कांग्रेस ने कहा, नरेन्द्र मोदी सरकार का बजट यानी खोदा पहाड़ निकली चुहिया, जनता को कोई राहत नहीं

झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सूर्य कान्त शुक्ला ने आज पेश किए गये बजट को गरीब विरोधी तथा कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने वाला बजट बताया है। इन दोनों का कहना था कि इससे विकास की रफ्तार कम होगी। पेट्रोल डीजल की कीमतों में वृद्धि करके सरकार ने गरीबों को महंगाई का बड़ा तोहफा दिया है। श्री दूबे ने कहा कि आम आयकर दाता को भारी निराशा हुई है जो अर्थव्यवस्था के लिए घातक है। 

झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सूर्य कान्त शुक्ला ने आज पेश किए गये बजट को गरीब विरोधी तथा कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने वाला बजट बताया है। इन दोनों का कहना था कि इससे विकास की रफ्तार कम होगी। पेट्रोल डीजल की कीमतों में वृद्धि करके सरकार ने गरीबों को महंगाई का बड़ा तोहफा दिया है। श्री दूबे ने कहा कि आम आयकर दाता को भारी निराशा हुई है जो अर्थव्यवस्था के लिए घातक है। 

प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे एवं सूर्य कान्त शुक्ला ने कहा कि मिडिल इनकम फैमिली को टैक्स में छूट दिए जाने की बड़ी बात की गई थी, पर खोदा पहाड़ और निकली चुहिया चरितार्थ हुई है। मोदी सरकार ने अपने घोषणापत्र में किए गये वायदे पर कोई निर्णय नहीं किया। किसानों की आय दुगुनी करने का वायदा किया था, उससे मुकर गई और प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करने की बात कह दी गई।

बेरोजगारी दूर करने की दिशा में कोई ठोस कार्यक्रम नहीं है। इस बजट से बेरोजगारी बढ़ेगी, ग्रोथ रेट को गति नहीं मिलेगी, क्योंकि मिडिल क्लास के पास खर्च करने के लिए पैसे नहीं हैं, पांच ट्रिलियन इकोनोमी का सपना नहीं पूरा हो सकता है। रेलवे में पीपीपी मोडल लाकर पचास लाख करोड़ का निवेश करके रेलवे निजीकरण की ओर बढ़ा है। बुनियादी संरचना (इनफ्रास्ट्रकचर) पर भी 100 लाख करोड़ निवेश की बात कही गई है, लेकिन फंड कहां से आएगा यह नहीं बताया गया है। यह सपने दिखाने वाला यह बजट है।

किताबों पर ड्यूटी टैक्स लगाने का फैसला समझ से परे है। शिक्षा जगत में भारत को हब बनाने की बात सिर्फ दिवास्वप्न भी है और बेईमानी भी। सोना चांदी गरीब कितना खरीदते हैं सरकार को यह समझना चाहिए। गांव,गरीब और किसानों की बात करने वाली सरकार ने सिर्फ भाषणों और शौचालयों तक ही सीमित रखा है। नेता द्वय ने कहा कि आम आदमी आशाओं और आकांक्षाओं से बजट से उम्मीद लगाए हुए बैठी थी, मगर सरकार ने मूलभूत जरुरतों पर पूरी तरह से निराश किया है तो दूसरी तरफ कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने की प्रतिबद्धता दर्शाई गई है।

Krishna Bihari Mishra

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