अपराध

मौसमी चौधरी की मां ने लगाई न्याय की गुहार, लगाया आरोप – पहले पुलिस बिकी, फिर सीबीआई

आज ट्रेनी एयर होस्टेस मौसमी चौधरी की जयंती है। कोविड को देखते हुए मां तापसी चौधरी ने सार्वजनिक जगह पर कोई कार्यक्रम करने की जगह घर पर ही मौसमी के चित्र की पूजा कर और शंख बजाकर श्रद्धांजलि दी। सामाजिक कार्यकर्ता राधाकांत ओझा भी मौसमी के घर पहुंचे और तापसी चौधरी के साथ मिलकर श्रद्धांजलि दी।

मौसमी कांड क्या है?

आहा संस्थान की ट्रेनी एयर होस्टेस मौसमी चौधरी को होटल सोनेट से 9 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में टीएमएच लाया गया था। जहां पहले आईसीयू, फिर सीसीयू में इलाजरत रहने के बाद 20 मई को उसे मृत घोषित किया गया था। मां तापसी चौधरी ने बेटी के साथ होटल में दुष्कर्म कर हत्या का आरोप लगाया था।

मां का स्पष्ट कहना था कि मौसमी की हत्या 9 मई 2009 को ही हो गई थी और टीएमएच में तत्कालीन टाटा स्टील के वीपी पार्थो सेन गुप्ता के दबाव पर जबरन मौसमी के शव को रखा गया था। बाद में 20 मई 2009 को उसे मृत घोषित किया गया था। मां का आरोप है कि होटल मालिक की पहुंच टाटा के अधिकारियों और पुलिस तक होने की वजह से पुलिस लेवल पर मामले की लीपापोती कर दी गई।

बाद में हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दो-दो बार सीबीआई जांच हुई लेकिन न्याय नहीं मिला। मां ने आरोप लगाया है कि रसूखदार आरोपियों की वजह से सीबीआई भी बिक गई। इसके बावजूद मां को न्यायालय पर भरोसा है।

मामले के तार डा. प्रभात हत्याकांड से जुड़े

मां तापसी चौधरी ने मौसमी चौधरी की हत्या के छह महीने के भीतर टीएमएच की इमरजेंसी के हेड डा. प्रभात की हत्या के पीछे भी मौसमी हत्याकांड को वजह बताई है। मां का कहना है कि मौसमी को सबसे पहले टीएमएच के इमरजेंसी में लाया गया था, जहां शव के दाखिले को डा. प्रभात ने दाखिला लेने से इंकार कर दिया था।

उसके बाद घटना को छुपाने के लिए  तत्कालीन टाटा के वीपी पार्थो सेनगुप्ता के दबाव पर मौसमी को पहले आईसीयू और फिर सीसीयू में दाखिल कराया गया। तापसी चौधरी ने आरोप लगाया कि मौसमी किस हालत में टीएमएच लाई गई थी, इसके अहम गवाह डा. प्रभात थे, जिस वजह से उनकी भी हत्या कर दी गई।

सरकार किसी की भी हो, किसी ने मदद नहीं की

मां तापसी चौधरी को इस बात का दुख है कि कई सीएम आए और गए लेकिन किसी ने उनकी बेटी को न्याय दिलाने में मदद नहीं की। तापसी चौधरी ने सरयू राय और रघुवर दास के उन बयानों की कटिंग आज भी रखी है, जिसमें उनलोगों ने कहा था कि मौसमी हत्याकांड के तार डा. प्रभात हत्याकांड से जुड़े हैं। उसके अलावा तमाम अन्य सबूतों को लिए वह संघर्षरत है। सीएम बनने के बाद रघुवर दास भी इस मुद्दे को भूल गए।

सीबीआई दुर्घटना मानने का डालती है दबाव

मां तापसी चौधरी ने आरोप लगाया कि सीबीआई लगातार दबाव बना रही है कि वह अपनी बेटी के साथ हुई घटना को दुर्घटना मान ले और वैसी गवाही दे। लेकिन मां तापसी चौधरी ने मरते दम तक न्याय के लिए लड़ने की बात कही है।