अच्छा होता कि जिन महान आत्माओं को राज्यपाल ने पुरस्कृत किया, उन महान आत्माओं के क्रियाकलापों को भी जनता को बताया जाता, ताकि आम जनता इनके ही पदचिन्हों पर चलकर स्वयं को कृतार्थ कर पाती
माफ करियेगा झारखण्ड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार जी, संभाषण करने से अच्छा है कि जिन्हें आपने अपने हाथों से आज पुरस्कृत किया। उन सारे महान आत्माओं के बारे में, आप अपने राज्यपाल सचिवालय में कार्यरत किसी भी अधिकारी या कर्मचारी से दो शब्द लिखवाकर आम जनता को बताएं, ताकि आम जनता भी जिन महान आत्माओं को आपने पुरस्कृत किया। उनके पदचिह्नों पर चलकर स्वयं को कृतार्थ कर सकें और देश व समाज को कुछ दे सकें।
क्योंकि आज अपना देश व समाज सचमुच अपने सत्य मार्गों से भटक गया है। मैं जानता हूं कि आपका हृदय बहुत ही पवित्र हैं। ऐसे कार्यक्रमों में आप खूब भाग लेते हैं। महान आत्माओं को पुरस्कृत भी करते हैं। लेकिन जिन महान आत्माओं को आप पुरस्कृत करते हैं। ऐसे लोगों को हम जैसे सामान्य लोग नहीं जान पाते। मैं चाहता हूं कि मैं भी ऐसे लोगों से कुछ सीख सकूं और अपने देश व समाज के लिए कुछ काम आ सकूं।
आपने आज यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, झारखंड राज्य शाखा द्वारा आर्यभट्ट सभागार, राँची में आयोजित ‘7वें झारखण्ड एक्सीलेंस अवार्ड समारोह’ को संबोधित करते हुए ठीक ही कहा कि निरंतर परिश्रम, दृढ़ संकल्प और सकारात्मक सोच के बल पर कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। आपने ठीक ही कहा कि सम्मान केवल किसी व्यक्ति का ही नहीं, बल्कि उसके माध्यम से परिश्रम, ईमानदारी, अनुशासन, सेवा-भाव और समर्पण जैसे जीवन-मूल्यों का भी सम्मान होता है।
आपने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देनेवाले सभी सम्मानित व्यक्तियों/मेरे विचार से महान आत्माओं को बधाई देते हुए ठीक ही कहा कि इनकी उपलब्धियाँ समाज, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। अब ऐसे में इन महान आत्माओं को लोग या हम प्रेरणास्रोत कैसे माने, जब तक लोग/हम ऐसे महान आत्माओं के बारे में जाने नहीं।
इसलिए पुनः आपसे प्रार्थना है कि महान आत्माओं को जिन्हें आपने आज पुरस्कृत किया है। उनके महान क्रियाकलापों को जन-जन तक पहुंचवाने की कृपा कराएँ। ये काम आपके लिए बहुत ही आसान है। आप जैसे ही अपने प्रधान सचिव महोदय को ये काम करने को कहेंगे। वे जल्द ही, अपने नीचे के अधिकारियों/कर्मचारियों को आपकी बात जनता तक पहुंचाने का कार्य करने का आदेश देंगे और देखते ही देखते इन महान आत्माओं की क्रियाकलाप जन-जन तक पहुंच जायेगी और लोग इन्हें अपना प्रेरणास्रोत मानकर, वो सारा काम करेंगे, जो इनलोगों ने किया।
जिन-जिन महान आत्माओं को आपने पुरस्कृत किया है। उसका प्रेस रिलीज आप ही के कार्यालय से जारी हुआ है। जिसका कॉपी पेस्ट हमने थोड़ा किया है। ये कॉपी पेस्ट नीचे हैं। जिनमें महान आत्माओं के नाम है। आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि ऐसे महान आत्माओं को बार-बार पुरस्कृत कर अपने झारखण्ड को चार चांद लगायेंगे। अंत में जिनको आपने जिस चीज के लिए पुरस्कृत किया। उनके नाम नीचे में हैं। अतः आपसे पुनः अनुरोध है कि इनकी महान क्रियाकलापों के बारे में भी झारखण्ड की जनता को बताने का कष्ट कर यश के भागी बने। आपने जिन्हें अवार्ड दिया। उनके नाम इस प्रकार है…
समारोह में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से प्रो० गोपाल पाठक को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त साहित्य के क्षेत्र में पंकज दुबे, अभिनय एवं सिनेमा के क्षेत्र में राजेश कुमार, समाज सेवा, सामुदायिक विकास एवं जननेतृत्व के क्षेत्र में रौशनी खलखो, स्पोर्ट्स एंकरिंग के लिए ऋद्धिमा पाठक, स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में डॉ० प्रेम, थियेटर एवं परफॉर्मिंग आर्ट्स के क्षेत्र में राकेश रमण, पत्रकारिता के क्षेत्र में संजय मिश्रा, शिक्षा के क्षेत्र में प्रो० ए०के० चटोराज, ऑनलाइन एजुकेटर अवार्ड से साक्षी जैन, ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में सुनील आर्यंत, खेल के क्षेत्र में शुभालक्ष्मी शर्मा एवं एल० पलटोदीप सिंह, इवेंट प्लानिंग के क्षेत्र में प्रशांत सूरज, अभिनय (इमर्जिंग टैलेंट) श्रेणी में राजू तिर्की, पत्रकारिता (इमर्जिंग टैलेंट) श्रेणी में वैशाली राज तथा फिल्म मेकिंग के क्षेत्र में इम्तियाज़ अली को सम्मानित किया गया।
केवल ये लिख देने से कि इन्हें इन क्षेत्र के लिए सम्मानित किया जाता है, इससे बात नहीं बनती। बात बनती है कि इन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में कौन से कार्य ऐसे किये जो मील के पत्थर साबित हुए। इसमें कई लोगों को यहां की जनता ठीक से नहीं जानती। लेकिन जिन्हें जानते हैं, वे अच्छी तरह जानते हैं कि उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में कौन-कौन से काम किये हैं, जो मील के पत्थर साबित हुए है? आज का पुरस्कार समारोह तो हमें ऐसा समारोह लगा जो आजकल अखबार वाले कर रहे हैं। वे किसी को भी बुलाकर, कही भी सम्मानित कर दे रहे हैं और उसका आर्थिक लाभ उठा रहे हैं।
लेकिन मैं जानता हूं कि यहां वैसे आर्थिक लाभ की संभावना नहीं। लेकिन फिर भी जनता को जानने का हक है कि जिसे महामहिम ने सम्मानित किया, उन्होंने अपने क्षेत्र में कौन ऐसा ब्रह्मा का लकीर खींच दिया, जिसकी वजह से राज्यपाल के हाथों सम्मानित होने का उन्हें अवसर मिल गया।
