अपराध

नक्सल मोर्चे से साइबर अपराध तक, झारखंड पुलिस की बड़ी उपलब्धि, 113 नक्सली गिरफ्तार, 50 ने किया आत्मसमर्पण, साइबर अपराधियों पर भी कसा शिकंजा

झारखंड में नक्सलवाद, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हुई है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी उपलब्धियों के अनुसार, वर्ष 2026 में 15 अगस्त तक राज्य में 113 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 50 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। पुलिस-उग्रवादी मुठभेड़ों में 22 माओवादी मारे गये। इस दौरान नक्सलियों के पास से 111 हथियार, 9,904 कारतूस और 11 किलो विस्फोटक बरामद किये गये।

इनामी नक्सलियों पर बड़ी कार्रवाई

गिरफ्तार नक्सलियों में एक करोड़ के इनामी माओवादी मिसिर बेसरा समेत कई कुख्यात उग्रवादी शामिल हैं। इनके अलावा अजय महतो, रविंद्र गंझू, मेहनत उर्फ मोछू, मदन महतो, मृत्युंजय भुईया और रवि सरदार जैसे इनामी नक्सलियों की गिरफ्तारी पुलिस की बड़ी उपलब्धि रही। दूसरी ओर, 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 15 लाख के इनामी संतोष उर्फ बासुदेव और 10 लाख के इनामी चंदन लोहरा समेत कई प्रमुख नक्सली शामिल हैं। 43 नक्सलियों ने 28 हथियार और 4549 गोलियों के साथ पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण किया।

कई नक्सल प्रभावित क्षेत्र हुए नक्सलमुक्त

पुलिस के लगातार अभियान के परिणामस्वरूप बूढ़ा पहाड़, सारंडा, टोंटो, गोईलकेरा, पोड़ाहाट, कोलेश्वरी, पारसनाथ, लुगु पहाड़, झुमरा पहाड़, चैनपुर-बिशुनपुर, सरयू-गारू-महुआडांड़ और लोहरदगा के पश्चिमी पहाड़ी क्षेत्र समेत कई इलाकों को नक्सल प्रभाव से मुक्त बताया गया है।

साइबर अपराधियों पर भी शिकंजा

साइबर अपराध के खिलाफ जनवरी से जून 2026 तक 658 मामले दर्ज किये गये और 486 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने 17.78 लाख रुपये नकद के अलावा 679 सिम कार्ड, 651 मोबाइल फोन, 74 एटीएम कार्ड, 21 दोपहिया और पांच चारपहिया वाहन, आठ लैपटॉप, 57 बैंक पासबुक और 19 चेकबुक समेत अन्य सामान बरामद किया। प्रतिबिम्ब ऐप से जुड़े मामलों में जनवरी से जुलाई तक 121 कांड दर्ज हुए और 336 लोगों की गिरफ्तारी हुई। इस दौरान 545 मोबाइल फोन और 655 सिम कार्ड बरामद किये गये।

1930 पर मिली 77 हजार से अधिक शिकायतें

साइबर ठगी के खिलाफ डायल-1930 और NCRP के माध्यम से भी कार्रवाई तेज की गयी। जनवरी से जुलाई तक 77,503 शिकायतें प्राप्त हुईं। पुलिस के प्रयास से करीब 150 करोड़ रुपये बैंक खातों में फ्रीज किये गये, जबकि 19 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस दिलाये गये। इस अवधि में 22,165 मोबाइल नंबर और 10,054 IMEI नंबर ब्लॉक किये गये। साइबर अपराध से निपटने के लिए रांची, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, लातेहार, दुमका, चाईबासा और सरायकेला-खरसावां में आठ नये साइबर थानों का सृजन किया गया है।

मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान, 41 करोड़ की जब्ती

संगठित अपराध के खिलाफ अभियान में जनवरी से जुलाई तक 193 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और 63 हथियार तथा 274 गोलियां बरामद की गयीं। वहीं 50 अपराधियों के खिलाफ सीसीए की कार्रवाई की गयी। मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान के तहत जनवरी से जून तक 435 मामले दर्ज कर 710 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 3,461 किलो गांजा, 151 किलो अफीम, 3.6 किलो ब्राउन शुगर और 10,218 किलो डोडा बरामद किया। इनकी अनुमानित कीमत करीब 41 करोड़ रुपये बतायी गयी है। इसके अतिरिक्त 2025-26 के फसलीय वर्ष में करीब 4,620 एकड़ में लगी अफीम की फसल नष्ट की गयी।

