विपक्ष के कड़े तेवर के कारण, न झूकने का कसम खानेवाले झूके सरकार बहादुर, पारा टीचरों की हड़ताल खत्म

झारखण्ड में दो महीने से चली आ रही पारा टीचरों की हड़ताल आखिर खत्म हो गई। जो मुख्यमंत्री रघुवर दास  पारा टीचरों को औकात बताने पर तूले हुए थे, वे जमीन पर आ गये प्रतीत हुए। पारा टीचरों को लेकर संपूर्ण विपक्ष सरकार को सदन से लेकर सड़क तक घेर कर रखा था, चूंकि सरकार को लग चुका था कि जैसे शीतकालीन सत्र पारा टीचरों के कारण हंगामे की भेंट चढ़ गया और सारा तोहमत राज्य सरकार के हठधर्मी रवैये को लगा,

झारखण्ड में दो महीने से चली आ रही पारा टीचरों की हड़ताल आखिर खत्म हो गई। जो मुख्यमंत्री रघुवर दास  पारा टीचरों को औकात बताने पर तूले हुए थे, वे जमीन पर आ गये प्रतीत हुए। पारा टीचरों को लेकर संपूर्ण विपक्ष सरकार को सदन से लेकर सड़क तक घेर कर रखा था, चूंकि सरकार को लग चुका था कि जैसे शीतकालीन सत्र पारा टीचरों के कारण हंगामे की भेंट चढ़ गया और सारा तोहमत राज्य सरकार के हठधर्मी रवैये को लगा, कहीं ऐसा नहीं कि बजट सत्र न चलने का तोहमत भी रघुवर सरकार पर ही लग जाये।

पर सीएम रघुवर दास को नहीं मालूम कि दो महीने तक चली इस हड़ताल ने सरकार की सारी इज्जत जनता के सामने मटियामेट कर दी है, और पारा टीचरों के हड़ताल खत्म होने का सारा श्रेय महागठबंधन ले गया, क्योंकि इस प्रकरण पर विपक्ष की मेहनत रंग लाई और सरकार का बड़बोलापन तथा इस प्रकरण पर मुख्यमंत्री का दिया गया वक्तव्य राज्य की सारी जनता ने देखा, जिसे कोई भी सभ्य व्यक्ति सही नहीं ठहरा सकता।

फिलहाल खुशी इस बात की है, पारा टीचरों की हड़ताल खत्म हो गई है, वह भी तब, जब कई पारा टीचरों ने अपनी जानें गवां दीं, कई लापता हैं, कई के परिवारों के आंसू आज भी नहीं सूख रहे, क्या ऐसे परिवार राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास को माफ कर देंगे, हमें तो नहीं लगता। भले ही पारा टीचरों के हड़ताल खत्म हो गये हो, पर राज्य सरकार ने जो इन्हें जख्म दिये हैं, वे जख्म तब तक नहीं भरेंगे, जब तक यह सरकार सत्ता से बाहर नहीं हो जाती।

इधर जो समझौते हुए है, उस समझौते के तहत वर्ग 6 से 8 तक के पारा शिक्षकों को जो प्रशिक्षित व टेट पास हैं, उन्हें 15 हजार। जो केवल प्रशिक्षित हैं, उन्हें 13 हजार, और जो अप्रशिक्षित हैं, उन्हें 11,500 रुपये मिलेंगे। वर्ग 1 से 5 के पारा शिक्षकों को जो प्रशिक्षित व टेट पास हैं, उन्हें 14 हजार, जो प्रशिक्षित हैं उन्हें 12 हजार और जो अप्रशिक्षित हैं उन्हें 10,500 रुपये प्रति माह मानदेय मिलेंगे।

साथ ही कानूनी सलाह से पारा शिक्षकों पर केस का मसला सुलझाया जायेगा, हड़ताल अवधि का मानदेय का भुगतान नहीं होगा, पर सेवा में टूट नहीं मानी जायेगी, खाली पदों पर पारा शिक्षकों की विशेष काउसिंलिंग की जायेगी, मृत पारा शिक्षकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये सीएम राहत कोष से मिलेंगे, कल्याण कोष से भी मृत शिक्षकों के परिवारों को मिलेंगी राशि तथा के के खंडेलवाल कमेटी की अनुशंसाओं को भी लागू किया जायेगा।

Krishna Bihari Mishra

Next Post

JMM MLA सीमा देवी ने CM रघुवर के भ्रष्टाचार मुक्त झारखण्ड के दावे का सदन में ही खोला पोल

Fri Jan 18 , 2019
सवाल तो साफ है, जब रघुवर सरकार सदन में स्वीकार कर रही है कि बन्दोबस्ती मामले में, अनियमितता के आरोप में तत्कालीन अंचलाधिकारी आलोक कुमार लोकायुक्त द्वारा दोषी पाये गये हैं, और लोकायुक्त कार्यालय के उप-सचिव के पत्रांक संख्या 5762, दिनांक 9.10.18 के संदर्भ में कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग के द्वारा कार्रवाई किया जाना है, तो आखिर ये कार्रवाई अब तक हुई क्यों नहीं?

You May Like

Breaking News