धनबाद के छाताबाद में फिर भू-धसांन, कई घर जमीदोज, कई नागरिक हुए लहुलूहान, विजय झा ने सीआईएसएफ और यहां अवैध उत्खनन को प्रमोट कर रहे नेताओं को इस कांड के लिए ठहराया दोषी
धनबाद के छाताबाद में एक बार फिर भू-धसान हुआ है। कई घर जमीदोंज हो गये तो कई लोग बुरी तरह घायल हो गये। स्थिति बद से बदतर हो गई है। लोग कल की घटना से बहुत दुखी है। ज्यादातर लोग इस घटना के लिए धनबाद में चल रहे अवैध उत्खनन को दोषी ठहरा रहे हैं। लेकिन किसी की हिम्मत नहीं कि अवैध उत्खनन करने/करानेवालों के खिलाफ एक शब्द बोल भी सकें। आश्चर्य है, भुक्तभोगी अपनी आँखों के सामने अपने घरों को जमीदोज होते हुए देख रहे हैं।
अपने लोगों को लहुलूहान होते देख रहे हैं। फिर भी उनके मुंह बंद हैं। ऐसा नहीं कि कल जो छाताबाद में भू-धसान हुआ है। वो कोई पहली घटना है। छाताबाद में इसके पूर्व भी भू-धसान हुआ था। लेकिन उससे किसी ने सीख नहीं ली और न ही ऐसी घटना घटे, इसके लिए कोई कदम उठाये गये। लोग आज भी अपने जमीदोज हो रहे घरों और सपनों को देख रोने को विवश है। लेकिन उन्हें कोई रास्ता नहीं दिख रहा।
इधर धनबाद के वरिष्ठ समाजसेवी विजय झा कहते है कि कल धनबाद के छाताबाद में घटित घटना, भयभीत व हृदय विदारक घटना है। मैं बार-बार आगाह कर रहा था। इस बरसात में इस प्रकार की हृदय विदारक घटना घटेगी। अगर किसी को विश्वास नहीं हो, तो मेरे द्वारा विभिन्न चैनलों को दी गई बाइट को देखा या सुना जा सकता है। मेरे कहने का मूल कारण था कि जिस प्रकार से इस क्षेत्र में अवैध उत्खनन की घटनाएं घटित हो रही है। ऐसे में इस प्रकार की घटना का घटित होना तो सामान्य सी बात है।
वे कहते हैं कि बीसीसीएल में जितने भी पदस्थापित सीआईएसएफ के पदाधिकारी है, जो देश की संपत्ति को बचाने उसकी सुरक्षा के लिए रखे गये थे। जिन पर अवैध उत्खनन को रोकने की जिम्मेदारी है। जिनके कैंप के सामने से अंगारपथरा में हाइवा निकलता था। इस बात को लेकर कई बार हमने प्रेस कांफ्रेस कर इस बात को कहा था कि सीआईएसएफ हटाओ, बीसीसीएल बचाओ। ये अलग बात है कि इन दिनों सीआईएसएफ कुछ बेहतर ढंग से काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि यहां अवैध उत्खनन बराबर चल रहा है। समय-समय पर लोग इस अवैध उत्खनन के खिलाफ सड़क पर उतरते रहते हैं। लेकिन सच्चाई यह भी है कि फिर धीरे-धीरे यह विरोध खत्म हो जाता है। आज जो स्थिति है। यह भयावह घटना घटी है। इस प्रकार की घटना को रोकने के लिए लोगों का यहां पर जेन-जी जैसी आंदोलन को रूप देना होगा। संघर्ष करना होगा। नहीं तो ये स्थितियां रुकेगी नहीं। घर परिवार सभी ध्वस्त होते चले जायेंगे। यहां एक भी आदमी रह नहीं पायेगा।
विजय झा कहते है कि यही सीआईएसएफ जब एयरपोर्ट पर होता है तो आप कोई गलत गतिविधियों को अंजाम नहीं दे सकते और यहीं सीआईएसएफ इस कोयला पट्टी में हैं तो देखिये क्या हाल हो गया है। जमकर अवैध उत्खनन हो रहा है और कोई उसे रोक नहीं रहा। अवैध उत्खनन के कारण लोगों के घर ध्वस्त हो रहे हैं। इसकी चिन्ता तक इनलोगों को नहीं। इसका मूल कारण अपराधियों के साथ इनकी मिलीभगत है। तभी तो इस प्रकार के मामले संसद में भी नहीं उठते।
उन्होंने कहा कि अभी तक अवैध उत्खनन को लेकर 68 प्राथमिकियां दर्ज हुए हैं। ये आरटीआई से पता चला है। लेकिन सारे प्राथमिकी अननोन हैं। क्या लोगों को पता नहीं है कि प्राथमिकी करानेवाले कौन है? और ये प्राथमिकियां किसके डर से अननोन हो रही हैं। विजय झा कहते है कि अगर कोई कहता है कि अवैध उत्खनन राज्य सरकार करवा रही है, तो वो सफेद झूठ बोलता है। भूमिगत संपत्ति केन्द्र के अधीन है। सीआईएसएफ केन्द्र के अधीन है। इसलिए इसकी जिम्मेवारी केन्द्र की है। अगर यहां अवैध उत्खनन हो रहा है, तो इसके लिए सीधे-सीधे केन्द्र दोषी है।
विजय झा कहते हैं कि जब यह बोलनेवाले को परम ज्ञान की प्राप्ति हो गई थी कि ये सारा कुकर्म केन्द्र न कराकर राज्य सरकार करा रही है, तब तो ऐसे हालत में यहां के सांसद को और यह मुद्दा जोर-शोर से संसद में उठाना चाहिए था कि धनबाद में अवैध उत्खनन का काम राज्य सरकार करवा रही है। इसलिए जनता को बेवकूफ बनाना लोग छोड़े। लोकसभा में आज तक सांसद ने यह मामला नहीं उठाया।