पॉक्सो और मानव तस्करी के खिलाफ भी कार्रवाई

पॉक्सो एवं दुष्कर्म के मामलों में जनवरी से जून तक 653 मामले दर्ज हुए। इनमें 298 मामलों का निष्पादन करते हुए 542 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। वहीं मानव तस्करी के मामलों में जनवरी से जुलाई तक 50 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी और 140 से अधिक पीड़ितों की बरामदगी की गयी।

4053 खोये मोबाइल बरामद कर असली धारकों को लौटाये

तकनीक के इस्तेमाल से मोबाइल चोरी और गुम होने के मामलों में भी पुलिस को उल्लेखनीय सफलता मिली। CEIR पोर्टल के माध्यम से जनवरी से जुलाई तक 4053 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक धारकों को सौंपे गये। इसी अवधि में 14,083 विशेष प्रतिवेदित कांड दर्ज हुए और 15,286 मामलों का निष्पादन किया गया। पुलिस ने 482 हथियार और 8,663 गोलियां भी बरामद कीं।

पुलिस बल का आधुनिकीकरण

पुलिस आधुनिकीकरण के तहत राज्य के 12 जिलों में महिला थाना, साइबर थाना, एससी-एसटी थाना और एएचटीयू थाना को एक ही परिसर में विकसित करने की दिशा में काम चल रहा है। 13 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आधुनिक पुलिस वाहनों का लोकार्पण किया। झारखंड पुलिस को 636 चारपहिया और 849 दोपहिया वाहन उपलब्ध कराये गये हैं। इसके अतिरिक्त 627 चारपहिया और 848 दोपहिया वाहनों की खरीद के आदेश भी जारी किये गये हैं।

बड़ी घटनाओं के उद्भेदन में भी सफलता

पुलिस ने वर्ष के दौरान अपहरण, डकैती, बैंक लूट, अवैध हथियार निर्माण और ज्वेलरी लूट जैसी कई गंभीर घटनाओं का खुलासा किया। धुर्वा से अपहृत दो नाबालिग बच्चों और जमशेदपुर के बिष्टुपुर से अपहृत कैरव गांधी को सकुशल बरामद किया गया। रामगढ़ के शिवशंकर ज्वेलर्स डकैती मामले में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, जबकि बरही बैंक ऑफ महाराष्ट्र लूटकांड में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। साहेबगंज में अवैध गन फैक्ट्री का भी भंडाफोड़ किया गया।

जुलाई में गुमला और गोड्डा में ज्वेलरी लूटकांड का उद्भेदन करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा बड़ी मात्रा में सोना-चांदी के आभूषण और नकदी बरामद की गयी। इसके बाद 16 अगस्त को चतरा पुलिस ने टीएसपीसी के एरिया कमांडर लक्ष्मण गंझू उर्फ मोछू को गिरफ्तार किया। 17 अगस्त को गुमला पुलिस ने पांच लाख के इनामी JJMP सब-जोनल सदस्य रामदेव लोहरा समेत चार नक्सलियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से AK-56, SLR, सेमी ऑटोमेटिक राइफल, पिस्टल, देशी कट्टा और 146 कारतूस बरामद किये गये।

अंतरराज्यीय समन्वय से अपराध पर लगाम

झारखंड पुलिस ने सीमावर्ती राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाने के लिए इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन के जरिए सूचनाओं का आदान-प्रदान तेज किया है। नक्सल उन्मूलन, मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध, रेलवे सुरक्षा और अंतरराज्यीय अपराधों की रोकथाम के लिए बैठकों के साथ सीमावर्ती जिलों में इंटर-स्टेट और मिरर चेक पोस्ट भी स्थापित किये गये हैं।

कुल मिलाकर, नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान से लेकर साइबर ठगी, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी पर कार्रवाई तक झारखंड पुलिस ने वर्ष 2026 में बहुआयामी अभियान चलाया है। पुलिस मुख्यालय का कहना है कि आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और अंतरराज्यीय समन्वय के सहारे राज्य को अपराध एवं उग्रवाद मुक्त बनाने की दिशा में अभियान लगातार जारी रहेगा।

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