राजनीति

कहीं मोदी ने नीतीश का भी फाइल तो नहीं तैयार कर लिया, क्योंकि आज नीतीश, मोदी के प्रति ज्यादा उतावले दिखे, विभिन्न अंतर्द्वंदों से घिरी यह सरकार अपने कार्यकाल पूरा नहीं कर पायेगीः सुप्रियो

नीतीश कुमार तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उम्र से भी बड़े हैं, लेकिन उनका इतना समर्पण भाव तो हमने कभी देखा ही नहीं, बिहार में थोड़ा सा झोंका चला, कि वे उनके पैर छूने को उतावले दिखे, कही ऐसा तो नहीं कि नीतीश जी का भी फाइल तैयार हो गया है। गैर भाजपा शासित राज्यों की भी सुननी होगी, उनके अधिकार की रक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

आईटी, ईडी, सीबीआई की गाड़ियां ओड़िशा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों में जाये, यह भी अब दिखना चाहिए, लेकिन जो आज की परिस्थितियां है, ये सरकार खुद ही अतर्द्वंद से घिरती हुई अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पायेगी, खुद ही गिर जायेगी। इसका पतन सुनिश्चित है। उक्त बातें आज झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय महासचिव व प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने आज संवाददाता सम्मेलन में कही।

सुप्रियो ने कहा कि पिछले दस वर्षों से मोदी की गारंटी, मोदी की सरकार का बखान करनेवाले का अहंकार कहां गया? अब कह रहे है कि मोदी की सरकार नहीं, एनडीए की सरकार है। व्यंग्य ऐसा करते थे कि जैसे लगता हो कि 272 सीटें उनके लिए बाएं हाथ का खेल हो। हमारी शुभकामनाएं उनके साथ है, लेकिन इस शर्त के साथ की संसद की प्रथम अधिवेशन में सरना धर्म और राज्य की 27 प्रतिशत आरक्षण का हल सुनिश्चित हो। अग्निवीर योजना का खात्मा हो। 50 लाख से भी ज्यादा जो रेलवे व बैंकिंग सहित अन्य विभागों में जो पद रिक्त हैं। उन्हें भरा जाये। वो भी बिना शुल्क लिये। साथ ही महंगाई पर कंट्रोल हो। जीएसटी का पैसा राज्यों को मिले।

सुप्रियो ने कहा कि आज एनडीए की बैठक में जिस प्रकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भाषण रहा, वो बता दिया कि वे नैतिक तौर पर भारत के प्रधानमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं। उन्हें जबरन तीसरी बार बिठाया जा रहा है। जो लोग कह रहे है कि पं. नेहरु के बाद तीसरी बार प्रधानमंत्री बननेवाले ये दूसरे प्रधानमंत्री है। वे भूल रहे है कि पं. नेहरु 1962 में भी फैक्चर मैंडेड के शिकार नहीं हुए थे, मोदी जी फैक्चर मैंडेड के शिकार है।

पं. नेहरु पर भारत की जनता को विश्वास था। लेकिन आज की जनता को मोदी पर विश्वास नहीं हैं। सुप्रियो ने कहा कि पहली बार मोदी मजबूर हुए, एनडीए का नाम लेने के लिए। वे पहली बार वाजपेयी, बाला साहेब ठाकरे, प्रकाश सिंह बादल, जार्ज फर्नांडिंस और शरद यादव के नाम लिये और उनके योगदान को याद किया, कहा कि उनके द्वारा लगाया गया एनडीए का यह बीज वटवृक्ष बन गया है।

उन्होंने कहा कि जो हमेशा अपने न्यूनतम 45 मिनट से लेकर डेढ़ घंटे के भाषण में मोदी-मोदी कहा किया करते थे। आज मोदी की जगह एनडीए का नाम था। आज उनका पूरा का पूरा सुर ही बदला हुआ था। कह रहे थे शासन सर्वमत से चलेगा। मंच पर सारे एनडीए दलों के नेता मौजूद थे, पर झारखण्ड से आजसू का कोई नेता उस मंच पर मौजूद नहीं था। जो बताने के लिए काफी था कि इनलोगों के मन में झारखण्डियों के प्रति क्या सोच रहती हैं, यहां आजसू को अपमानित किया गया।

सुप्रियो ने कहा कि अब नीतीश कुमार को बताना होगा कि जातीय जनगणना होगी या नहीं? चंद्र बाबू नायडू को बताना होगा कि सीएए, एनसीआर पर उनका अब दृष्टिकोण क्या होगा? जो मोदी बोला करते थे कि हमारे पार्टी में ही कुछ लोग फ्रॉड हैं जो बोला करते है कि कौन मंत्री बनेगा? अरे जो मोदी को जानता है वो यह भी जानता है कि जो मोदी करता है, वो किसी को बताता ही नहीं।

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