अपनी बात

आईपीआरडी झारखण्ड ने रांची के पांच अखबारों की चोरी पकड़ी, बिना विज्ञापन प्रकाशित किये ही इन पांच अखबारों ने संबंधित विपत्र की राशि भुगतान हेतु ठोका था दावा, जो जांच के दौरान पकड़ में आ गया

झारखण्ड के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने रांची से प्रकाशित पांच अखबारों की एक तरह से गर्मी छुड़ा दी है। दरअसल सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग ने इनकी चोरी पकड़ ली हैं। जिसमें ये अखबार बुरी तरह फंस चुके हैं। अब इन्हें यहीं नहीं समझ आ रहा कि इससे कैसे बाहर निकले? सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग ने इन सारे पांच अखबारों को नोटिस जारी किया है और पूछा है कि जब आपने अपने अखबार में विज्ञापन प्रकाशित ही नहीं किया, तो फिर उस विज्ञापन की राशि प्राप्त करने के लिए आपने दावा कैसे और किस आधार पर प्रस्तुत कर दिया?

जिन अखबारों को नोटिस जारी किया गया है उसमें दो अखबार उर्दू तथा तीन अखबार हिन्दी के हैं। उर्दू अखबारों में तनीम न्यूज और जदीद भारत का नाम है तो हिन्दी अखबारों में इंडियन पंच, पूर्वांचल सूर्य और राष्ट्रीय सागर का नाम है। इन पांचों अखबारों को सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के निदेशक राजीव लोचन बख्शी के हस्ताक्षर द्वारा नोटिस जारी की गई है।

बताया जा रहा है कि सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा 23 अक्तूबर 2025 को पीआर नं. 364635, आरओ नं. 20952/25 से एक सजावटी विज्ञापन निर्गत किया गया था। जिस विज्ञापन को इस समाचार में नामांकित पांच अखबारों ने प्रकाशित ही नहीं किया। आश्चर्य देखिये कि उक्त विज्ञापन को प्रकाशित नहीं करने के बावजूद इन पांच अखबारों ने संबंधित विपत्र की राशि भुगतान हेतु दावा ठोक दिया। जिसकी विभाग द्वारा जांच किये जाने पर इनकी चोरी पकड़ी गई।

जिस पर विभाग ने इन सभी पांच अखबारों को पत्र के माध्यम से पूछा है कि सजावटी विज्ञापन प्रकाशित नहीं करने के बावजूद उक्त विज्ञापन से संबंधित विपत्र किस परिस्थिति में भुगतान हेतु समर्पित किया गया है? इस संबंध में ये सारे अखबार अपना पक्ष एक सप्ताह के अंदर अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, साथ ही स्पष्ट करें कि उक्त कृत्य के विरूद्ध झारखण्ड विज्ञापन नियमावली 2019 की सुसंगत प्रावधानों के तहत उन पर क्यों नहीं यथोचित कार्रवाई की जाये।

बताया जा रहा है कि जब से इन अखबारों को ये पत्र मिलें हैं। इन सभी की हालत खराब हैं। ये लोग सूचना भवन जाकर निदेशक के आगे निहोरा कर रहे हैं कि उन्हें माफ कर दिया जाये। लेकिन अभी तक इन्हें माफी नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि विभाग इनके इन कृत्यों को लेकर कुछ ज्यादा ही खफा है और माफ करने के मूड में नहीं हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *