राजनीति

कांग्रेस ने स्वतंत्र निर्णय लेकर झामुमो की भावनाओं को ठेस पहुंचाई, अब झामुमो राज्यसभा की दोनों सीटों पर लड़ेगा चुनाव, हेमन्त से पार्टी कार्यकर्ताओं की गुहार

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय महासचिव व प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कि कांग्रेस स्वतंत्र दल है। उसने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। अच्छा होता कि उसका निर्णय भी हेमन्त सोरेन ही करते। उनके पास तो जीत दिलाने के लिए पर्याप्त विधायक भी नहीं हैं। ऐसे में हेमन्त जी के पास उनका आवेदन होना चाहिए था, निवेदन होना चाहिए था। परन्तु उन्होंने निर्णय लेकर, झामुमो को ठेस पहुंचाया है। पार्टी की भावनाओं को हेमन्त जी खुब समझते हैं। वे उचित निर्णय लेंगे।

उन्होंने कहा कि 18 जून को राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव होना तय है। लेकिन राज्यसभा में मतदान हो, ये कोई अनिवार्य शर्त नहीं है। क्योंकि ये अपरोक्ष निर्वाचन होता है। निर्वाचक मंडल में राजनीतिक दल के विधानसभा में चुने गये सदस्यों के संख्या बल पर चुनाव होता है। इसकी गणना भी साफ है कि अगर दो प्रत्याशी है तो फिर निर्विरोध सारी प्रक्रिया पूरी हो जाती है, जो नामांकन के अंतिम दिन ही हो जाती है और यदि दो से अधिक प्रत्याशी होते हैं तो मतदान की स्थिति आ जाती है।

उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभा में 81 सदस्य है। उसको परिकल्पना कर लिया जाता है, निर्वाचन की स्थिति में, जो संपूर्ण संख्या 81 है। उसमें यदि तीन लोग आते हैं, तो 27 की  संख्या आती है और उसमें एक जोड़ दिया जाता है। जो दलगत स्थिति है विधानसभा में, चुनाव पूर्व गठबंधन था झामुमो, कांग्रेस, राजद, और भाकपा माले का, जिसके कुल 56 सदस्य हैं। उस दृष्टिकोण से भी देखें, तो झामुमो गठबंधन के पास जरूरी पर्याप्त आकड़े हैं और हमारा गठबंधन दोनों सीटों पर जीत दर्ज कर सकता है।

उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में, यहां के सारे गठबंधन के लोग, हमारे अलावा जो तीन पार्टियां हैं, सभी ने हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और लोकसभा में पांच सीटें और विधानसभा में 56 सीटें जीतीं। यहां सरकार का गठन किया। ये दोनों चुनाव हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में ही लड़ा गया और राज्यसभा का चुनाव भी हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में ही लड़ा जायेगा।

सुप्रियो ने कहा कि झामुमो के लोगों ने अपने केन्द्रीय अध्यक्ष हेमन्त सोरेन से कहा कि चूंकि कड़ी मेहनत के बाद, विपरीत स्थितियों में रहकर जो चुनाव हमने लड़ा, सफलता पाई, इसलिए वर्तमान में राज्यसभा की दोनों सीटों पर  झामुमो का ही कैंडिडेट होना चाहिए। क्योंकि 2024 के बाद लगातार झामुमो गठबंधन धर्म निभा रहे हैं।

सुप्रियो ने कहा कि बिहार में जब इस बार विधानसभा चुनाव हो रहा था। तब हमने गठबंधन को देखते हुए कांग्रेस और राजद को कहा था कि याद करिये राजद के लोग जब झारखण्ड में उनके केवल एक विधायक हुआ करते थे, तब झामुमो ने उस एक विधायक को भी मंत्री बना के रखा था। उस वक्त कांग्रेस की सीटें कोई ज्यादा नहीं थी, फिर भी उनकी ओर से चार मंत्री बनाकर हमने रखे थे। ऐसे में हमारी भी उनसे उम्मीद थी। लेकिन बिहार में उचित तो छोड़िये, प्रतिनिधित्व ही इनलोगों ने नहीं दिया।

सुप्रियो ने कहा कि ऐसे में पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब झारखण्ड में हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राजनीतिक सफलता मिल रही है। तो फिर पार्टी के ही दो नेताओं को राज्यसभा में जाना चाहिए। उसके लिए सभी ने पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व को अधिकृत कर दिया है और अनुरोध किया है कि सभी जरुरी चीजों की समीक्षा करते हुए, क्योंकि आठ को अंतिम तिथि है, उसके पूर्व निर्णय ले लें, ताकि झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं की भावनाओं को सम्मान मिलें।

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