CM रघुवर JMM के खिलाफ महिलाओं से कुछ उगलवाना चाहते थे, पर दुमका की महिलाओं ने नहीं दिया साथ

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने सोशल साइट पर लगभग एक मिनट का विडियो डाला है, जो एक तरह से विज्ञापन के रुप में प्रस्तुत किया गया है, पर ये विडियो भी उन्हीं पर भारी पड़ता दिख रहा है, क्योंकि इस विडियो में जनता के बीच जो उनका संवाद है, उन संवादों को अगर आप ध्यान से देखें और सुनें तो साफ पता लग जाता है कि जनता झामुमो के खिलाफ न तो एक शब्द सुनने को तैयार हैं और न ही उसके खिलाफ एक शब्द बोलना चाहती है।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने सोशल साइट पर लगभग एक मिनट का विडियो डाला है, जो एक तरह से विज्ञापन के रुप में प्रस्तुत किया गया है, पर ये विडियो भी उन्हीं पर भारी पड़ता दिख रहा है, क्योंकि इस विडियो में जनता के बीच जो उनका संवाद है, उन संवादों को अगर आप ध्यान से देखें और सुनें तो साफ पता लग जाता है कि जनता झामुमो के खिलाफ न तो एक शब्द सुनने को तैयार हैं और न ही उसके खिलाफ एक शब्द बोलना चाहती है।


जरा सीएम रघुवर दास के फेसबुक पेज पर जाइये, और सब कुछ ध्यान से देख लीजिये, वो विडियो आज भी उनके फेसबुक पर डाला गया हैं, पता नहीं किस महामूर्ख ने इसे बनाया है, हमें लगता है कि जिसने भी बनाया है, वो लगता है कि वह खुद भी चाहता है कि सीएम रघुवर का इमेज जनता के सामने खराब हो जाये, क्योंकि आम तौर पर जो इस प्रकार के कार्यों के लिए नियुक्त होते हैं, उनका पहला और अंतिम काम यहीं होता है, कि वे जिससे जिस काम के लिए पैसे ले रहे हैं, उसका काम ईमानदारी से करें, न कि जनता के बीच में उसे ही लेकर बैठ जाये।

पर वो कहा जाता न कि मूर्खों को कितना भी समझा दिजिये, वे समझने को तैयार नहीं होते, यहां यहीं फार्मूला लागू हो जाता हैं और इसमें मूर्ख कौन हैं, ऐसे लोगों का नियुक्त करनेवाला या वे लोग जो इसके लिए नियुक्त हैं, इसका निर्धारण आप ही करें। जरा देखिये, इसमें संवाद क्या है –

“मुख्यमंत्री – मोदी जी को वोट देना है न, महिला – हां। मुख्यमंत्री – एलपीजी सिलिंडर मिला, महिला – हां। मुख्यमंत्री – गरीब लोगों को घर, महिला – हां। मुख्यमंत्री – पहला बार मोदी जी गरीब लोगों को चिन्ता कर रहा है। झारखण्ड मुक्ति मोर्चा किया?  महिला कोई जवाब नहीं देती, शांत हो जाती है। मुख्यमंत्री – चिन्ता किया आजतक, आSSSS, दीदी बोलो, सही बात, कुछ किया वो लोग, महिला कोई जवाब नहीं देती। मुख्यमंत्री – मोदी जी किया, ठीक है इसलिए गांव-गांव में समझाओ, मोदी जी को कमल फूल पर वोट देना है, मुख्यमंत्री आगे जाते हैं, लोगों को बताते है कि झामुमो बहुत ठगा, विकास के तरफ ध्यान दो, मोदीजी को याद रखना हैं।”

और ये सीएम रघुवर दास के लोगों द्वारा बनाया गया एक मिनट का विडियो ये बताने के लिए काफी है कि दुमका में किसका पलड़ा भारी हैं। भाजपा के सुनील सोरेन का या झामुमो के दिशोम गुरु शिबू सोरेन का। ऐसे भी जो लोग दुमका की राजनीति के बारे में जानते हैं, वे राजनीतिक पंडित साफ कह रहे है कि 19 मई को जब मतदान होगा, तो दिशोम गुरु शिबू सोरेन का ही पलड़ा भारी रहेगा, क्योंकि जनता की नजरों में आज भी लोग सीएम रघुवर दास को उतना पसन्द नहीं करते, और रही बात गुरुजी की, तो उनके खिलाफ कौन जायेगा, वह भी तब जबकि सारा इलाका उनको गुरुजी ही मानता हैं, इसलिए इस बार गुरुजी और चेले की लड़ाई में गुरुजी का पलड़ा बहुत भारी है।

Krishna Bihari Mishra

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