कांग्रेस ने कहा लॉ यूनिवर्सिटी छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना के लिए क्यों नहीं CM को जिम्मेवार ठहराया जाये?

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सुबोध कांत सहाय ने रांची में कल हुई दुष्कर्म की घटना की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि कल की घटना ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिलाओं की सुरक्षा देने के कई नारा देनेवाली रघुवर सरकार की सच्चाई की पोल खोलकर रख दी है। उन्होंने कहा कि जहां राजधानी रांची में छात्रा को अगवा कर गैंगरेप को अंजाम दिया गया, ऐसी घटना यहां पहली बार नहीं हुई। ऐसी घटनाएं यहां बार-बार होती रही है।

उन्होंने कहा कि बूंटी मोड़ की घटना भला कोई कैसे भूल सकता है। इसीलिए कांग्रेस बार-बार कहती रही है कि इस राज्यमें कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं तथा सरकार का कानून व्यवस्था पर नियंत्रण ही नहीं है, क्योंकि यहां प्रति छह घंटे पर एक दुष्कर्म की घटना हो जा रही है। उन्होंने कहा कि 9 अक्टूबर 18 को जामताड़ा में अपराधियों द्वारा एक महिला का गैंगरेप किया गया तथा उसका गुप्तांग को नष्ट कर दिया गया। 9 जुलाई 19 को साहेबगंज में सातवीं कक्षा के छात्रा के साथ बलात्कार की कोशिश हुई, और एक पिता ने अपनी बच्ची की उन बलात्कारियों से जान बचाई।

8 अगस्त 19 को नामकोम के लोवाडीह स्थित रियाडा के समीप घर लौट रही महिला के साथ गैंगरेप किया गया। 21 सितम्बर 19 को गुमला के गुनजइन गांव की आदिवासी छात्रा के साथ रेप हुई। 14 अप्रैल 19 को गुमला के जारी में युवती समेत महिला परिजनों के साथ बलात्कार हुआ। 14 अप्रैल 19 को मनोहरपुर में स्कूल जा रही छात्रा के साथ बलात्कार हुआ। 14 मार्च को पाकुड़ में चाकू के नोक पर नाबालिग के साथ बलात्कार हुआ।

10 अप्रैल को पाकुड़ में कॉलेज की छात्रा की हत्या के बाद लाश जला दी गई। 8 अप्रैल को रांची के रातू में छात्रा की हत्या कर दी गई। 4 मार्च को रांची के जगन्नाथपुर में युवती के साथ गैंगरेप किया गया। 3 मार्च रांची के तुपुदाना में नशीला पदार्थ खिलाकर नाबालिग से गैगरेप किया गया। 24 फरवरी को चतरा में नाबालिग के साथ गैंगरेप कर फिर उसे किरोसिन डालकर जलाया गया।

सुबोध कांत सहाय का कहना था कि इस तरह की घटना प्रतिदिन हो रही है, इससे चिन्तित होकर ही झारखण्ड के राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने पुलिस के आला-अफसरों को तलब कर विधि-व्यवस्था एवं महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही थी, लेकिन रघुवर सरकार के कार्यकाल में यह सिफर ही रहा। इधर डा. राजेश गुप्ता ने रघुवर सरकार से पांच सवाल पूछे –

  1. महिला सुरक्षा की दावा करनेवाली राज्य सरकार को यह बताना चाहिए कि प्रति छः घंटे में एक दुष्कर्म की घटना का जिम्मेदार कौन है?
  2. आंदोलनरत आंगनवाड़ी सहिया-सेवियों पर पुरुष पुलिस ने जो लाठियां भांजी, क्या उसके लिए भाजपा, लोगों से माफी मांगेगी?
  3. कल दिनांक 28 नवम्बर 19 को जो लॉ यूनिवर्सिटी छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना के लिए क्यों नहीं मुख्यमंत्री को जिम्मेवार ठहराना चाहिए?
  4. महिला दुष्कर्म एवं उसके उपरांत निर्मम हत्या पर पिछले पांच वर्षों में 5500 से अधिक मामले दर्ज किये गये, छेड़खानी के लगभग 6200 से अधिक मामले दर्ज किये गये, इस पर राज्य सरकार मौन क्यों है?
  5. महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं, यह राज्य की जनता को बताना चाहिए, काम करनेवाले महिलाओं के लिए अब तक महिला शिकायत कोषांग का गठन भी सरकारी कार्यालय में नहीं किया गया है। जिस राज्य में महिला पुलिस कर्मी भी सुरक्षित न हो,तो सरकार झूठे दावे कैसे करती है?