हेमन्त सरकार का देखो खेल, पूरे झारखण्ड में सिस्टम फेल, जनता करती त्राहि-माम्, नेता-अधिकारी कहे झाल बजाम

जब ओमिक्रॉन घर-घर दस्तक देने लगा है, जब कोरोना की तीसरी लहर में झारखण्ड खुद-ब-खुद जकड़ने लगा है, तो राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और राज्य के अन्य वरीय प्रशासनिक अधिकारियों को जीनोम सिक्वेसिंग मशीन की चिन्ता सता रही हैं। पड़ोसी राज्य बिहार में ये मशीन कब की आ चुकी है और इस मशीन के द्वारा ओमिक्रॉन का पता लगाकर सही इलाज भी शुरु हो चुका है और यहां इस मशीन का कोई अता-पता ही नहीं, तो इलाज क्या होगा?

बताया जा रहा है कि इस नये साल में यानी जिसे आये कुछ ही दिन हुए हैं, राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने यूएस की कंपनी इलुमिना से जीनोम सिक्वेसिंग मशीन खऱीदने की बात कर रही है, अगर सब कुछ ठीक रहा तो इस मशीन को आने में ही डेढ़ महीने लग जायेंगे, मतलब तब तक ओमिक्रॉन पूरे झारखण्ड में कहर मचा रहा होगा, यानी पीक पर होगा।

रांची से प्रकाशित दैनिक भास्कर ने इस खबर को प्रमुखता से उठाया है, साथ ही सरकार के कार्य प्रणाली और सिस्टम पर सवाल भी उठाये हैं, जिसकी जितनी प्रशंसा की जाय कम है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबू लाल मरांडी ने अपने ट्विट में ठीक ही लिखा है कि “अक्षम नेतृत्व के कारण सिस्टम के मकड़जाल में उलझी झारखण्ड की स्वास्थ्य सेवा का खामियाजा यहां की जनता भुगत रही है। जिस प्रक्रिया को खारिज कर दिया अब उसी से सरकार जीनोम सिक्वेसिंग मशीन मंगा रही है। मशीन आने में डेढ़ महीने लगेंगे, तब तक राज्य में नए वेरिएंट की जांच नहीं हो सकेगी।”

इस राज्य का दुर्भाग्य है कि कोरोना की दो-दो लहर झेल चुके इस झारखण्ड में जहां हजारों लोग इस बिमारी के शिकार हुए, लाखों के जीवन प्रभावित हो गये, उसके बाद भी इस सरकार ने जनता के स्वास्थ्य प्रभावित न हो, इसकी चिन्ता न कर, अपना चेहरा चमकाने पर ही ज्यादा ध्यान दिया, इस चेहरा चमकानेवाले अभियान में लाखों-करोड़ों फूंक डाले, उसके बावजूद इस चेहरा चमकाने का ठेका लेनेवाले, जो इन्हीं के आस-पास परिक्रमा करते रहते हैं, इनको ही चूना लगा दिया।

फिर भी हेमन्त सरकार को समझ नहीं आ रहा कि उसे करना क्या चाहिए? ऐसे में कोरोना की अन्य लहरों की तरह इस बार भी जनता भगवान भरोसे रहेगी और सरकार तथा सरकार में शामिल लोग मस्ती में डूबे रहेंगे, क्योंकि उन्हें तो इस भयंकर आपदा में भी वो सारी सुविधा मिल जायेंगी, जो जनता को कभी मयस्सर नहीं होगी।

Krishna Bihari Mishra

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