राजनीति

जयपुर में सरकारी रैली में मोदी-वसुंधरा खुश, जनता नाराज, स्वच्छता की उड़ी धज्जियां

कल जयपुर में एक सरकारी रैली को संबोधित करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहुंचे। करीब दो लाख की भीड़ सरकारी बाबूओं-अधिकारियों-भाजपा नेताओं के द्वारा जयपुर में लाई गई थी। जयपुर में आयोजित सरकारी रैली में शामिल होने आये लोगों के बाद, जयपुर शहर की क्या स्थिति है, इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिज्ञासा जताई, फिर क्या था, प्रधानमंत्री के हेलीकॉप्टर को दो बार जयपुर शहर में घुमाया गया, भीड़ देखकर प्रधानमंत्री खुश।

जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जयपुर के अमरुद बगान सभास्थल पर पहुंचे, जमकर वसुंधरा राजे सिंधिया के कार्यों का बखान किया, तथा एक तरह से संदेश दिया कि जो वसुंधरा के खिलाफ जायेगा, उसकी खैर नहीं। इसी बीच कल की सरकारी रैली की प्रशंसा जयपुर से प्रकाशित अखबार “दैनिक भास्कर” ने ठीक उस प्रकार की है, जैसे एक भक्त भगवान की करता है, जबकि जयपुर से ही प्रकाशित अखबार “राजस्थान पत्रिका” ने पाठकों के साथ न्याय किया है।

जरा देखिये, “दैनिक भास्कर” ने क्या लिखा। भास्कर लिखता है कि जनता ने दिया स्वच्छ भारत का संदेश और नगर निगम की जमकर प्रशंसा कर दी, जबकि राजस्थान पत्रिका लिखता है कि स्वच्छता अभियान का उड़ा मखौल, निगम की व्यवस्था लचर दिखी, आधुनिक शौचालय लगाने के दावे किये गये, लेकिन ये इतने कम थे कि लोग खुले में ही शौच करने लगे।

भास्कर ने जमकर इस रैली की आरती उतारी, जबकि राजस्थान पत्रिका ने जनता की आवाज को भी सामने रखा, जैसे थानागाजी के मुकेश कुमार शर्मा कहते है कि मुझे पीएम आवास की सौगात मिली है, कई योजनाओं का लाभ पाने से आज भी दूर हैं। इनके नियमों को सरकार सरल करें, मोदी के भाषण से संतुष्ट हूं। शिव राम प्रजापत कहते है कि सरकार ने कुम्हारों के लिए कुछ नहीं किया है, सरकार जातिवाद के आधार पर काम करती है। उम्मीद है, सरकार सबके भले के बारे में सोचे। बांसवाड़ा के विक्रम सिया कहते है कि सरकार काम कम, वादे ज्यादा करती है, कुछ समय बाद चुनाव है। इससे पहले गरीबों के हित में कुछ काम करें तो बात बनें। मैं सरकार के काम से संतुष्ट नहीं हूं।

नागौर के अन्नाराम कहते है कि मैं खेती का काम करता हूं, सरकार की ओर से योजनाओं का लाभ हमारे गांव को नहीं मिला है। सरकार चुनाव आने से पहले किसानों-ग्रामीणों सुविधाओं का लाभ दें।इस सरकारी रैली में उन लोगों का जमकर अपमान किया गया, जो कल शनिवार होने के कारण, काले रंग का वस्त्र या उपवस्त्र धारण करते हैं, जो-जो व्यक्ति काले रंग का कपड़ा पहने नजर आया, उसके शर्ट-कमीज ही नहीं बल्कि उसके अंदर की गंजी तक उतरवा दी गई, क्या ये शर्मनाक घटना नहीं, हद तो तब हो गई, जब एक राजापार्क निवासी सिक्ख युवक गुरमीत सिंह  जो काली पगड़ी पहने पहुंचा था, उसे पगड़ी उतारने को कहा गया, लेकिन जब सिक्ख युवक ने पगड़ी नहीं उतारी तब उसे उसकी पगड़ी को भगवा कलर से ढकने को कहा गया, राजस्थान पत्रिका ने इस बात का उल्लेख किया है।

अब सवाल उठता है कि जो प्रधानमंत्री स्वयं अपने हाथों में काले रंग का डोरा बांधे रहते है, वे क्या काले कपड़ों से इतना डरते है, जैसा कि जयपुर में सरकारी रैली के दौरान देखा गया, काले रंग से इतना डर, हद हो गई भाई। कल की सरकारी रैली ने कई बातों को सिद्ध किया, कि सरकारी बाबू हो या अधिकारी, या आइएएस/आइपीएस सभी का चाल चरित्र एक ही हैं, चाहे वे किसी भी राज्य में क्यों न पदस्थापित हो, अब उनका काम यह भी हो गया है कि वे नेताओं की रैलियों के लिए भीड़ भी जुटाएं, जिसका वे निर्वहण भी बड़ी निष्ठा के साथ कर रहे हैं। भाजपा नेताओं ने सिद्ध कर दिया कि वहीं सरकारी अधिकारी पद-प्रतिष्ठा पायेंगे, जो उनकी बड़ी ही निष्ठा के साथ सेवा में लगे रहेंगे, और जो ऐसा नहीं करेंगे, वे कोपभाजन बनने के लिए तैयार रहे।

कल की जयपुर की सरकारी रैली ने एक बात तो तय कर दिया कि भले ही जनता को सरकार के मुलाजिम सभास्थल पर ढोकर ले आये, पर जनता की नाराजगी, सीएम वसुंधरा से कम नहीं हुई है, और आनेवाले समय में जब भी चुनाव होंगे, वहां कांग्रेस बहुत बड़ी मार्जिन से जीत दर्ज करने जा रही हैं, और सचिन पायलट के नेतृत्व में अगली सरकार राजस्थान में कांग्रेस की बनने जा रही हैं, क्योंकि जब मोदी की सरकारी रैली में जनता खुलकर वसुंधरा सरकार की आलोचना कर रही है, तो समझ लीजिये, परिणाम क्या आयेगा?