JMM का आरोप RSS और प्रशासन मिल किया संत जॉन कॉलेज पर हमला, ट्रैफिक जूर्माने वसूलने की शैली पर भी उठाए सवाल

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने आज रांची में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि साहेबगंज जिले के राजमहल इलाके के तीन पहाड़ थाना क्षेत्र में स्थित एक अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान संत जॉन वटसन इंटर कॉलेज में गत 3 सितम्बर को आपस में मारपीट की घटना हुई। उसके बाद आरएसएस और जिला प्रशासन के लोगों ने मिलकर उक्त संस्थान में जमकर बवाल काटा, छात्रों के साथ मारपीट की, गाड़ियों को क्षतिग्रस्त किया, कॉलेज के सम्पतियों को नष्ट किया।

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि इस घटना के बाद वहां के लोगों ने एससी-एसटी एक्ट के तहत 25 लोगों को चिन्हित एवं 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि एक सुनियोजित साजिश के तहत रिमोट जगहों पर इस प्रकार की घटना कुछ ज्यादा ही हो रही है और आश्चर्य इस बात की है कि मीडिया भी इस बात का संज्ञान नहीं ले रही हैं, क्योंकि इस प्रकार की घटना स्थानीय स्तर तक तो छप जाती हैं, पर रांची जैसे शहरों तक जहां बड़े-बड़े प्रशासनिक अधिकारी व सरकार बैठती हैं, वहां तक बातें नहीं पहुंच पाती, उसका मूल कारण अखबारों का जिलास्तर का हो जाना है। दुर्भाग्य है कि पलामू, कोल्हान एवं संताल परगना की खबरें रांची तक नहीं पहुंच पाती।

उन्होंने कहा कि साहेबगंज में घटी इस घटना को देखते हुए दिशोम गुरु शिबू सोरेन के दिशा-निर्देश पर एक जांच टीम का गठन किया गया है, जिसके अध्यक्ष प्रो. स्टीफन मरांडी, तथा नलिन सोरेन, लोबिन हेम्ब्रम, पंकज मिश्रा, राजाराम मरांडी एवं सूरज टुडू सदस्य बनाये गये है।

उन्होंने कहा कि वे राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास से अपील करेंगे कि वे राज्य की समरसता को प्रभावित करने का काम न करें। समाज को न जलाएं, विभेद मत करें, सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित न करें। वर्तमान में जो क्रिश्चियन-मुस्लिम को टारगेट किया जा रहा हैं, उसे बंद करें, क्योंकि वो इलाका चांद-भैरव, सिदो-कान्हो, फूलो-झानो का है। उन्होंने कहा कि जैसे ही जांच टीम की रिपोर्ट झामुमो के पास आयेगी, एक प्रतिनिधिमंडल झारखण्ड की राज्यपाल से मिलकर वस्तुस्थिति की जानकारी देगी।

उन्होंने कहा कि झारखण्ड में गजब की स्थिति है, यहां सत्तापक्ष व विपक्ष के जनप्रतिनिधियों की कोई इज्जत ही नहीं हैं, हाल ही में देखा गया कि इसी इलाके में एक जिलाधिकारी, सत्तारुढ़ दल के विधायक को कुर्सी से दूर फेंकने का काम करता है और खुद मुख्यमंत्री के बगल में बैठ जाता है। ऐसे स्थिति में तो जन-प्रतिनिधियों के सम्मान पर बन आई है।

उन्होंने यह भी कहा कि आज पूरे राज्य में ट्रैफिक चालान की राशि दस गुणा, बीस गुणा बढ़ा दी गई, जिससे आम नागरिकों में गुस्सा हैं। यहीं नहीं उन आम नागरिकों से जबरन वसूली की जा रही है, कहीं-कहीं उनसे बदसलूकी भी की जा रही है, कहीं कॉलर पकड़ लिया जा रहा, तो कही थप्पड़ मारा जा रहा, तो कही चाबी लूट ली जा रही है। जो राज्य के जिम्मेवार परिवहन मंत्री हैं, उनसे बिना सहमति के ही अधिसूचना जारी कर दी जाती है, जबकि दिल्ली, छत्तीसगढ़, बंगाल, राजस्थान जैसे राज्यों में इस पर पुनर्विचार किया जा रहा है, यानी यहां गजब की अराजकता है। उन्होंने कहा कि राज्य की पुलिस जनता के साथ अच्छा व्यवहार करें, कार्य शैली में सुधार लाये ये झारखण्ड मुक्ति मोर्चा चाहती है।