ईडी प्रोपेगेंडा न करें, राज्यपाल अपनी चौहद्दी पार न करें और मीडिया आधारहीन समाचारों का प्रसारण कर राज्य का माहौल खराब न करें – सुप्रियो

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय महासचिव व प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने आज संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रवर्तन निदेशालय की टीम जिस जमीन को लेकर बातचीत कर रही है। वो जमीन रिकार्ड में भूइहरी जमीन जमीन दर्ज है। तो जो हो ही नहीं सकता, उस पर केस दर्ज और बयान की बात हो रही है। फिर भी हम ईडी को कह रहे हैं कि आना है आइये, पर प्रोपेगेंडा मत करिये। ये मीडिया में जो अजीब शब्द घूम रहा है। सूत्र बता रहे हैं। Who is source?

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि ईडी की कार्रवाई इस शासन को डरानेवाली कार्रवाई लग रही है, जो संभव ही नहीं है, क्योंकि ये चुना हुआ शासन है। उन्होंने मीडिया से भी कहा कि आपलोगों से भी निवेदन है कि 31 तारीख को एक बजे के बाद राज्य के माहौल का आप अपना अनुमान लगाइयेगा। आप जिम्मेदार लोग है। आप यदि माहौल को खराब करेंगे, आधारहीन खबरों का प्रसारण करेंगे तो कही न कही स्थिति खराब होगी।

सुप्रियो ने एक सवाल के जवाब में राज्य के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को भी अपनी चौहद्दी की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि गवर्नर की रुलिंग पॉलिटिकल पार्टी पर नहीं चलती और न ही गवर्नर किसी पार्टी के प्रवक्ता है। वे किसी पॉलिटिकल पार्टी को डायरेक्ट भी नहीं कर सकते। उन्हें अपनी चौहद्दी को पार नहीं करना चाहिए। उन्होंने एक सवाल के जवाब में मीडिया को कहा कि गोद में बच्चा और नगर में ढिंढोरा, जब मीडिया ने उनसे सवाल पूछा कि सीएम कहां हैं?

सुप्रियो ने बाबूलाल मरांडी की भी क्लास ली और कहा कि बाबूलाल मरांडी को सीएम हेमन्त सोरेन का एप्वाइमेंट लेना है तो वे आवेदन दें, उनका एप्वाइमेंट वे सीएम हेमन्त सोरेन से फिक्स करवा देते हैं। उन्होंने कहा कि गत 20 जनवरी को ईडी की सात सदस्यीय टीम सहायक आयुक्त के साथ सीएम आवास पहुंची थी। जहां वो सात घंटे बिताई। मामला इसीआइआर 25/22 से संबंधित था। 17-18 सवाल थे। जो चुनाव आयोग को दिये गये हलफनामे में भी मौजूद था। ईडी तथाकथित विसंगतियों पर सवाल पूछ रही थी।

सुप्रियो ने कहा कि यह क्राइम में आता भी नहीं था। बाद में बड़गाई के जमीन की चर्चा हुई। पता किया गया तो वो जमीन किसकी है तो पता चला कि वो भूइहरी जमीन है। जिसकी खरीद-बिक्री हो ही नहीं सकती। वह जमीन करीब 50-60 सालों से पाहनों के कब्जे में हैं। जिसको लेकर समन हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इसको लेकर दिक्कत भी नहीं, आप 31 जनवरी को दिन के दस बजे आवास पर आ जाये। जो जानकारी चाहिए, दर्ज कर लें।

सुप्रियो ने कहा कि चुनाव आयोग में जो ब्यौरा दर्ज है। वो सार्वजनिक है। जो आयकर के पास भी है। ईडी उसे आधार नहीं बना रही है। सोहराई भवन में जो ट्रांजेक्शन हुए, 2018-20 के बीच, उस संबंध में सारे रिकार्डस उपलब्ध है। मतलब साफ है कि जो चीजें बनती नहीं। उस पर ईडी के द्वारा राजनीतिक इशारे पर ये सब किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का तीन महीने का शेड्यूल पहले से ही तय रहता है। इसमें कुछ ही फेर-बदल होता है। दो फरवरी-चार फरवरी को दुमका व धनबाद में पार्टी का कार्यक्रम भी है। नौ फरवरी से लेकर 29 फरवरी तक विधानसभा का बजट सत्र भी आहूत है। इस बीच में इस तरह की कार्रवाई गैरवाजिब ही नहीं, बल्कि असंवैधानिक है।

सुप्रियो ने कहा कि मुख्यमंत्री व्यक्तिगत कार्यों से दिल्ली गये हैं। ईडी ने खुद 29 से लेकर 31 जनवरी तक का डेट सुनिश्चित किया है। हम 31 को समय भी दे चुके हैं। उसके बाद भी स्थान बताइये, समय बताइये। आखिर इस तरह के भ्रम कौन उत्पन्न कर रहा है। लगभग दो-तीन दिनों से राजनीतिक परिस्थिति जिस तरह पेश किया जा रहा है, वो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। राजनीतिक मतभेद हैं, तो उसे राजनीतिक स्तर पर लड़िये, जनता के बीच जाइये। लेकिन जनता के पास आपको जाने की ताकत ही नहीं है। इसलिए आप अपनी एजेंसी को आगे कर रहे हैं, वो भी आधारहीन बातों को लेकर।