स्वास्थ्य मंत्री चन्द्रवंशी जी, आप ही बताइये कि आप ग्रामीणों को चंदा दिलवा रहे थे या लोन?

गढ़वा जिले के आदर गांव में स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी द्वारा पैसे लेते-देते विडियो के वायरल होने तथा न्यूज पोर्टलों व समाचार चैनलों में समाचार प्रसारित हो जाने के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने डालटनगंज परिसदन में एक प्रेस कांफ्रेस किया। अपने प्रेस कांफ्रेस में उन्होंने कहा कि यह विडियो उनके विरोधियों द्वारा उनकी छवि को धूमिल करने के लिए तोड़-मरोड़कर वायरल किया गया है।

उनका कहना था कि कि आदर गांव में वे विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास करने के लिए गये थे, वहीं पर रजवार जाति के कुछ लोगों ने चबूतरा निर्माण की बात की थी, जिसमें चंदा लेकर पचास हजार रुपये से चबूतरे बनाने की बात हुई, इसी दौरान उन्होंने अपने बॉडीगार्ड से पन्द्रह हजार लिये और एक व्यक्ति को उन्होंने दिया तथा कहा कि जब पचास हजार हो जायेगा तो पैतीस हजार तुमलोग रख लेना और पन्द्रह हजार मुझे दे देना, बस इतनी सी बात थी।

जिसे तोड़-मरोड़कर उनके विरोधियों ने जनता के समक्ष बात का बतंगड़ बना दिया, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वे अपने कार्यकर्ता दिवाकर दूबे के माध्यम से एसपी को एक पत्र भिजवाया है, जिसमें एसपी को इस मामले में संज्ञान लेने तथा केस करने को कहा है, उन्होंने इस प्रकरण में दो लोगों का नाम लिया – आदर गांव के राहुल कुमार ठाकुर का तथा कभी भाजपा में ही रहे खटीहा गांव के सतीश कुमार यादव का, उनका कहना था कि उनकी लोकप्रियता से विपक्षी घबरा गये हैं, और उनके छवि को धूमिल करने के लिए इस प्रकार का प्रयास कर रहे हैं, जबकि विपक्षी दलों के नेताओं का कहना है कि मंत्री की बातों पर कोई विश्वास नहीं करेगा, क्योंकि विडियो स्पष्ट सब कुछ कह दे रहा हैं।

इधर मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी के खासमखास दिवाकर दूबे ने एसपी गढ़वा को भेजे पत्र में लिखा है कि मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी जब आदर गांव गये थे, तभी ग्रामीणों के द्वारा उनके समक्ष चबूतरा निर्माण का मांग रखा गया, मंत्री ने उनकी मांगों को स्वीकार करते हुए ग्रामीण सीताराम रजवार को 15 हजार रुपये नकद दिये, और 50 हजार रुपये चंदा दिलवाने का आश्वासन दिया और उन्होंने कहा कि जब 50000 रुपये आप सब को मिल जायेगा तो 35000 रुपये रख लीजियेगा और उस चंदा में से नकद 15000 रुपये लौटा दिजियेगा।

दिवाकर दूबे ने एसपी को लिखे पत्र में यह भी लिखा है कि उक्त सभी बातों का आदर गांव के राहुल ठाकुर ने विडियो बनाया, तत्पश्चात, उसके विडियो को तोड़ मरोड़कर सतीश यादव ने मंत्री की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से वायरल कर दिया, अतः जांचोपरांत इन दोनों व्यक्तियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध भी एसपी, गढ़वा से किया गया है।

बुद्धिजीवियों का कहना है कि मंत्री का प्रेस कांफ्रेस भी शक के घेरे में हैं, जो पत्र उनके कार्यकर्ता एसपी को भेजे हैं, उस पत्र से भी यहीं पता चलता है कि कही न कही गड़बड़ हैं, क्योंकि पत्र में साफ लिखा है कि पचास हजार का चंदा दिलवाने का आश्वासन खुद मंत्री दे रहे हैं और उसी चंदा से वे पन्द्रह हजार रुपये मांग भी रहे हैं, तो मंत्री खुद बताए कि वे चंदा दिलवा रहे थे, या चंदा के नाम पर ग्रामीणों को लोन। जनता को चंदा दिलवाने का आश्वासन देना और फिर उस चंदे में से पन्द्रह हजार रुपये का डिमांड करना तो, उससे भी बड़ा गुनाह है।