अभिनन्दन रांची पुलिस, आपका कार्य सिर्फ सराहनीय ही नहीं, प्रशंसनीय भी है, आप बेहतर ढंग से दुर्गा पूजा उत्सव में अपनी बेहतर सेवा दे रहे हैं

सचमुच रांची पुलिस की सराहना करनी होगी। दिन-रात दुर्गा पूजा उत्सव को बेहतर ढंग से संपन्न कराने में इनकी वर्तमान भूमिका सराहनीय ही नहीं, बल्कि प्रशंसनीय भी है। इस भीड़-भाड़वाले दिन में भी बिना चेहरे पर किसी शिकन के अपनी ड्यूटी को ईमानदारी से निभाना कोई सीखें तो इनसे सीखें। विद्रोही24 जहां भी गया, पाया कि रांची पुलिस अपने कार्यों में ईमानदारी बरतती दिखी।

हालांकि जो गड़बड़ करनेवाले तथाकथित लोग हैं, जो इस दुर्गापूजा में भी अपनी धन, शोहरत व महंगे चारपहियेवाहन की गर्मी निकालने से बाज नहीं आये। उन्होंने कानून को तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन इन सबके बावजूद दुर्गापूजा सबकी बेहतर ढंग से निबटें, इसका ध्यान इस बार रांची पुलिस ने विशेष रुप से रखा।

विद्रोही24 जब रांची के बकरीबाजार स्थित भारतीय नवयुवक संघ पहुंचा तो उसने वहां देखा कि बड़ी संख्या में धनबल को प्रदर्शित करनेवाले लोग अपने महंगे चारपहिये वाहनों का प्रदर्शन करने की इच्छा से अपने परिवारों के साथ जमकर चारपहिये वाहनों का उपयोग किया, जिससे यहां बराबर अफरातफरी मचती रही। जो पैदल चलनेवाले लोग थे, तो उनकी जान पर शामत आती रही, फिर भी जो यहां पुलिस तैनात थे, अपनी ओर से बेहतर सेवा देने की कोशिश में लगे रहे।

रांची के कई पंडालों में रांची पुलिस के बैनर टंगे नजर आये, जहां साफ लिखा था कि ‘आप सीसीटीवी की निगरानी में हैं रांची पुलिस’। जब विद्रोही24 ने कुछ आयोजकों से पूछा कि क्या आपके यहां सचमुच सीसीटीवी कैमरा लगा है तो आयोजकों का कहना था – नहीं। लेकिन इन गड़बड़ियों के बावजूद भी ‘आप सीसीटीवी की निगरानी में हैं रांची पुलिस’ का यह छोटा सा बैनर बड़ा काम कर रहा था। गलत करनेवालों में दहशत साफ दिख रही थी। सामान्य लोग बड़े ही आराम से इन पंडालों में मां दुर्गा और उनके समस्त परिवारों का बड़े आराम से दर्शन कर रहे थे।

 

कई पंडालों में रांची पुलिस में कार्यरत महिला पुलिसकर्मियों का भी बड़ा योगदान दिखा। वो ज्यादातर इस बात पर जोर दे रही थी कि महिलाएं के लिए जो पंडाल में जाने का विशेष मार्ग बना है, वे उसी ओर से जाये। इस कार्य में आयोजकों की ओर से भी उन्हें विशेष सुविधा मिल रही थी। एक दो पंडालों में विद्रोही24 ने देखा कि कुछ बच्चों के परिवार से बिछुड़ने पर, उन बच्चों को बड़े ही प्यार से उन परिवारों तक पहुंचाने का काम भी रांची पुलिस द्वारा बड़े प्यार से चल रहा था। रोते बच्चों को हंसाने की कोशिश में रांची पुलिस की इस भूमिका की जितनी प्रशंसा करनी होगी।

विद्रोही24 ने जब कुछ ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों से पूछा कि इस बार दुर्गा पूजा में घर गये या नहीं अथवा रांची में ही रहकर अपने बच्चों व परिवार के साथ दुर्गा पूजा घुमने निकले या नहीं। उनका कहना था कि पुलिस और दुर्गा पूजा या पर्व-त्यौहार मनाना, ये बातें साथ-साथ नहीं चल सकती। इसे भूल जाइये। बच्चे तो हमेशा नाराज रहते हैं। लेकिन क्या किया जाये। फिलहाल ये पर्व-त्यौहार बढ़िया से निकल जाये, ध्यान उसी ओर हैं। नहीं तो कब गाज गिर जायेगा, कुछ कहा नहीं जा सकता।

इन्हीं बातों को लेकर जब विद्रोही24 ने कुछ बुद्धिजीवियों से बातचीत की तो उनका कहना था कि अगर गड़बड़ियों को देखने निकलेंगे तो हर जगह गड़बड़ियां ही दिखेंगी और अच्छाइयां देखने निकलेंगे तो सिर्फ अच्छाइयां ही दिखेंगी, ये तो सब नजर का कमाल है। हां, इस बार रांची पुलिस की ओर से अच्छे काम देखने को मिल रहे हैं। इसकी प्रशंसा होनी चाहिए।

बुद्धिजीवियों का यह भी कहना था कि जिन-जिन दुर्गा पंडालों या उन इलाकों में जिन-जिन पुलिसकर्मियों की तैनाती हुई हैं, पूजा समितियों को चाहिये कि ऐसे पुलिसकर्मियों को दिल से उनका धन्यवाद करें। पूजा समाप्ति के बाद ऐसे पुलिसकर्मियों को सम्मानित करें, क्योंकि बड़े पदों पर रहनेवाले पुलिस पदाधिकारियों को बड़ी-बड़ी पूजा समितियां तो चुनरी ओढ़ाकर या बूके देकर सम्मानित कर देती हैं, पर जिन पर सचमुच दारोमदार रहता है, जो रात-दिन सड़कों पर खाक छानते हुए, ईमानदारी से ड्यूटी कर रहे होते हैं, जब उनको सम्मान नहीं मिलता हैं तो उन्हें भी कष्ट होता ही हैं, इसलिए इस ओर भी ध्यान देने की ईमानदारी से जरुरत हैं।