अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सहिया बहनों को मिलेगा एकमुश्त 24 हजार, भुगतान की प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक तैयारियां होंगी तेजः इरफान
झारखण्ड विधानसभा के बजट सत्र का तीसरा दिन पौने दस मिनट विलम्ब से शुरु हुआ। बजट सत्र के तीसरे दिन (शुक्रवार को) सदन में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने घोषणा की कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राज्य की सहिया बहनों को एक वर्ष का बकाया मानदेय एकमुश्त 24 हजार रुपए भुगतान किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने यह घोषणा सदन में मांडू विधायक निर्मल महतो द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में की।
सदन में अल्पसूचित प्रश्नोत्तर काल में निर्मल महतो ने कहा कि राज्य की सहिया बहनें लंबे समय से अपने मानदेय के भुगतान को लेकर परेशान हैं और विधानसभा के बाहर धरना देने को विवश हैं। वहीं, विधायक स्टीफन मरांडी ने भी सहिया का मानदेय बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना की राशि के समान ही सहिया बहनों का भी मानदेय बढ़ाया जाय। मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरकारी इस दिशा में गंभीर है।
वित्त मंत्री ने पेश किया 6450 करोड़ का तृतीय अनुपूरक बजट
झारखंड विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन शून्यकाल में शुक्रवार को जनसरोकार से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। सदन में जहां एक ओर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 6450 करोड़ रुपये का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया। वहीं, विपक्ष और सत्तापक्ष के विधायकों ने छात्रों, रैयतों और आम जनता से जुड़े विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा प्रस्तुत 6450 करोड़ रुपये के तृतीय अनुपूरक बजट में विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया है। सरकार ने इसे विकास कार्यों को गति देने वाला कदम बताया।
अंचल कार्यालयों की कार्यशैली को लेकर विधायकों ने सदन में सरकार को घेरा
झारखंड विधानसभा में प्रश्नोत्तर काल के दौरान अंचल कार्यालयों (सीओ ऑफिस) की कार्यशैली को लेकर विधायकों ने सदन में सरकार को घेरा। भाजपा की नीरा यादव, सीपी सिंह और मनोज यादव समेत कई विधायकों ने एक स्वर में कहा कि आम जनता और छात्र ब्लॉक के चक्कर काट-काट कर थक जाते हैं, लेकिन बिना सुविधा शुल्क के कोई काम नहीं हो रहा है।
विधायकों के सवालों का जवाब देते हुए राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री दीपक बिरुआ ने सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि राज्य में 2011 से राइट टू सर्विस (सेवा का अधिकार अधिनियम) लागू है, जिसमें हर काम के लिए समय सीमा निर्धारित है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कोई अंचल अधिकारी निर्धारित समय के भीतर काम नहीं करता या अधिनियम का उल्लंघन करता है, तो जांच के बाद उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
म्यूटेशन सिस्टम पर सवाल
विधायक नीरा यादव ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि जमीन निबंधन के बाद दाखिल खारिज कराने और अन्य जरूरी प्रमाण पत्र लेने में जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, छात्रों को आय प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा वर्ष 2022 से लागू सुओ-मोटो दाखिल-खारिज सिस्टम जमीन पर प्रभावी नहीं दिख रहा है। बच्चों को प्रमाण पत्र देने के लिए विशेष कैंप लगाए जाने चाहिए।
मंत्री कलेजे पर हाथ रखकर बोलेः सी पी सिंह
पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक सीपी सिंह ने तल्ख तेवर अपनाते हुए मंत्री दीपक बिरुआ से सीधा सवाल किया। उन्होंने कहा, मंत्री बनने से पहले आप भी विधायक थे। जरा कलेजे पर हाथ रखकर बताइए, क्या आप नहीं जानते कि क्या हो रहा है? हम विधायकों का आधा दिन सीओ ऑफिस की शिकायतों को सुलझाने में ही गुजर जाता है। सीपी सिंह ने कहा कि कानून बनाने मात्र से अपराध और भ्रष्टाचार नहीं रुकता। एक ही प्लॉट पर बार-बार म्यूटेशन होना निर्लज्जता की हद है।
उन्होंने मांग की कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि किसी को भी कार्यालय में रिश्वत न देनी पड़े और समय पर काम न करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। इसके जवाब में मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि बच्चों के जाति, आवासीय और आय प्रमाण पत्र जैसे मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विभाग की ओर से एक बार फिर से कड़ा आदेश जारी किया जाएगा।
विधानसभा में उठा प्रवासी मजदूरों का मामला
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन(शुक्रवार) को सदन में प्रवासी मजदूरों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। डुमरी के विधायक जयराम महतो ने राज्य में प्रवासी मजदूरों की संख्या और उनके निबंधन को लेकर सरकार से सवाल किया। उन्होंने कहा कि झारखंड में लगभग 15 लाख प्रवासी मजदूर हैं, लेकिन अब तक केवल 2.29 लाख मजदूरों का ही निबंधन हुआ है।
ऐसी स्थिति में काफी संख्या में मजदूर सरकारी योजनाओं और आपदा के समय मिलने वाली सहायता से वंचित रह जाते हैं। विधायक जयराम महतो ने सरकार से पूछा कि जब राज्य के 80 से 85 प्रतिशत प्रवासी मजदूरों का निबंधन ही नहीं हुआ है, तो जरूरत पड़ने पर उन्हें सरकारी सहायता कैसे उपलब्ध कराई जाएगी?
उन्होंने सरकार से स्पष्ट कार्ययोजना और ठोस तैयारी की जानकारी देने की मांग की। इस पर श्रम मंत्री संजय यादव ने सदन को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार प्रवासी मजदूरों के निबंधन को लेकर गंभीर है और इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों और उनके परिवारों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। यदि राज्य के किसी मजदूर के साथ देश या विदेश में कोई घटना घटती है, तो सरकार हर संभव सहायता प्रदान करती है।
अल्पसूचित प्रश्नोत्तर काल के दौरान विधायक चंद्रदेव महतो के सवाल पर अधिकृत किए गए विधायक अरुप चटर्जी ने प्रवासी मजदूरों के लिए अलग निदेशालय के गठन की मांग की। वहीं, बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रवासी मजदूरों का मामला काफी गंभीर है। श्री मरांडी ने प्रवासी मजदूरों को अन्य राज्यों में हो रहे भाषाई समस्याओं के समाधान के लिए झारखंड से एक अधिकारी संबंधित राज्यों में नियुक्त करने की मांग की।
मिहिजाम होम्योपैथिक कॉलेज के जीर्णोद्धार की मांग
विधानसभा में तारांकित प्रश्न काल के दौरान विधानसभा अध्यक्ष रबिन्द्र नाथ महतो ने सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मिहिजाम होम्योपैथिक कॉलेज के जीर्णोद्धार का अनुरोध किया। तारांकित प्रश्न में भाजपा के सीपी सिंह द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित है। आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी।
इसी क्रम में विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि जामताड़ा और नाला विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मिहिजाम होम्योपैथिक कॉलेज काफी जर्जर अवस्था में है और बंद होने के कगार पर है। इसलिए उन्होंने आग्रह किया कि होम्योपैथिक कॉलेज का जीर्णोद्धार किया जाय।
