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धिक्कार है बिहार के ऐसे पदाधिकारियों पर जो दिखने में तो इन्सान हैं, पर हैवान से भी बदतर हैं, ऐसे कोरोना क्रिमिनल बिहार के लिए कलंक है

अरे भाई, इस होमगार्ड के जवान की गलती ही क्या है? यही न कि उसने कृषि पदाधिकारी से गाड़ी की पास की मांग कर दी। आखिर, कोई भी गाड़ी सड़क पर तभी निकलेगा, जब उस गाड़ी का पास होगा, ये आदेश किसने निकाला, सभी जानते है कि ये आदेश वरीय प्रशासनिक अधिकारियों ने ही निकाला होगा, और इसको अमल में लाने का आदेश भी नीचे के लोगों को इन्हीं जैसे शख्सों ने दिया होगा।

जब ये उनके ही आदेशों को नीचे के लोग पालन कराने लगे, तो जनाब क्या करेंगे, सरेआम उसकी इज्जत उतारेंगे, उसकी उठक-बैठक करायेंगे, उसे अपने पांव के जूते पर नाक रगड़ने को कहेंगे, उसे जेल भेजने की धमकी देंगे। भाई सुशासन बाबू (नीतीश कुमार) आप का भी शासन के कोई कम वर्ष नहीं हुए, आपने लालू परिवार के शासन की बराबरी कर डाली, पर रिजल्ट जो आ रहा हैं, वो सबको दिख रहा हैं, थोड़ा शर्म अगर हो, तो कही चुल्लू भर पानी में डूब मरिये।

हम आपको बता दें कि ऐसे गिरे हुए टाइप के अधिकारियों की एक बहुत बड़ी शृंखला हैं, जो विभिन्न राज्यों में कही न कही, किसी न किसी रुप में बैठी है, और वो अपनी सामंती सोच कभी न कभी निकाल ही लिया करती हैं, जिससे उस राज्य और उस सरकार की किरकिरी अलग से हो जाया करती है।

कुछ ऐसा ही हरकत, झारखण्ड में एक आइएएस अधिकारी की पत्नी ने किया था, जब ट्रैफिक डीएसपी ने उस आइएएस अधिकारी की पत्नी से ट्रैफिक रुप तोड़ने को लेकर फाइन वसूल कर डाले थे, फिर क्या था, उक्त आइएएस ने उक्त ट्रैफिक डीएसपी को अपनी पत्नी से माफी मांगने को कहा, टैफिक डीएसपी ने साफ-साफ कह डाला कि वो उस आइएएस की पत्नी से माफी नहीं मांगेगा, अंतः में उस ट्रैफिक डीएसपी का सजा के तौर पर ट्रांसफर कर दिया गया, जिसका न्यूज उस वक्त विद्रोही24 डॉट कॉम ने प्रकाशित किया था।

आश्चर्य है कि बिहार में ये घटी घटना का वायरल विडियो, उक्त अधिकारी की सामंती सोच और वहां बक-बक कर रहा एक पुलिस अधिकारी का बोलने का ढंग सब कुछ बता दे रहा है कि बिहार में कानून व्यवस्था व सिस्टम का क्या हाल है? साथ ही बिहार के होमगार्ड के जवानों की इज्जत कैसे इन अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के पैरों की जूतियों के नीचें रौंदी जाती हैं।

जरा सोचिये, उक्त होमगार्ड के जवान की सरेआम रोड पर की गई बेइज्जती, उसका वायरल विडियो उसके परिवार और गांव के लोग देख रहे होंगे तो उन पर क्या गुजर रही होगी, अगर इस घटना के दौरान अपनी इज्जत नीलाम होता देख, उक्त होमगार्ड का जवान कुछ कर गुजरें तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?

हम तो कहेंगे, कि जिस अधिकारी ने उक्त होमगार्ड के जवान के साथ ऐसी हैवानियत की हैं, उसके परिवार के लोगों में थोड़ी सी भी गैरत होगी, तो वह इस शख्स को कहेगा कि जाकर उक्त होमगार्ड जवान और उसके परिवार से अपने किये की माफी मांगे, और रही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तो विधानसभा चुनाव आने ही वाला हैं, ऐसे सामंती सोच को बढ़ावा देनेवाले लोगों को जनता सबक सिखा दें, तो मजा ही आ जाये।

One thought on “धिक्कार है बिहार के ऐसे पदाधिकारियों पर जो दिखने में तो इन्सान हैं, पर हैवान से भी बदतर हैं, ऐसे कोरोना क्रिमिनल बिहार के लिए कलंक है

  • Pankaj kumar

    Sir, आप ही ना कहा करते थे की हर साख पर उल्लू बेठे है अंजामे गुलिस्ताँ क्या होगा..?

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