राजनीति

झामुमो की नजर झारखण्ड में होनेवाले एसआइआर और जनगणना पर, हेमन्त सोरेन ने पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा 

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए संगठन को बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक मजबूत करने की दिशा में पहल तेज कर दी है। मंगलवार को रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास पर पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झामुमो परिवार के वरिष्ठ नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और आगामी जनगणना जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।

दो दिवसीय बैठक के पहले दिन राज्य के 12 जिलों से आए संगठन के चुनिंदा पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि वर्तमान राजनीतिक हालात में संगठन की जिम्मेदारी पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने बूथ, पंचायत, वार्ड, प्रखंड और जिला स्तर पर पार्टी ढांचे को और सशक्त बनाने का निर्देश दिया, ताकि पार्टी हर स्तर पर प्रभावी भूमिका निभा सके।

मुख्यमंत्री ने नगर और महानगर कमेटियों को भी और सक्रिय तथा धारदार बनाने पर बल दिया। उनका कहना था कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में केवल सरकार चलाने जितना ही संगठन की मजबूती भी जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने और सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया।

बैठक में देश में प्रस्तावित जनगणना के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई। नेताओं ने माना कि जनगणना केवल आंकड़ों का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से भी जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। पार्टी नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि झारखंड के आदिवासी, मूलवासी, पिछड़े और वंचित समाज की सही गणना सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि उनके अधिकार सुरक्षित रह सकें।

इसके साथ ही SIR को लेकर भी बैठक में गंभीर मंथन हुआ। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी इस प्रक्रिया की आड़ में राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर सकती है। झामुमो नेताओं ने संकल्प लिया कि SIR के नाम पर किसी भी लोकतांत्रिक अधिकार से जनता को वंचित नहीं होने दिया जाएगा और भाजपा के किसी भी षड्यंत्र को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

बैठक में यह भी तय किया गया कि आने वाले दिनों में संगठन स्तर पर विशेष अभियान चलाकर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे मतदाता सूची, जनगणना और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर लोगों को जागरूक कर सकें। झामुमो ने संकेत दिया है कि वह आने वाले समय में संगठन और जनसरोकार दोनों मोर्चों पर अधिक आक्रामक भूमिका में नजर आएगी।

पहले दिन बैठक में साहेबगंज, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, देवघर, जामताड़ा, पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, लोहरदगा, गुमला, खुंटी, सिमडेगा जिला समिति के चुनिंदा पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद रहे। दूसरे दिन गुरुवार को अन्य 12 जिलों के चुनिंदा पदाधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया जाएगा। 

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