झारखण्ड के जनसम्पर्क निदेशालय में पहली बार यौन उत्पीड़न आंतरिक शिकायत समिति का गठन

बड़ी खबर। रांची के सूचना भवन स्थित सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग मुख्यालय के जनसम्पर्क निदेशालय में विभागीय स्तर पर यौन उत्पीड़न आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया गया है, जिसका अध्यक्ष शालिनी वर्मा, उप निदेशक, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग को बनाया गया है। उक्त गठित समिति को सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के प्रधान सचिव, संजय कुमार ने सहमति भी प्रदान कर दी है।

बड़ी खबर। रांची के सूचना भवन स्थित सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग मुख्यालय के जनसम्पर्क निदेशालय में विभागीय स्तर पर यौन उत्पीड़न आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया गया है, जिसका अध्यक्ष शालिनी वर्मा, उप निदेशक, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग को बनाया गया है। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की सहायक निदेशक सुनीता धान और सहायक निदेशक अविनाश कुमार, सहायक निधि स्मिता टोपनो, इस शिकायत समिति की सदस्य बनाई गई हैं। उक्त गठित समिति को सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के प्रधान सचिव, संजय कुमार ने सहमति भी प्रदान कर दी है।

ये पहली बार हुआ है कि सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग में यौन उत्पीड़न आंतरिक शिकायत समिति का गठन हुआ है, चूंकि सूचना भवन में मुख्यमंत्री जनसंवाद केन्द्र भी चला करता है, जिसमें बड़ी संख्या में महिला संवादकर्मी कार्य करती हैं, यहां कार्यरत कई महिला संवादकर्मियों को शिकायत थी कि यहां कोई ऐसी समिति नहीं है, जहां महिलासंवादकर्मी अपनी शिकायत दर्ज करा सके। बहुत पहले से ही इसकी डिमांड थी। केन्द्र सरकार ने भी निर्भया कांड के बाद हर सरकारी और निजी विभाग में जहां महिलाएं बड़ी संख्या में काम करती है, वहां इस प्रकार की आंतरिक शिकायत समिति बनाने का कानून बनाया है, ताकि महिलाएं बिना किसी समस्या के अपने कार्य को अंतिम रुप दे सके, पर झारखण्ड में कई ऐसे विभाग हैं, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं कार्य करती है, वहां इस प्रकार की शिकायत समिति का गठन नहीं हुआ था, जिसमें सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग भी था। खुशी इस बात की है कि इस शिकायत समिति के गठन हो जाने से कम से कम वहां कार्यरत महिलासंवादकर्मी या अन्य महिलाकर्मी अब अपनी बात जोरदार ढंग से रख सकती है।

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार द्वारा बनवाये गये इस आंतरिक शिकायत समिति का समाज के विभिन्न वर्गों ने स्वागत किया है, कई बुद्धिजीवियों का कहना है कि यह एक बहुत ही अच्छी पहल है, इससे हमारी बेटियों और महिलाओं का समाज में सम्मान बढ़ेगा और वे भयमुक्त होकर अपना काम कर सकेंगी।

Krishna Bihari Mishra

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