प्रतिशोध की भावना छोड़े झामुमो, कोई भी जनप्रतिनिधि एक आम आदमी की सुरक्षा के संबंध में भी मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन को पत्र लिख सकता हैः भाजपा

झामुमो के केन्द्रीय महासचिव व प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य द्वारा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के सलाहकार सुनील तिवारी के खिलाफ दिये गये बयान का भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री कर्मवीर सिंह के खासमखास कृपापात्र व प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा ने प्रतिवाद किया है। अपने प्रतिवाद में प्रदीप वर्मा ने कहा है कि सुप्रियो भट्टाचार्य का बयान स्पष्ट करता है कि झामुमो सुनील तिवारी से कैसा प्रतिशोध की भावना रखती है।

प्रदीप वर्मा का कहना है कि सरकार को कोई भी जनप्रतिनिधि एक आम आदमी की सुरक्षा के संबंध में भी मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन को पत्र लिख सकता है। लेकिन झामुमो की बौखलाहट का अर्थ झारखंड की जनता को जानना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुंबई मॉडल कांड में मुख्यमंत्री पर आरोप जग जाहिर है और सुनील तिवारी उस मामले में इंटरवेनर हैं। आज भी वह मामला समाप्त नही हुआ है, न्यायालय में लंबित है।

उन्होंने कहा कि सुनील तिवारी को केस मुकदमा में फंसाकर हेमंत सरकार बदला लेना चाहती है। सुप्रियो भट्टाचार्य को झूठ भी थोड़ा संभलकर बोलना चाहिए। सुनील तिवारी जिस मामले में बेल पर हैं वह मामला नाबालिग लड़की से नहीं जुड़ा है। उस मामले में बेल स्वीकृत करते हुए जिस प्रकार से न्यायालय ने राज्य पुलिस और उसकी जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उससे स्पष्ट है कि हेमंत सरकार जान बूझकर उन्हे फंसाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि सुप्रियो भट्टाचार्य को सुनील तिवारी के बेल ऑर्डर को मीडिया में पढ़ कर सुना देना चाहिए। मुंबई मॉडल केस भी अभी समाप्त नही हुआ है। जिसे दबाने की हर संभव कोशिश मुख्यमंत्री कर रहे हैं। झामुमो मुख्यमंत्री को भ्रष्टाचार के आरोपों में रोज-रोज उलझता देख बौखलाहट में है, इसलिए उल्टे-सीधे आरोपों से जनता को दिग्भ्रमित करना चाहता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में राज्य सरकार के खिलाफ जनांदोलन को और तेज करेगी।