ए इमरान बबुआ, इ क्रिकेट के मैदान नइखे, समझे के कोशिश कर, ना तो मोदी जी जे बचल बा, ओहो पूरा कर दिहे

“ए इमरान बबुआ, इ क्रिकेट के मैदान नइखे कि तू चौका-छक्का जड़के पाकिस्तान के जीता देब, तहार आगे मोदी और शाह ही ना, पूरा भारत खड़ा बा, कुछ न उखार पइबे,  जा आराम कर, पाकिस्तान के गरीबी से लड़, ओकरा गरीबी से उबाड़, ओकरे में तोहरो भला बा, अउर पाकिस्तान के भला बा, आउर हम का कही, समझदार होखब त, समझब, ना तो मोदी जी बड़ले बारन, जे बचल बा ओहो पूरा कर दिहे।”

“ए इमरान बबुआ, इ क्रिकेट के मैदान नइखे कि तू चौका-छक्का जड़के पाकिस्तान के जीता देब, तहार आगे मोदी और शाह ही ना, पूरा भारत खड़ा बा, कुछ न उखार पइबे,  जा आराम कर, पाकिस्तान के गरीबी से लड़, ओकरा गरीबी से उबाड़, ओकरे में तोहरो भला बा, अउर पाकिस्तान के भला बा, आउर हम का कही, समझदार होखब त, समझब, ना तो मोदी जी बड़ले बारन, जे बचल बा ओहो पूरा कर दिहे।”

ये उद्गार हैं, रांची जंक्शन से मौर्य एक्सप्रेस पकड़कर, अपने गांव लौट रहे एक रेलयात्री का, उस रेलयात्री ने विद्रोही24.कॉम से बातचीत की और एक पंक्ति में उसने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को जो सुनाना था, सुना दिया। हमें लगता है कि ये पंक्तियां उक्त रेलयात्री के ही नहीं, बल्कि उन सारे भारतवासियों के हैं। जो जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को समाप्त किये जाने के बाद आह्लादित है।

वह रेलयात्री वेषभूषा से किसान लगा, उसने बताया कि वह राजनीति में खुब दिलचस्पी लेता है, उसने कहा  कि राजनीति में दिलचस्पी लेना बहुत जरुरी है, नहीं तो हमें पता ही नहीं चलेगा कि देश में क्या हो रहा हैं, और देश के साथ क्या हो रहा हैं, यह पूछे जाने पर कि देश में ही बहुत सारे लोग ऐसे हैं, जो धारा 370 के समाप्त किये जाने का विरोध करते हैं, तो उसने कहा कि इनको पता ही नहीं है कि देश क्या होता है, तो ऐसे लोग को हमलोग समझाना भी जरुरी नही समझते, देश से बड़ा कोई नहीं है।

आज मोदीजी और शाहजी ने जो किया, वो तो बहुत पहले हो जाना चाहिए था, फिलहाल वह बहुत खुश है, और उनका पूरा गांव-जवार खुश हैं, वह कहता है कि हनुमान जी को सवा किलो शुद्ध घी का मोतीचूर का लड्डू चढ़ा कर आया है, फिर गांव जायेगा और फिर हनुमान जी को मत्था टेकेगा, क्योंकि उन्होंने अपनी गदा जबर्दस्त रुप से घुमाया है, भारत आगे बढ़ रहा हैं और क्या चाहिए?

हमें लगता है कि जब से भारत ने धारा 370 को समाप्त किया है, पाकिस्तान में बवाल मचा हुआ है, वहां की सरकार, वहां के मंत्री का दिमाग खराब हो चुका है, अजब-गजब की हरकतें कर रहे हैं, हालांकि उनके इस हरकतों से भारत को कुछ नहीं होने जा रहा है, उलटे पाकिस्तान की ही लूटिया डूबनी तय है, पर क्या कहा जाये, वो कहावत है न खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे, यहीं हाल फिलहाल पाकिस्तानियों का है।

जरा देखिये, वे अब तक क्या किये है – पाकिस्तान ने बाघा सीमा पर समझौता एक्सप्रेस छोड़ दी और भारत को कहा कि वो अपना ड्राइवर और गार्ड भेजकर समझौता एक्सप्रेस को ले जाये। उसने भारतीय फिल्मों पर भी बैन लगा दिया। भारत के साथ रिश्तों को डाउनग्रेड करना प्रारंभ किया, साथ ही भारतीय राजदूत को पाकिस्तान से वापस जाने को कह डाला। यही नहीं भारत के साथ व्यापारिक संबंध भी खत्म कर लिये। एक नेता ने तो भारत पर हमले तक करने का बयान दे डाला, पर सच्चाई वो नेता भी जानता है कि भारत पर हमले का नतीजा क्या होगा?

जिस चीन व अमरीका को लेकर पाकिस्तान कूदता है, वो चीन और अमरीका युद्ध  होने पर पाकिस्तान को कितना मदद करेंगे, ये पाकिस्तान को भी पता है, चूंकि भारत ने पाकिस्तान को धारा 370 के नाम पर ऐसी चोट की है, कि पाकिस्तान तिलमिला गया है, अगर पाकिस्तान ऐसी हरकते नहीं करेगा, तो वहां के लोग और उसकी सेना ही सरकार को तबाह करके रख देगी, इसलिए पाकिस्तान सरकार यानी इमरान सरकार की मजबूरी है कि वह भारत के खिलाफ कुछ एक्शन लें।

पर उसके यही एक्शन उसकी अपनी ही गर्दन दबवाने के लिए मजबूर कर देंगे, क्योंकि वर्तमान में पाकिस्तान भयंकर आर्थिक संकट से जूझ रहा है, लोगों को खाने के लाले पड़ें हैं, आम तौर पर आलू-प्याज तक के लिए भारत पर आत्मनिर्भर रहनेवाला पाकिस्तान हाल ही में जब पुलवामा घटना के बाद भारत ने जो अपनी ओर से एक्शन लेने प्रारम्भ किये थे, उससे परेशानी में पड़ गया था, पाकिस्तान के बाजारों की स्थिति बिगड़ गई थी, अकेले टमाटर 200 रुपये किलो तक पहुंच गया था।

ऐसे पाकिस्तान जो भी कर लें, इतना तो यह है कि भारत की सेहत पर कुछ खास फर्क नहीं पड़ने जा रहा, पहले से ही पाकिस्तान का फिल्म उद्योग ठप पड़ा है, भारतीय फिल्मों के कारण कुछ उसके उद्योग चल पड़े थे, जो फिर ठप पड़ेंगे, क्योंकि भारतीय फिल्में पाकिस्तान की मजबूरियां है, ये पाकिस्तान सरकार भी जानती है।

इधर हर भारतीय खुश है, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के बयान को तो वह पाकिस्तानी पार्लियामेंट में सुन चुकी है, अब उसकी नजर भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर हैं, जो आज राष्ट्र के नाम संदेश देंगे, माना जाता है कि वे देश के वर्तमान परिस्थितियों और सरकार द्वारा लिये गये महत्वपूर्ण फैसले पर जनता को विश्वास में लेंगे, भारतीय जनता भी अपने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सुनने के लिए कुछ ज्यादा उत्सुक हैं।

Krishna Bihari Mishra

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