काश, JVM प्रत्याशी प्रदीप यादव को कोसने के साथ-साथ स्मृति ईरानी BJP MLA ढुलू को भी कोसती

पिछले दिनों गोड्डा के पोड़ैयाहाट के देवडांड़ में एक जनसभा को संबोधित करने के क्रम में केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि यहां महागठबंधन के प्रत्याशी से पार्टी की महिला नेत्री सुरक्षित नहीं है, क्या ऐसा प्रत्याशी गोड्डा में किसी महिला को सम्मान दे पायेगा? यह चुनाव केवल निशिकांत दूबे को जीताने का चुनाव नहीं है, बल्कि यह चुनाव उस महिला को सम्मान दिलाने का भी है, जिसे महागठबंधन के प्रत्याशी ने बेइज्जत किया है,

पिछले दिनों गोड्डा के पोड़ैयाहाट के देवडांड़ में एक जनसभा को संबोधित करने के क्रम में केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि यहां महागठबंधन के प्रत्याशी से पार्टी की महिला नेत्री सुरक्षित नहीं है, क्या ऐसा प्रत्याशी गोड्डा में किसी महिला को सम्मान दे पायेगा? यह चुनाव केवल निशिकांत दूबे को जीताने का चुनाव नहीं है, बल्कि यह चुनाव उस महिला को सम्मान दिलाने का भी है, जिसे महागठबंधन के प्रत्याशी ने बेइज्जत किया है, बंद कमरे में अपने ही पार्टी की महिला कार्यकर्ता के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया, महिला को सम्मान दिलाने के लिए 19 मई को पोलिंग बूथ पर जाये और कमल पर बटन दबाएं।

अब सवाल उठता है कि गोड्डा में महागठबंधन के प्रत्याशी प्रदीप यादव पर जब उन्हीं की पार्टी की एक महिला ने घिनौने आरोप लगाए तो प्रदीप यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज भी हो गई, केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को प्रदीप यादव के खिलाफ बोलने का मौका भी मिल गया, पर यहीं कांड तो राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास के अतिप्रिय बाघमारा के दबंग भाजपा विधायक ढुलू महतो ने धनबाद भाजपा के जिला मंत्री कमला कुमारी के साथ किया, तब अपनी पार्टी के इस नेता के बारे में स्मृति ईरानी के क्या ख्याल हैं? कहीं ऐसा तो नहीं कि झाविमो या महागठबंधन के लोग कुकर्म करें तो कुकर्म और भाजपा के लोग करें तो सुकर्म।

प्रदीप यादव के खिलाफ तो बड़ी तेजी से प्राथमिकी भी दर्ज हो गई, और भाजपा विधायक ढुलू महतो के खिलाफ कब प्राथमिकी होगी? जरा इसी प्रश्न का उत्तर स्मृति ईरानी दे देती तो लोगों को लगता कि सचमुच महिला के प्रति इनकी सोच बहुत ही उच्च कोटि के है, पर ये क्या? ये सारे सवाल केवल झाविमो प्रत्याशी के लिए बने हैं, राजनैतिक पंडित तो साफ कहते है कि चूंकि गोड्डा में महागठबंधन प्रत्याशी प्रदीप यादव ने, भाजपा प्रत्याशी निशिकांत दूबे के आगे इतना बड़ा रोड़ा अटका दिया है कि उनका जीत पाना मुश्किल ही नहीं, बल्कि नामुमकिन है।

ऐसे में, इस बार महागठबंधन के प्रत्याशी प्रदीप यादव ने भाजपा के शीर्षस्थ नेताओं की नींद उड़ा दी है, भाजपा के शीर्षस्थ नेता इस कारण थोड़ा परेशान है। इधर गोड्डा में बन रहे पावर प्लांट और जमीन अधिग्रहण के मुद्दे ने प्रदीप यादव को सीधी टक्कर में लाकर खड़ा कर दिया हैं, यहीं नहीं एक बहुत बड़ा वर्ग फिलहाल प्रदीप यादव के साथ हैं, इसलिए महिला के साथ यौन शोषण का मामला भाजपा के लोग इस चुनाव में कैश करा पायेंगे, इसकी संभावना कम दीख रही हैं।

राजनैतिक पंडितों की मानें, तो इस बार प्रदीप यादव को संसद जाने में कोई भी ताकत बाधक नहीं बन सकती, क्योंकि इस बार उनके लिए सारे ग्रह-नक्षत्र अनुकूल हैं, जनता तो पहले से ही उनके साथ हैं, ऐसे में 19 मई की तो औपचारिकता मात्र बाकी है, उधर भाजपा में ही कुछ ऐसे नेता हैं, जो स्थानीय सांसद निशिकांत दूबे को फूटी आंखों भी देखना पसन्द नहीं करते, वे आज भी विभिन्न सोशल साइट में उनके खिलाफ खुलकर जमकर प्रहार कर रहे हैं, ऐसे में नहीं लगता कि इस बार गोड्डा से भाजपा के निर्वतमान सांसद निशिकांत दूबे संसद पहुंच पायेंगे।

Krishna Bihari Mishra

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