पहली बार जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर झारखण्ड के जमशेदपुर में जुटी भारी भीड़, इंद्रेश ने लोगों को जगाया

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जनसंख्या समाधान फाउंडेशन द्वारा जनसंख्या कानून लाकर भारत में बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रण करने की मांग धीरे-धीरे अपना रंग दिखाने लगी है। इसका असली रंग झारखण्ड के जमशेदपुर में तब दिखा, जब गत शनिवार को भारी संख्या में जमशेदपुर के काशीडीह ठाकुर प्यारा सिंह मैदान में लोग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इंद्रेश कुमार को सुनने के लिए जुट गये।

जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग को लेकर, इतनी बड़ी संख्या में जुटे लोगों को देख गदगद हुए इंद्रेश ने सीधे हुंकार बढ़ी और कह दिया कि जो पाकिस्तान हर वक्त कश्मीर-कश्मीर का राग अलापता रहता है, वो कान खोलकर सुन लें कि पाकिस्तान स्थित ननकाना साहिब, करतारपुर, लाहौर व कराची के बिना भारत अधुरा है।

इंद्रेश ने बड़ी ही बारीकी से बढ़ती जनसंख्या और उसके बड़े नुकसान की ओर लोगों का ध्यान आकृष्ट कराया, आश्चर्य यह रहा कि इंद्रेश की जब भाषण चल रही थी, तो वहां से एक भी आदमी खिसकने को तैयार नहीं था, सभी ध्यानपूर्वक सुन रहे थे और यह सब पहली बार हो रहा था, वह भी जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर।

इंद्रेश ने कहा कि उनका जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग किसी धर्म, जाति व संप्रदाय को लेकर नहीं, बल्कि भारत की बेहतरी, उसकी उन्नति को लेकर है, अगर हम जनसंख्या को नियंत्रित नहीं करेंगे तो हमारी सारी योजनाएं ही फेल हो जायेगी, हमारी सभ्यता-संस्कृति ही खतरे में पड़ जायेगी, जिसकी जिम्मेवारी हर भारतीय को अंततः लेनी होगी। उन्होंने स्पष्ट रुप से कहा कि जो उनकी मांग को धार्मिक चश्मे से देख रहे हैं, वे सुन लें कि वे इस मांग को लेकर रहेंगे, जनसंख्या कानून बनकर रहेगा, विश्व की कोई ताकत भारत को अब जनसंख्या के आधार पर गुलाम नहीं बना सकती।

उन्होंने यहां तक कह दिया कि जब तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसा व्यक्तित्व भारत में हैं, भारत की एकता व अखण्डता को कोई छू भी नहीं सकता। कोरोना काल में भारतीय वैक्सीन का जादू पुरी दुनिया देख रही है, हमने सस्ते और बेहतरीन वैक्सीन दुनिया को देकर बता दिया कि भारत मानवता के लिए प्रतिबद्ध है।

इंद्रेश की जनसंख्या नियंत्रण को लेकर हुए भाषण और उसमें जुटी भीड़ किसी राजनीतिक दल की सभा से कम नहीं थी, आम तौर पर सामान्य कार्यक्रमों में ऐसी भीड़ नहीं जुटती, पर ये सभा जमशेदपुर में चर्चा का विषय रहा। आश्चर्य इस बात की है कि इंद्रेश की जनसंख्या से संबंधित विषयों पर चर्चा राजधानी रांची के प्रेस क्लब तक ही सीमित रही, लेकिन इससे अलग जमशेदपुर की सभा ने बहुत कुछ कह दिया।

आप कह सकते है कि उन्होंने एक बड़ी लाइन खींच दी, लोग जग चुके हैं, और इस विषय की चर्चा, झारखण्ड में सोशल साइट पर भी शुरु हो चुकी है, लोग इस पर खुलकर अपनी बात रख रहे हैं, और समझ रहे है कि जनसंख्या पर नियंत्रण ही भारत की सभ्यता व संस्कृति को बचाकर रखेगा, नहीं तो आनेवाले समय में जनसंख्या का यह विस्फोट भारत को ही बर्बाद कर के रख देगा।

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