रद्धांजलि मामले में हर छोटे-बड़े राजनीतिक, सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों को अपने यहां स्थान दिया, पर भाजपा व उनके नेताओं को जगह नहीं दी, उन्हें किक आउट किया

रांची से प्रकाशित खुद को अखबार नहीं आंदोलन कहलवाने वाले प्रभात खबर ने आज अपने अखबार से पूरी तरह भाजपा को किक आउट कर दिया है। यह बात विद्रोही24 इसलिए लिख रहा है कि कल यानी रविवार को झारखण्ड के नगर विकास एवं आवास आदि कई मंत्रालयों को संभाल रहे मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया था। जिसको लेकर करीब-करीब सारे प्रमुख दलों व विभिन्न सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों ने शोक प्रकट किया था।

शोक प्रकट करनेवालों में भाजपा के कई नेता जैसे प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन, केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ आदि भी शामिल थे। भाजपा ने तो बजाप्ते इसके लिए प्रेस विज्ञप्ति भी जारी किया था। लेकिन प्रभात खबर ने अपने अखबार में भाजपा के इन नेताओं को अपने यहां स्थान नहीं दिया और न ही भाजपा की प्रेस विज्ञप्ति ही छापी।

अब ऐसा काम प्रभात खबर ने क्यों किया? इसको लेकर विद्रोही24 ने प्रभात खबर के महान संपादक संजय मिश्र (यहां मैं संजय मिश्र के लिए महान शब्द का प्रयोग इसलिए कर रहा हूं कि हाल ही में झारखण्ड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें एक कार्यक्रम में पत्रकारिता कार्य में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने के लिए उन्हें पुरस्कृत किया था। तो ऐसे हालात में जब राज्यपाल ने उन्हें पुरस्कृत किया तो निःसंदेह ही वे महान होंगे, क्योंकि राज्यपाल सामान्य लोगों को तो पुरस्कृत करते नहीं) से संपर्क किया। पर जनाब अत्यधिक व्यस्त होने के कारण मुझ जैसे नाचीज की फोन नहीं उठाई।

अब कोई फोन नहीं उठाये, आप उसके लिए उससे कोई जबरदस्ती तो कर नहीं सकते। अतः मैंने उन्हें प्रणाम कर आगे बढ़ने की कोशिश की। प्रभात खबर फिर दुबारा पलटा। तो देखा कि इस अखबार ने पृष्ठ संख्या सात पर एक खबर छापी है। हेडिंग दिया है – राजनीतिक सामाजिक संगठनों ने जताया शोक। विद्रोही24 ने सोचा कि कही इसमें भाजपा की ओर से कोई बयान दिख जाये। पर नहीं दिखा।

इस अखबार ने झामुमो, जेएलकेएम, आजसू, आमया संगठन, झारखण्ड छात्र संघ, मूलवासी सदान मोर्चा, पासवा, कांग्रेस के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, राष्ट्रीय जनता दल, लोक जनशक्ति पार्टी, कांग्रेस पार्टी, आईएचएम, रांची विश्वविद्यालय, झारखण्ड समाचार पत्र विक्रेता संघ, भाकपा माले, झारखण्ड हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन, प्रशासनिक पदाधिकारी, रांची के उपायुक्त, झारखण्ड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ, कहने का मतलब छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी राजनीतिक दलों तथा सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों का इस अखबार ने ध्यान रखा और भाजपा को पूरी तरह से किक आउट किया। यानी इस अखबार के पास सारे राजनीतिक दलों और सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों के लिए दरवाजे कल खुले थे। लेकिन कल इसने भाजपा के लिए दरवाजे बंद कर दिये थे।

प्रभात खबर ने अपने रांची संस्करण में भाजपा को पूरी तरह किक आउट किया। इस बात से कई समर्पित भाजपा कार्यकर्ता नाराज दिखे और उनका कहना था कि आखिर प्रभात खबर ने ऐसा क्यों किया? यह समझ से परे हैं। इन भाजपा नेताओं का कहना था कि कही ऐसा तो नहीं कि प्रभात खबर सत्तापक्ष को ये दिखाना चाह रहा हो कि देखिये मैंने आपके लिए भाजपा जैसी विरोधी दलों को किक आउट कर दिया है। ऐसे में आप हमारे ऊपर कृपा बनाये रखियेगा, ताकि आपकी कृपा से हम झारखण्ड में फलते-फूलते रहे…

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