दृढ़ इच्छाशक्ति रखनेवालों और सत्यनिष्ठ व्यक्तियों को ईश्वर मदद करने में तनिक देर नहीं करता…
झारखण्ड उच्च न्यायालय के जुझारू व वरिष्ठ अधिवक्ता अभय कुमार मिश्रा को कौन नहीं जानता। वे अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, सत्यनिष्ठता और जुझारूपन के लिए खूब जाने जाते हैं। उन्होंने अपने सोशल साइट पर आज लिखा है कि मेरी आपकी कृपा से सब काम हो रहा है। वे अपनी सारी हो रही कामों का श्रेय, वे खुद न लेकर दिव्य शक्तियों को दे देते हैं।
अब लीजिये आज की ही बात है। आज उन्होंने एक और सफलता पाई और इसका श्रेय भी दिव्य शक्तियों को दे दिया। आज न्यायालय में श्रीरामकृष्ण सेवा संघ और विवेकानन्द विद्या मंदिर से संबंधित चुनाव के परिणाम घोषित करने की याचिका पर सुनवाई थी। मगर सुनवाई नहीं हो पाई। अब अगली सुनवाई छः मई 2026 को होगी। कारण साफ था पांच विरोधियों के अधिवक्ता न्यायालय में उपस्थित नहीं हो पाये।
क्यों उपस्थित नहीं हो पाये? तो वे महिला उत्पीड़न के अपराध में सजायाफ्ता हो चुके है, इसके चलते उनका वकालत का लाइसेंस भी निलंबित किया जा चुका है। इसलिए न्यायालय ने वादी (आलोक कुमार सिन्हा) को नोटिस जारी किया है, जो एक प्रक्रिया है। किसी भी मुकदमा को बिना प्रतिनिधि के सुनवाई नहीं की जा सकती। आज न्यायालय ने स्पष्ट रूप से सभी पक्षों को निर्देशित कर दिया, अगली तिथि को सभी पक्ष बहस, पूर्ण करें, व लिखित बहस दाखिल करें। अब आगे सुनवाई 6.5.2026 को होगी।
