रांची, हजारीबाग व गिरिडीह आदि शहरों में राहुल गांधी और हेमन्त सोरेन का पुतला दहन करने निकले छात्रों पर झामुमो का हमला, नेता प्रतिपक्ष ने बताया शर्मनाक, कहा यह राज्य व जेएमएम के सेहत के लिए ठीक नहीं
पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक आंदोलन चलानेवाले छात्रों पर झामुमो की ओर से आज बर्बरता की गई है। कल झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा सरकार द्वारा किये गये जेपीएससी परीक्षाओं के रद्द को स्थगित करने के आदेश के बाद कल ही छात्रों ने आज के दिन कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी और राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के पुतला दहन का ऐलान कर दिया था। जिसको देखते हुए राज्य के कई शहरों में छात्रों के दल पुतला दहन करने को निकले। जिस पर आज झामुमो के कार्यकर्ता टूट पड़े।
जमकर इन छात्रों की पिटाई की। उनके हाथों से पुतले छीने। यहीं नहीं, यह सब हुआ झारखण्ड पुलिस के सामने। राजनीतिक पंडितों की बात मानें तो आज झामुमो के कार्यकर्ताओं द्वारा किये गये इस कार्य से खुद झामुमो पर ही बदनामी के दाग लगे हैं। जिस दाग से छुटकारा पाना निकट भविष्य में संभव नहीं। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में धरना-प्रदर्शन करना व पुतला दहन ये सामान्य सी प्रक्रिया है। इससे किसी दल का नुकसान भी नहीं होता।
लेकिन इसका विरोध करनेवालों का नुकसान तो ही जाता है। राजनीतिक पंडित बता रहे है कि पूरे देश में रांची में चले छात्रों के इस आंदोलन की जमकर सराहना की गई है, क्योंकि छात्रों का आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके का था। लेकिन आज इन छात्रों के शांतिपूर्वक पुतला दहन कार्यक्रम पर झामुमो कार्यकर्ताओं का हमला झारखण्ड पर दाग लगा दिया।
इसी बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने लोकतांत्रिक तरीके से न्याय की मांग कर रहे छात्रों के साथ हुए मारपीट को दमनात्मक कार्रवाई बतलाया है। उन्होंने कहा कि राँची, गिरिडीह, हजारीबाग में शांतिपूर्ण अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत पुतला दहन करने जा रहे छात्रों पर पुलिस की मौजूदगी में झामुमो के गुंडों द्वारा हमला किया गया है तो अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और यह लोकतंत्र के हत्या का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन को पहले धोखा और साजिश के माध्यम से खत्म किया और अब यह युवा विरोधी हेमंत सरकार गुंडागर्दी पर उतर आई है।
उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्र आंदोलन को साजिश के तहत रद्द करने और न्यायालय में अपने ही फैसले का बचाव नहीं करने के विरोध में राहुल गांधी और हेमंत सोरेन का पुतला दहन कर छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे। लेकिन इसी क्रम में हजारीबाग के गांधी मैदान और गिरिडीह में छात्रों पर झामुमो के गुंडों द्वारा मास्क पहनकर लाठीचार्ज किया गया। रांची में भी छात्रों पर हमला हुआ।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी, आप कितने कुंठित, संकुचित और बदले की भावना में किस स्तर तक उतर सकते हैं, यह आपके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी अच्छी तरह जानते हैं। लेकिन अब आपकी फितरत पूरा देश जान चुका है। जब छात्र संगठित थे, तब मुख्यमंत्री की हिम्मत उनके सामने आने की नहीं थी। लेकिन अब प्री-प्लानिंग के साथ गिरिडीह और अन्य जगहों पर झारखंड के छात्रों को झामुमो के गुंडे पीट रहे हैं। राहुल गांधी और हेमंत सोरेन की इस नीचता का छात्र करारा जवाब देंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार से मिले छल के बाद छात्रों का गुस्सा लाजिमी है लेकिन फिर भी वे शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे। हेमंत सरकार के गुंडों ने जिस प्रकार कृत्य किया वह निंदनीय है। श्री मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार नहीं चाहती कि राज्य में अमन चैन हो। सरकार चाहती है कि यहां अराजकता का माहौल बने, मारपीट हो, संघर्ष हो। यह सरकार जिस रास्ते पर चल पड़ी है वह राज्य के लिए भी अच्छा संकेत नहीं है और जेएमएम की सेहत के लिए भी ठीक नहीं है।
उन्होंने हेमंत सोरेन को सचेत करते हुए कहा कि अगर इसके प्रतिकार में गाँव गांव से नौजवान निकलेंगे तो सरकार के गुंडे कहीं नजर नहीं आयेंगे। उन्होंने पुलिस प्रशासन से झामुमो के सभी गुंडों को चिन्हित कर अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की है अन्यथा सरकार और जिला प्रशासन की कायरता का भी मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
