अपराध

PM महिला-सशक्तिकरण की बात करते हैं और इनके विधायक उन्हें सड़क पर लात-घूसों से पीटते हैं

आपको पानी मिल या मिले, बिजली मिले या मिले, आपके इलाके में सड़कों पर गंदगी ही क्यों बिखरी हो, ऐसे हालत में इसकी शिकायत भूलकर भी किसी भाजपा नेता के समक्ष करें और इससे मुक्ति पाने के लिए सलाह देने का प्रयास करें, अगर महिला हैं तो आपको और भी सख्त  हिदायत दे दी जाती हैं, नहीं तो पिटाने के लिए या अपना सम्मान गंवाने के लिए तैयार रहे, क्योंकि यह मैं ऐसे ही नहीं कह रहा हूं, आजकल भाजपा विधायकों का घमंड सातवे आसमान पर हैं, वे ऐसा करने में इफबट नहीं लगाते, सीधे ठुकाई करते हैंऔर बाद में जब देखते है कि मामला तूल पकड़ रहा हैं तो बड़ी ही सफाई से माफी भी मांग लेते हैं

ताजा मामला गुजरात से हैं, जहां अहमदाबाद के नरोदा से भाजपा विधायक बलराम थवानी ने एनसीपी की वार्ड प्रभारी नीतू तेजवानी की जमकर पिटाई कर दी। भाजपा विधायक बलराम थवानी की नीतू तेजवानी से की गई मारपीट का विडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। मारपीट की शिकार महिला के अनुसार वह अपने इलाके में पानी के पाइप लाइन काटे जाने को लेकर भाजपा विधायक से बात करने गई थी, जिस पर भाजपा विधायक ने उसके साथ मारपीट कर दी और जब बाद में ये मामला तूल पकड़ा तो भाजपा विधायक ने माफी मांग ली।

महिला एनसीपी नेता ने थाने में अपनी शिकायत दर्ज करा दी है, जिसमें उसने शिकायत की है कि भाजपा विधायक बलराम थवानी से वह अपने इलाके में पानी की कमी के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने गई थी, लेकिन विधायक ने उसके साथ अपमानजनक व्यवहार किया, उनके साथ क्रूरता दिखाई। विडियो में साफ हैं कि भाजपा विधायक थवानी, महिला एनसीपी नेता को लात और घूसों से मार रहा है, इस विडियो को थवानी कार्यालय के समक्ष ही, वहां मौजूद लोगों ने कैमरे में कैद कर लिया तथा उसे वायरल कर दिया था।

इधर भाजपा विधायक के कथनानुसार, वह जानबूझकर ऐसा नहीं किया, बल्कि भावनाओं में बह गया था, भाजपा विधायक ने अपनी गलती तो स्वीकार कर ली है, साथ ही उक्त महिला से क्षमा मांगने की भी बात स्वीकार की है। इधर एनसीपी महिला ने महिला सुरक्षा को लेकर, पीएम नरेन्द्र मोदी से ही सवाल कर दिया है कि वे बताएं कि उनके शासनकाल में महिलाएं कैसे सुरक्षित है, उक्त महिला नेता ने अपनी शिकायत पुलिस थाने में दर्ज करा दी है, पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है, वर्तमान में पीड़िता का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है, अब सवाल उठता है कि क्या सचमुच में उक्त एनसीपी महिला को न्याय मिलेगा?