धनबाद प्रशासन बताएं कि किसके इशारे पर और कौन चला रहा है अवैध उत्खनन, जिसके कारण कई लोगों ने जानें गवां दी

धनबाद का निरसा इलाका, जहां इसीएल के कापासरा आउटसोर्सिंग के समीप अवैध खनन के दौरान चाल धंसने से करीब आधा दर्जन लोगों के मौत की संभावना बतायी जा रही हैं तथा आधा दर्जन लोगों के घायल होने की भी खबर है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चूंकि इस इलाके में अवैध खनन का जाल फैला हुआ हैं, जिसके दौरान इस प्रकार की घटना, धनबाद में आम बात है।

समय-समय पर इस प्रकार की खबरें धनबाद तथा पूरे कोयलांचल में सुर्खियां बनती रहती हैं, एक-दो दिन इसे रोकने के लिए चर्चा चलती हैं और फिर किसी अन्य घटना की इंतजार तक ये चर्चाएं विराम को पा जाती है। बताया जा रहा है कि निरसा थाना एवं गल्फरबाड़ी ओपी के बार्डर एरिया पर चल रही कापासरा आउटसोर्सिंग में प्रतिदिन की तरह सौ से डेढ़ सौ लोग, जिसमें महिला एवं पुरुष दोनों थे, अवैध उत्खनन के लिए बड़ी संख्या में एकत्रित थे।

इसी बीच ये लोग अवैध उत्खनन में लगे थे कि दस फीट के दायरे में चाल धंसा और करीब एक दर्जन लोग उस मलबे के चपेट में आ गये, जो बचे वे किसी तरह दूसरे मुहाने से निकलकर जान बचाई, और देखते ही देखते पूरे इलाके में कोहराम मच गया, लोग रोते-बिलखते नजर आने लगे, तथा अपने परिवार के सदस्यों को खोजने में लग गये।

बताया जाता है कि जिनके शव मलवे को हटाने से आसानी से निकल गये, वे अपने शव को घर ले गये, जबकि कई लोगों के शव मलवे के अंदर ही पड़ा बताया जाता है। घटना की जानकारी इसीएल प्रबंधन एवं स्थानीय पुलिस को दे दी गई, फिर भी एक सवाल लोगों के माइंड में उमड़-घुमड़ कर आ रहा है कि अब चालू खदान में भी जब ऐसी घटनाएं होने लगे तो इसके लिए कौन दोषी है?

लोग बताते है कि यहां से अवैध खनन के दौरान निकलनेवाले कोयले को दामोदर नदी के मार्ग से केलियासोल होते हुए रघुनाथपुर व बराकर नदी के मार्ग से जामताड़ा प्रतिदिन दुपहिये वाहन से भेजा जाता है, साथ ही रात के अंधेरे में विभिन्न उद्योगों व फैक्टरियों में भी खपाने का काम चलता है, बहरहाल आस-पास के लोग मृतकों में तीन पुरुष एवं एक महिला की मौत की पुष्टि कर रहे हैं, मृतक आसपास के इलाके के ही हैं, बताया जाता है कि मृतक सियारकनाली, लकड़ाकनाली क्षेत्र के रहनेवाले है, जिसमें दो की पहचान भी हो गई है।